चेपॉक में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 8 विकेट की जीत के साथ चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल 2026 के लिए अपनी प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखा है. अंशुल कंबोज की अगुवाई में गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन के दम पर पहले चेन्नई ने मुंबई को सिर्फ 159 रन बनाने दिए और फिर ऋतुराज गायकवाड़ और कार्तिक शर्मा के नाबाद अर्द्धशतकों के दम पर 11 गेंद रहते ही जीत हासिल की. अनकैप्ड युवा विकेटकीपर बल्लेबाज के लिए चेन्नई सुपर किंग्स ने नीलामी में 14.2 करोड़ की मोटी रकम चुकाई थी. इस सीजन उन्होंने मुंबई के खिलाफ मैच से पहले तक 5 पारियों में 58 रन बनाए थे. लेकिन शानिवार को उन्होंने दिखाया है कि क्यों चेन्नई उन पर भरोसा जता रहा था. कार्तिक के प्लेइंग इलेवन में शामिल होने से एक सवाल और उठता है कि क्या चेन्नई प्रबंधन ने अब धोनी को अपनी प्लानिंग से बाहर रख दिया है और पूर्व 5 बार के कप्तान का औनपचारिक संन्यास हो चुका है. सीजन की शुरुआत से पहले धोनी के संन्यास को लेकर चर्चाएं हो रही थी. लेकिन टूर्नामेंट के शुरु होने से कुछ दिनों पहले ही यह दिग्गज चोटिल हो गया.
XI में तीन धुरंधर विकेटकीपर
पिछले सीजन टीम ने राजस्थान से संजू को ट्रेड किया था. सैमसन विस्फोटक विकेटकीपर ओपनर है. इसके बाद जब आयुष म्हात्रे चोटिल हुए तो टीम ने उर्विल को मौका दिया. अब संजू, कार्तिक और उर्विल, एक ही समय में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा हैं और तीनों ही विकेटकीपर है. ऐसे में सवाल उठना लाज़मी है, क्या टीम की प्लानिंग में अब महेंद्र सिंह धोनी पूरी तरह किनारे हो चुके हैं?
कार्तिक शर्मा की दस्तक ने खोली बहस
मुंबई इंडियंस के खिलाफ पिछले मुकाबले में कार्तिक शर्मा ने जिस आत्मविश्वास के साथ अर्धशतक जड़ा, उसने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को एक ठोस विकल्प दिया है. विकेट के पीछे भी सक्रिय और बल्लेबाज़ी में फिनिशर की भूमिका निभाने वाले कार्तिक प्लेइंग XI का मजबूत दावेदार बन चुके हैं. उनकी पारी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि दबाव में मैच को संभालने का संकेत भी दे गई—यही वह गुण है, जो कभी धोनी की सबसे बड़ी ताकत हुआ करता था. चेन्नई के बैटिंग कोच ने भी कार्तिक का समर्थन किया था.
उर्विल पटेल: चुपचाप मजबूती से जगह बनाते हुए
उर्विल पटेल ने भले ही सुर्खियां कम बटोरी हों, लेकिन उनकी निरंतरता टीम मैनेजमेंट की नजरों से ओझल नहीं रही है. सीमित मौके मिलने के बावजूद उन्होंने तेजी से रन बनाने और विकेट के पीछे चुस्ती दिखाने का भरोसा दिलाया है. यही वजह है कि उन्हें सिर्फ बैक‑अप नहीं, बल्कि रोटेशन प्लेयर के रूप में देखा जाने लगा है.
पहले से मौजूद संजू सैमसन
टीम में संजू सैमसन जैसे अनुभवी विकेटकीपर‑बल्लेबाज पहले से मौजूद है. सीजन में शतक लगा चुके हैं. उन्हें जिस भरोसे पर चेन्नई लाया गया था, वो अभी तक उस पर खरे उतरे हैं. वह न केवल शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी का विकल्प देते हैं, बल्कि कप्तानी अनुभव भी साथ लाते हैं. ऐसे में सवाल यह नहीं कि कौन खेलेगा, बल्कि यह है कि तीन विकेटकीपरों के साथ टीम संयोजन कितना व्यावहारिक है.
'धोनी युग' परिवर्तन मोड में चेन्नई?
यही सबसे बड़ा और संवेदनशील सवाल है. महेंद्र सिंह धोनी लंबे समय से CSK की रणनीति, माइंडसेट और ड्रेसिंग रूम संस्कृति का केंद्र रहे हैं. लेकिन IPL 2026 में उनकी भूमिका ज्यादा मेंटॉरशिप और मार्गदर्शन तक सीमित दिख रही है. यह कहना जल्दबाजी होगी कि धोनी पूरी तरह बाहर हो चुके हैं, लेकिन इतना साफ है कि अब वह पहला नाम नहीं, बल्कि बैक‑एंड प्लानिंग का हिस्सा बनते जा रहे हैं. आईपीएल 2026 शायद वही सीजन है, जहां चेन्नई सुपर किंग्स यह तय कर रही है कि भावनाओं से चलने वाली टीम बने रहना चाहती है या पूर्णत: भविष्य‑केंद्रित फ्रेंचाइज़ी.
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