Yashasvi Jaiswal's act: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो के बीच सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब स्टेडियम में रविवार को शुरू हुए बहुत ही अहम दूसरे टेस्ट में जिसने भी भारतीय लेफ्टी ओपनर यशस्वी जायसवाल (Yashavi jaiswal) के आउट होने के बाद जो नजारा देखा, वह हर किसी को हैरान कर गया. पिछले काफी मैचों से आउट-ऑफ फॉर्म चल रहे जायसवाल ने अच्छे 45 रन बनाए, लेकिन आगे की गेंद को पीछे खेलने गए, तो नीची रहती गेंद उनकी गिल्लियां बिखेर गईं. इसके बाद श्रीलंकाई बॉलर असिथा फर्नांडो ने वैसे ही 'शब्दबाण' दागे, जैसा आमतौर पर सभी बॉलर करते हैं, लेकिन इसके बाद जो यशस्वी जायसवाल ने जो किया वह आमतौर पर बमुश्किल ही कोई बल्लेबाज करता है. जायसवाल की यह हरकत न ही पूर्व दिग्गजों को पसंद आई, न ही फैंस और अपनी इस हरकत के लिए यशस्वी को खासी मार झेलनी पड़ सकती है.
Naah, that was not required Yashasvi Jaiswal pic.twitter.com/HqDdAZfhO0
— Wickets Hitting (@offpacedelivery) August 23, 2026
आखिर पीछे मुड़ने की जरूरत क्या थी?
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शब्दबाण दागना कोई नई बात नहीं है. और बॉलर और गेंदबाज के बीच यह सब चलता ही रहता है. लेकिन यह बहुत ही अजीब नजारा रहा कि आउट होने के बाद पवेलियन की ओर लौटने के लिए आगे बढ़ने के बाद जायसवाल उत्तेजित होकर पीछे वापस लौटे. यह बताता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतनी क्रिकेट खेलने के बावजूत जायसवाल में वह जरूरी धैर्य नहीं है, जो किसी परिपक्व बल्लेबाज में होना चाहिए. और अगर ऐसा नहीं है, तो यह उनकी पिछले दिनों की लगातार नाकामियों के बाद उपजी हताशा ही है. लेकिन बात यहीं ही नहीं रूकी.

लाइन पार कर गए जायसवाल
बहरहाल, पीछे लौटने के बाद यशस्वी जायसवाल ने वह लाइन पार कर ही दी,जिसे रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने दिशा-निर्देश बनाए हुए हैं. करोड़ों फैंस ने साफ देखा कि जायसवाल ने श्रीलंकाई पेसर असिथा फर्नांडों के शरीर के एकदम नजदीक आकर अपने हेलमेट के ऊपरी हिस्से को इरादतन उनके चेहरे से सटा दिया. इसी के साथ ही 'शारीरिक संपर्क न करने' की मर्यादित रेखा को भी उन्होंने पार कर दिया. और अब जायसवाल की इस हरकत से उन सजा का बड़ा खतरा मंडरा गया है. सजा क्या होगी यह तो मैच के बाद मैच रेफरी मैदानी अंपायरों की रिपोर्ट और फिर सुनवाई के बाद ही लेंगे. लेकिन जायसवाल फंसते दिख रहे हैं और आप इस बार में आईसीसी के नियम जान लीजिए:
क्या कहती है ICC की आचार-संहिता
अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी अन्य खिलाड़ी (गेंदबाज/अंपायर) की ओर आक्रामक रूप से बढ़ना, उनसे अनुचित शारीरिक संपर्क बनाना या उनके पास जाकर बहस/उकसावा करना आईसीसी की आचार संहिता 2.1.1/2.4 के तहत आता है. और इससे लेवल-1 या लेवल-2 का अपराध माना जाता है.
संभावित कार्रवाई और सजा
आउट होने के बाद वीडियो में कोई भी यह देख सकता है कि यशस्वी जायसवाल ने 'शारीरिक संपर्क' किया. और अब जायसवाल को यह सजा झेलनी पड़ सकती है.
1. यदि मैच रेफरी इसे लेवल-1 का अपराध (केवल तीखी बहस और हल्की धक्का-मुक्की/उकसावा) मानते हैं, तो जायवाल को 50 प्रतिशत मैच फीस काटने के साथ ही उन्हें 1-2 डिमेरिट प्वाइंट्स दिए जा सकते हैं.
2. वहीं, जायसवाल यदि ICC के लेवल-2 अपराध (जानबूझकर आक्रामक शारीरिक संपर्क/धक्का-मुक्की) के दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें 50 से 100 प्रतिशत तक मैच फीस गंवानी पड़ सकीत है, तो मैच रेफरी उन्हें 3-4 डिमेरिट प्वाइंट्स भी दे सकते हैं.
