T20 World Cup 2026: कोई भी बड़ा बल्लेबाज अपना सर्वश्रेष्ठ अक्सर बड़े मैचोें के लिए बचाकर रखता है. और टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 राउंड में रविवार को अभी तक खेले गए सात में से भारत के लिए तीसरा खेलने वाले संजू सैसमन (Sanju Samson) ने विंडीज के खिलाफ करो या मरो के मुकाबले में साबित किया क्यों टीम प्रबंधन उन पर इतना भरोसा करता है. रविवार को कोलकाता के ईडेन गॉर्डन में जब हर हाल में 196 रनों का लक्ष्य का पीछा करने मैदान पर उतरी टीम इंडिया के शुरुआती विकेट नियमित अंतराल पर गिरे, तो संजू सैमसन ने मेगा इवेंट में पिछली पारियों को भुलाते हुए और दबाव के बीच एक छोर पर लंगर डालकर खूंटा गाड़ने के साथ ही आक्रामक रवैये के साथ बल्लेबाजी की.
दवाब में भी बनाए रखी आक्रामकता
जब पावर-प्ले में भारत ने दो विकेट गंवा दिए थे, और टीम इंडिया पर दबाव था, तो ऐसे समय में भी संजू ने आक्रामकता नहीं छोड़ी. न ही संजू का सुर तब बदला, जब कप्तान सूर्यकुमार यादव (18) भी थोड़े तेवर दिखाने के बाद जल्द आउट हो गए. संजू का आक्रामक 'सुर' लगातार बना रहा और उन्होंने सिर्फ 26 गेंदों पर अर्द्धशतक बनाकर टीम के लिए अनिवार्य और जरूरी रन गति को दबाव में भी बनाए रखा. परिणाम इसका यह रहा कि न केवल दबाव दूसरे छोर पर नए बल्लेबाज से पूरी तरह दूर रहा, तो सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए टीम के लिए जरूरी रन गति की दर भी एक तय सीमा से ऊपर नहीं ही गई.
होल्डर टेस्ट भी बखूबी पास किया संजू ने
विंडीज के खिलाफ ईडेन पर करो-मरो के मुकाबले में सैमसन कई तरह के दबाव के साथ ही पारी की शुरुआत करने नहीं उतरे थे, बल्कि उन पर 'होल्डर टेस्ट' पास करने का भी दबाव था. बात यह थी कि इस पारी से पहले होल्डर के खिलाफ संजू का रिकॉर्ड खासा खराब था. इस पारी से पहले संजू ने होल्डर के खिलाफ टी20 में 52 गेंदों पर 57 रन बनाए थे. और इस कड़ी में वह चार बार आउट हुए. और मैच से पहले सैमसन का होल्डर के खिलाफ औसत 14.25 का था. लेकिन सबसे बड़े मौके पर संजू ने न केवल शानदार वापसी करते हुए बड़े मंच के किसी राजा की तरह अर्द्धशतकीय पारी खेली, बल्कि उन्होंने होल्डर टेस्ट भी शत-प्रतिशत नंबरों से पास किया.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं