Devdutt Padikkal give tension to 3 batters: श्रीलंका दौरा खत्म होना अभी बाकी है, लेकिन यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि इस छोटे से दौरे की सबसे बड़ी देन लेफ्टी देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) हैं. देवदत्त ने जड़े लगातार दो शतकों ने टीम इंडिया के लिए चेतेश्वर पुजारा के रियाटयरमेंट के बाद नंबर-3 को लेकर पैदा हुए बड़े सवाल का 'आधा जवाब' इस सीरीज के जरिए दे दिया है. और 50 प्रतिशत जवाब तब मिलेगा, जब यह लेफ्टी बल्लेबाज सेना देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) की पिचों पर बैटिंग करने उतरेगा. बहरहाल देवदत्त के लगातार दो शतकों से नंबर तीन का आधा जवाब दिया, तो टीम में नया संतुलन पैदा हो गया है.
देवदत्त ने बंद किए 'कुछ रास्ते'
चेतेश्वर पुजारा के रिटायरमेंट के बाद भारत ने इस नंबर पर कप्तान शुभमन गिल, साई सुदर्श, करुण नायर, विराट कोहली और केएल राहुल को आजमाया था. लेकिन इस प्रदर्शन ने नंबर-3 पर फिलहाल गिल और केएल राहुल के 'रोटेशन के रास्ते' बंद कर दिए हैं. पहले कुछ स्टार बल्लेबाजों के मूल क्रम पर नाकाम होने के बाद इन्हें ऊपर-नीचे कर दिया जाता जाता था, लेकिन अब इसकी गुंजाइश लगभग खत्म हो चुकी है, तो सवाल यह भी है कि अब यहां से साई सुदर्शन को लेकर प्रबंधन की नीति क्या होगी? वहीं, और भी खिलाड़ियों पर दबाव बहुत बढ़ गया है. https://ndtv.in/cricket/devdutt-padikkal-2nd-test-century-vs-sri-lanka-colombo-india-vs-sri-lanka-hindi-11947872
केएल राहुल पर बढ़ गया दबाव
केएल राहुल का अभी तक के करीब 70 टेस्ट मैचों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बतौर ओपनर आया है. कोलंबो टेस्ट से पहले तक केएल ने बतौर ओपनर 26 टेस्ट मैचों में 40.02 का औसत निकाला है. वहीं, जब उन्होंने बतौर ओपनर जिन मैचों में पहली गेंद का सामना नहीं किया, उनमें 39 टेस्ट में 37.21 का औसत निकाला है. जबकि नंबर तीन पर केएल ने 5 टेस्ट की 7 पारियों में 60.21 के औसत, 1 शतक और इतने ही अर्द्धशतक से 112 रन बनाए हैं. साफ है कि अब केएल राहुल को जो करना होगा, वह बतौर ओपनर ही करना होगा क्योंकि दरवाजा नंबर-3 पर बंद हो चुका है. अब बतौर ओपनर विफलता उन्हें नंबर-3 पर फिट नहीं करा पाएगा.
बढ़ गई श्रेयस अय्यर की भी मुश्किलें
देवदत्त के लगातार दो शतकों ने श्रेयस अय्यर की वापसी पर भी असर डाला है. करीब दो साल पहले अपना आखिरी टेस्ट खेलने वाले अय्यर की ओर सेलेक्टर देख रहे थे, लेकिन अब जब कप्तान शुभमन गिल नंबर चार पर चले गए हैं, तो एक तरह से अय्यर की वापसी एक कदम पीछे चली गई है.
सवाल सबसे बड़ा साई सुदर्शन का
टेस्ट सीरीज से पहले नंबर-3 पर नियमित हो चुके साई सुदर्शन की चोट पडिक्कल के लिए मानो वरदान बन गई. अगर साई नहीं होते, तो पडिक्कल इलेवन में नहीं ही आते. और अब जब लगातार जड़े दो शतकों ने इलेवन के चयन के पूरे समीकरण बदल दिए हैं, तो यहां अब बड़ा सवाल यह है कि साई सुदर्शन के पूरी तरह फिट होने के बाद इलेवन में फिर से सुदर्शन खेलेंगे या फिर पडिक्कल? यहां से अब यही सबसे बड़ा सवाल है.
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