
अमित मिश्रा की फाइल तस्वीर
नई दिल्ली:
ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर टीम इंडिया पहले दो वनडे गंवाकर सीरीज में 0-2 से पिछड़ चुकी है और यहां से वापसी की राह मुश्किल नजर आ रही है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयन चैपल ने सीरीज में अमित मिश्रा को नजरअंदाज किए जाने पर सवाल उठाए हैं। चैपल के मुताबिक मिश्रा के टीम में रहने से टीम इंडिया को फायदा हो सकता था।
पर्थ और ब्रिसबेन, दोनों वनडे में भारत ने टॉस जीतकर 300+ का स्कोर खड़ा किया, लेकिन टीम इसका बचाव करने में नाकाम रही। दोनों वनडे में भारत के स्पिनर आर अश्विन और रवींद्र जडेजा रन रोकने में नाकाम दिखे। चैपल ने कहा कि ऐसे मौके में मिश्रा का लेग-स्पिन कप्तान एमएस धोनी के काम आ सकता था।
चैपल ने एक क्रिकेट बेवसाइट को कहा, टीम इंडिया ने दौरे पर लेग-स्पिनर अमित मिश्रा को नहीं लाकर गलती की है। ऑस्ट्रेलिया के माहौल में बिग बैश लीग में कई लेग-स्पिनर सफल रहे हैं। जडेजा के टीम में शामिल किए जाने पर चैपल ने सवाल उठाते हुए कहा, जडेजा को किसने टीम में शामिल किया। वह सिर्फ रन रोक सकते हैं।
वहीं अश्विन के प्रदर्शन पर चैपल कहते हैं कि अश्विन रन रोकने की कोशिश करते दिख रहे हैं, जबकि उन्हें विकेट लेने के लिए टीम में रखा गया है। आर अश्विन ने पहले वनडे में 7.55 की इकॉनोमी से 9 ओवर में 68 रन दिए और दो विकेट लिए, जबकि दूसरे वनडे में उन्होंने बिना कोई विकेट निकाले 10 ओवर में 60 रन लुटाए। पर्थ में जडेजा का इकॉनोमी 6.77 का रहा और ब्रिसबेन में 5.55 की इकॉनोमी से उन्होंने गेंदबाजी की।
चैपल ने धोनी को सलाह देते हुए कहा, 'बल्लेबाजी हमेशा से टीम इंडिया की ताकत रही है और गेंदबाजी कमजोरी। ऐसे में भारत को लक्ष्य का पीछा करना चाहिए ना कि लक्ष्य बनाना चाहिए। अगर ऑस्ट्रेलिया पहले बल्लेबाजी करे तो 350+ का स्कोर बना सकती है और भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव होगा, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी भारत से बेहतर है।'
इयन चैपल भले ही टीम इंडिया के प्रदर्शन पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हों, लेकिन दबी जुबान में क्रिकेट के कई जानकार पहले ही मान चुके हैं कि भारतीय टीम के चयन में खामी रही है। खिलाड़ियों को विदेशी पिच और माहौल के आधार पर चुनने के बजाए घरेलू जमीन पर किए प्रदर्शन के आधार पर चुना जाता है। ऐसे में घर में शेर रहे स्टार क्रिकेटर विदेशी जमीन पर फ्लॉप होकर औंधे मुंह गिरते हैं।
पर्थ और ब्रिसबेन, दोनों वनडे में भारत ने टॉस जीतकर 300+ का स्कोर खड़ा किया, लेकिन टीम इसका बचाव करने में नाकाम रही। दोनों वनडे में भारत के स्पिनर आर अश्विन और रवींद्र जडेजा रन रोकने में नाकाम दिखे। चैपल ने कहा कि ऐसे मौके में मिश्रा का लेग-स्पिन कप्तान एमएस धोनी के काम आ सकता था।
चैपल ने एक क्रिकेट बेवसाइट को कहा, टीम इंडिया ने दौरे पर लेग-स्पिनर अमित मिश्रा को नहीं लाकर गलती की है। ऑस्ट्रेलिया के माहौल में बिग बैश लीग में कई लेग-स्पिनर सफल रहे हैं। जडेजा के टीम में शामिल किए जाने पर चैपल ने सवाल उठाते हुए कहा, जडेजा को किसने टीम में शामिल किया। वह सिर्फ रन रोक सकते हैं।
वहीं अश्विन के प्रदर्शन पर चैपल कहते हैं कि अश्विन रन रोकने की कोशिश करते दिख रहे हैं, जबकि उन्हें विकेट लेने के लिए टीम में रखा गया है। आर अश्विन ने पहले वनडे में 7.55 की इकॉनोमी से 9 ओवर में 68 रन दिए और दो विकेट लिए, जबकि दूसरे वनडे में उन्होंने बिना कोई विकेट निकाले 10 ओवर में 60 रन लुटाए। पर्थ में जडेजा का इकॉनोमी 6.77 का रहा और ब्रिसबेन में 5.55 की इकॉनोमी से उन्होंने गेंदबाजी की।
चैपल ने धोनी को सलाह देते हुए कहा, 'बल्लेबाजी हमेशा से टीम इंडिया की ताकत रही है और गेंदबाजी कमजोरी। ऐसे में भारत को लक्ष्य का पीछा करना चाहिए ना कि लक्ष्य बनाना चाहिए। अगर ऑस्ट्रेलिया पहले बल्लेबाजी करे तो 350+ का स्कोर बना सकती है और भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव होगा, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी भारत से बेहतर है।'
इयन चैपल भले ही टीम इंडिया के प्रदर्शन पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हों, लेकिन दबी जुबान में क्रिकेट के कई जानकार पहले ही मान चुके हैं कि भारतीय टीम के चयन में खामी रही है। खिलाड़ियों को विदेशी पिच और माहौल के आधार पर चुनने के बजाए घरेलू जमीन पर किए प्रदर्शन के आधार पर चुना जाता है। ऐसे में घर में शेर रहे स्टार क्रिकेटर विदेशी जमीन पर फ्लॉप होकर औंधे मुंह गिरते हैं।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, अमित मिश्रा, इयन चैपल, महेंद्र सिंह धोनी, टीम इंडिया, क्रिकेट, भारत-ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज, India Vs Australia, Amit Mishra, Ian Chappell, MS Dhoni, Team India, Cricket