T20 World Cup 2026: जब मंच सबसे बड़ा हो, परीक्षा सबसे बड़ी हो, ऐसे में सुर एकदम सधा लग जाए, तो पुरानी गलतियां अक्सर माफ कर दी जाती हैं. वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ (India vs New Zealand) नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल में अभिषेक और सैमसन की जोड़ी बहुत ही ज्यादा आलोचना और बहुत ही ज्यादा सवालों के साथ मैदान पर उतरी थी. सारे सवाल अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) को लेकर ही जुड़े हुए थे. फाइनल से पहले खेले 7 मैचों में अभिषेक का औसत 13 का भी नहीं था. मुकाबले से पहले तमाम दिग्गज अभिषेक की 'बलि' की मांग कर रहे थे, लेकिन प्रबंधन ने अपनी सुनी, अभिषेक के साथ संजू को बरकरार रखा और दोनों ने मिलकर फाइल का पहला बड़ा और जरूरी टेस्ट पास कर लिया.

टॉस हार के बाद था एप्रोच का सवाल
न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी का न्योता थमाया, तो सवाल अभिषेक और सैमसन दोनों की ही एप्रोच के थे क्योंकि मोदी स्टेडियम की सेंटर और मिक्स्ड मिट्टी वाली पिच पर शुरुआती पाली में बैटिंग करना मुश्किल होता है. गेंद रुक कर आती है और स्ट्रोक खेलना आसान नहीं होता. ऐसे में संजू ने शुरआती गेंद यह समझने के लिए लीं कि वास्तव में करना क्या है, लेकिन मैट हेनरी की पांचवी ही गेंद पर छक्का जड़कर संजू अपना वह सुर लगा चुके थे, जो उन्होंने सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ जहां छोड़ा था.
टेस्ट बड़ा था, शानदार नंबरों से पास किया बड़ा टेस्ट
गेंद रुककर आ रही थी, फाइनल मुकाबला था, पिछले मैचों में खासकर अभिषेक से रन बने नहीं थे, तो बड़ा टेस्ट और सवाल पावर-प्ले यानी शुरुआती 6 ओवरों में शानदार शुरुआत देने का था. लेकिन इस बार तो अभिषेक सबसे बड़े जरूरत के मौके पर प्रचंड फॉर्म में रहे सैमसन से भी आगे निकल गए. जब शुरुआती 6 ओवर खत्म हुए, तो ये दोनोें मिलकर 92 रन जोड़ चुके थे. बिना नुकसान के! औसत रहा 15.33 प्रति ओव. और अभिषेक का स्कोर था 19 गेंदों पर 6 चौकों और 3 छक्कों से 51 रन. स्ट्राइक-रेट रहा 248.62 कहा. वहीं, सैमसन इस समय थे17 गेंदों पर 2 चौकों और 3 छक्कों से 33 रन पर. टीम इंडिया पावर-प्ले यानी शुरुआती 6 ओवरों का बहुत बड़ा टेस्ट स्टाइल में अपने नाम कर चुकी थी.
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