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This Article is From Sep 19, 2022

गंभीर ने उठाए बड़े सवाल, कोहली ने शतक बनाया और लोग बस.., "Hero Worship" को लेकर बड़े सवाल

गंभीर ने आरोप लगाया कि इस तरह के किसी को हीरो बनाकर पूजना ठीक नहीं है. जब विराट कोहली ने शतक लगाया तो इस छोटे शहर से आए गेंदबाज ने पांच विकेट हासिल किए तो किसी भी इनके बारे में बात करने की कोशिश नहीं की.

गंभीर ने उठाए बड़े सवाल, कोहली ने शतक बनाया और लोग बस..,  "Hero Worship" को लेकर बड़े सवाल
गंभीर ने कहा भारतीय क्रिकेट में हीरो बनाकर पूजा करना बंद करें
नई दिल्ली:

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर, जिन्होंने 2007 टी 20 विश्व कप और 2011 आईसीसी विश्व कप में भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उन्होंने भारतीय क्रिकेट में "हीरो पूजा" की समस्या पर खुल कर बात की.  द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान, जहां उनसे इस विषय के बारे में पूछा गया, गंभीर ने हाल ही में संपन्न एशिया कप में अफगानिस्तान के खिलाफ मैच से विराट कोहली और भुवनेश्वर कुमार का उदाहरण देकर अपनी बात कही. 

गंभीर ने उस मैच का जिक्र किया जिससे पहले भारत की टीम एशिया कप से बाहर हो चुकी थी. श्रीलंका और पाकिस्तान की टीम एशिया कप के फाइनल में पहले ही जगह बना चुकी थी. इस मैच में अफगानिस्तान के खिलाफ विराट कोहली और भुवनेश्वकर कुमार ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई. 

कोहली ने इस मैच में अपने करियर का पहला मेडन शतक लगाया जो कि पिछले तीन साल में विराट कोहली के बल्ले से निकला पहला शतक था. विराट के इस शतक की सभी ने मिलकर तारीफ की, भुवनेश्वर कुमार ने भी पांच विकेट हासिल किए जो किसी को भी याद नहीं है.   गंभीर ने आरोप लगाया कि इस तरह के किसी को हीरो बनाकर पूजना ठीक नहीं है. जब विराट कोहली ने शतक लगाया तो इस छोटे शहर से आए गेंदबाज ने पांच विकेट हासिल किए तो किसी भी इनके बारे में बात करने की कोशिश नहीं की. गंभीर ने कहा कि कॉमेंट्र के दौरान सिर्फ मैंने कहा कि भुवनेश्वर कुमार ने 4 ओवर में पांच विकेट हासिल किए. भारत को इस तरह से हीरो पूजा से बाहर आना होगा. 

दो चीजों की वजह से ही ये होता है पहला तो सोशल मीडिया पर फोलोअर्स जो कि इस देश में सबसे फेक चीज है क्योंकि आप इस बात से जज किए जाते हो कि आपके सोशल मीडिया पर फोलोअर्स कितने हैं और दूसरा मीडिया और ब्रॉडकास्टरों के द्वारा. अगर आप पूरे दिन एक ही आदमी के बारे में पूरे दिन बात करोगे तो वे अपने आप एक ब्रांड बन जाता है. 

ऐसा ही 1983 में था. शुरुआत धोनी से ही क्यों? इसकी शुरुआत 1983 में हुई थी. जब भारत ने पहला विश्व कप जीता था, तब सब कुछ कपिल देव के बारे में था. जब हम 2007 और 2011 में जीते थे तो वह धोनी थे. इसे किसने बनाया? किसी भी खिलाड़ी ने नहीं किया. बीसीसीआई ने भी नहीं किया. 

क्या समाचार चैनलों और प्रसारकों ने कभी भारतीय क्रिकेट के बारे में बात की है? क्या हमने कभी कहा है कि भारतीय क्रिकेट को फलने-फूलने की जरूरत है? मुश्किल से दो या तीन से अधिक लोग नहीं होंगे जो भारतीय क्रिकेट के हित के बारे में बात करते हों. 
 

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