- कुछ ही दिनों बाद यूएई में शुरू होगा आईपीएल
- टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही शुरू हुए विवाद
- ..लेकिन ये विवाद सबसे बड़े हैं!
कुछ ही दिनों बाद यूएई (UAE) में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) शुरू होने जा रही है. ऐसे में करोडों क्रिकेटप्रेमी पुराने संस्मरणों और रिकॉर्डों को भी याद कर रहे हैं, इनके बारे में चर्चा कर रहे हैं. इसी कड़ी में आप आपको आज बताते हैं आईपीएल (Indian Premier League) के उन 5 पांच सबसे बड़े विवादों के बारे में, जो आज भी जहन में आते हैं, तो बहुत ही अजीब सा लगता है कि आखिर ये सब क्यों हुआ. हालांकि, यूएई में कुछ दिनों बाद शुरू होने जा रहे आईपीए (IPL 2020) के 13वें संस्करण में भी टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही कई विवाद हो गए, लेकिन हम जो आपको विवाद बताने जा रहे हैं, उनके आगे वर्तमान विवाद बहुत ही छोटे हैं. चलिए जान लीजिए आईपीएल के पिछले 13 साल के इतिहास के पांच सबसे बड़े विवादों के बारे में.
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1. स्लैपगेट ने हिला दिया!
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना आईपीएल के पहले ही संस्सकरण साल 2008 में हुई. मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन के बीच खेले गए मुकाबले के बाद यह घटना घटी. यह कैमरे में सीधी तो दर्ज नहीं हो सकी, लेकिन मैच के बाद हरभजन को मैदान पर सुबकते हुए देखा गया. बाद में तस्वीर साफ हुई, तो पता चलता हरभजन ने श्रीसंत को थप्पड़ जड़ा था. कारण का आज तक नहीं पता चला कि हुआ क्या था, लेकिन यह आईपीएल के सबसे बड़े विवादों में से एक है. हरभजन को 11 मैचों का प्रतिबंध झेलना पड़ा और उन्हें काफी नुकसान झेलना पड़ा.
2. ललित मोदी की एक गलती..और हो गई विदाई!
आईपीएल के विचार ललित मोदी का ही था और उन्हें तत्कालीन अध्यक्ष श्रीनिवासन का पूरा समर्थन मिला. साल 2008 से 10 तक आईपीएल बड़े ब्रांड और विश्व स्तरीय प्रोडक्ट बन गया और इसमें मोदी का बड़ा योगदान रहा. ललित मोदी से तत्कालीन मंत्री शशि थरूर विवाद हुआ, तो यहां से सारी चीजें मोदी के उलट हो गईं. ललित मोदी एकदम हीरो से विलेन बन गए और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में बीसीसीआई ने उन्हें आजीवन प्रतिबंधित कर दिया. मोदी फिलहाल लंदन में रहते हैं.
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3. स्पॉट-फिक्सिंग लेकर आया बदनामी!
यह साल 2013 था, जो आईपीएल के लिए बड़ी बदनामी लेकर आया और इससे टूर्नामेंट की साख पर बट्टा लगा. स्पॉट फिक्सिंग स्कैंडल में श्रीसंत, अजित चंदेा और अंकित चव्हाण को सलाखों के पीछे जाना पड़ा. राजस्थान के मालिक राज कुंद्रा भी प्रतिबंधित हो गए और उन्हें अपनी टीम बेचनी पड़ी. चेन्नई की टीम भी पर भी बैना ला और श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन पर आजीवन प्रतिबंध लगा.
4. टीमों को दिखाया बाहर का रास्ता
बीसीसीआई के साथ करार को पूरा करने में विफल रहने और वित्तीय गड़बड़ियों के चलते डेकन चार्जर्स , कोच्चि टस्कर्स केरल और पुणे वॉरियर्स को बीसीसीआई ने बैन कर दिया. डेकन की टीम दूसरे सेशन की विजेता थी, जबकि कोच्चि की टीम एक ही सेशन खेली. वहीं पुणे वॉरियर्स की टीम बाहर होने से पहले तीन सेशन में कुछ खास नहीं कर सकी
5. किंग खान भी हुए प्रतिबंधित
साल 2012 में केकेआर के मालिक शाहरुख खान के वानखेड़े स्टेडियम में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया. शाहरुख खान पर मैदानकर्मियों से अभद्रता का आरोप लगा. हुआ यह कि शाहरुख खान को मैदान प्रवेश करने से एक बुजुर्ग ड्यूटीकर्मी ने रोक दिया. इसने बादशाह खान की इगो को ऐसे हर्ट किया कि वह अपना आपा खो बैठे. बाद में मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने उन पर स्टेडियम में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया. हालांकि, 2015 में यह प्रतिबंध हटा लिया गया.
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