और यदि खिलाड़ी के खाते में 4 डिमेरिट प्वाइंट्स जमा हो जाते हैं, तो खिलाड़ी विशेष पर 1 टेस्ट या 2 वनडे/टी20 मैचों का प्रतिबंध भी झेलना पड़ सकता है.
डिमेरिट प्वाइंट्स को समझें
डिमेरिट प्वाइंट्स आईसीसी द्वारा खिलाड़ियों के मैदान पर खराब व्यवहार (Code of Conduct Breaches) को रोकने और अनुशासन बनाए रखने के लिए बनाया गया एक 'पेनल्टी सिस्टम' है. यह सिस्टम ठीक वैसे ही काम करता है जैसे ट्रैफिक पुलिस का ड्राइविंग लाइसेंस पर चालान या पॉइंट काटने का सिस्टम होता है. गलती छोटी हो या बड़ी, आपके खाते में प्वाइंट्स जुड़ते हैं और एक सीमा पार होते ही बैन लग जाता है.
अपराध के हिसाब से कितने डिमेरिट प्वाइंट्स मिलते हैं?
ICC की आचार संहित को चार लेवल के अपराध में बांटा गया है. हर लेवल के अपराध की गंभीरता के हिसाब से खिलाड़ी को डिमेरिट प्वाइंट्स मिलते हैं. चलिए डिटेल से जानें:-
| अपराध का लेवल | उदाहरण | डिमेरिट प्वाइंट्स |
| Level 1 | अंपायर के फैसले पर असंतोष जताना, अपशब्द कहना, छोटी-मोटी बहस | 1 से 2 डिमेरिट प्वाइंट |
| Level 2 | जानबूझकर खिलाड़ी से शारीरिक टकराना, भारी गाली-गलौज | 3 से 4 डिमेरिट प्वाइंट |
| Level 3 | अंपायर को डराना/धमकाना, गंभीर आक्रामक व्यवहार | 5 से 6 डिमेरिट प्वाइंट्स |
| Level 4 | शारीरिक हिंसा, मैदान पर मारपीट | 7 से 8 डिमेरिट प्वाइंट्स |
डिमेरिट प्वाइंट्स होने पर खिलाड़ी पर बैन कैसे लगता है
जैसे-जैसे खिलाड़ी मैदान पर गलती करता है, उसके डिमेरिट प्वाइंट्स 24 महीने (2 साल) की अवधि के लिए उसके रिकॉर्ड में जमा होते रहते हैं. फिर खिलाड़ी पर कुछ ऐसे गाज गिरती है.
4 डिमेरिट प्वाइंट्स: खिलाड़ी पर 2 सस्पेंशन प्वाइंट्स लगते हैं. इसका मतलब है कि उसे 1 टेस्ट या 2 वनडे/टी20 मैचों का प्रतिबंध झेलना होगा
8 डिमेरिट प्वाइंट्स: दोषी पाए जाने पर खिलाड़ी पर 4 सस्पेंशन प्वाइंट्स लगते हैं. और उस पर 2 टेस्ट या 4 वनडे/टी20 मैचों का बैन झेलना होगा
12 डिमेरिट प्वाइंट्स: जब 24 महीने के भीतर या उससे पहले ही 12 प्वाइंट्स हो जाएंगे, तो उसे 6 सस्पेंशन प्वाइंट्स मिलेंगे. इसके तहत उस पर 3 टेस्ट मैच या 6 वनडे या इतने ही टी20 मैचों का प्रतिबंध लग सकता है
16 डिमेरिट प्वाइंट्स: खिलाड़ी विशेष के खाते में इस स्थिति में 8 सस्पेंशन प्वाइंट्स जमा हो जाएंगे. और उसे 4 टेस्ट या 8 वनडे या इतने ही टी20 मैचों का प्रतिबंध झेलना होगा.
डिमेरिट प्वाइंट्स की समय सीमा
2 साल की वैधानिकता: किसी खिलाड़ी को मिले डिमेरिट प्वाइंट्स 24 महीने तक ही मान्य रहते हैं. और जब दो साल पूरे हो जाते हैं, तो ये डिमेरिट प्वाइंट्स स्वत: ही खिलाड़ी के रिकॉर्ड से हट जाते हैं. जब किसी खिलाड़ी के खाते में 4 या 8 डिमेरिट प्वाइंट्स इकट्ठा होने पर सस्पेंशन (बैन) लग जाता है, तो बैन पूरा होते ही वे 4 या 8 प्वाइंट्स रीसेट यानी शून्य हो जाते हैं.
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