विज्ञापन

3 नोबॉल, बेड़ा गर्क! रवि बिश्नोई की 3 बैकफुट नो बॉल के लिए जवाबदेह कौन? क्या कर रहे स्पिन कोच बहुतुले

यह नजारा पता नहीं आखिरी बार कब दिखा था? बैकफुट से नो-बॉल. ऐसा लग रहा था कि बिश्नोई नेट पर बैकफुट बॉल के खासे अभ्यस्त हो चुके थे, लेकिन सवाल है कि सिराज बहुतुले और कोचिंग स्टॉफ क्या कर रहा था

3 नोबॉल, बेड़ा गर्क! रवि बिश्नोई की 3 बैकफुट नो बॉल के लिए जवाबदेह कौन? क्या कर रहे स्पिन कोच बहुतुले
भारत के लिए 2 टेस्ट खेल चुके सिराज बहुतुले के फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 630 विकेट हैं
Source: Social media

India vs England:  यह सही है कि शनिवार को मैनचेस्टर में ओल्डट्रैफर्ड में दूसरा टी20 मुकाबला हारने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने 'दोषी'  का सीधे-सीधे नाम नहीं लिया, लेकिन इशारों ही इशारों में भारतीय कप्तान ने साफ कर दिया कि भारत क्यों मैच हारा. जाहिर है कि श्रेयस अय्यर का इशारा लेग स्पिनर रवि बिश्नोई की तरफ था, जिन्होंने तब 17वें ओवर में 27 रन दे डाले, जब इंग्लैंड को 24 गेंदों पर जीत के लिए 49 रनों की दरकार थी. इस स्टेज तक मैच भार की गिरफ्त में था, लेकिन  यही ओवर भारत की हार में सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट बन गया. लेकिन बात ओवर में 29 रन देने से ज्यादा जिस तरह से ये रन दिए गए, वह पूर्व क्रिकेटरों, फैंस के बीच गुस्से के साथ-साथ चर्चा का विषय बना हुआ है. और निशाने पर बिश्नोई से ज्यादा स्पिन बॉलिंग कोच और भारतीय पूर्व क्रिकेटर और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 630 विकेट लेने वाले साईराज बहुतुले और पूरा कोचिंग स्टॉफ आ गया है क्योंकि यह क्योंकि ये 3 बैकफुट नो-बॉल कोई सामान्य घटना नहीं है. सामान्य बात गेंदबाजों का फ्रंटफुट नोबॉल फेंकना तो रहा है. और बैकफुट नोबॉल की गलती के लिए नेट पर खासे अभ्यास की जरूरत होती है!! लेकिन इस 'अभ्यास' का  का विशेषज्ञ कोच की नजरों से बच जाना बहुत ही ज्यादा हैरानी की बात है.   

Latest and Breaking News on NDTV

शायद ही दिखा पहले ऐसा नजारा

रवि  बिश्नोई ने कोटे के 4 ओवरों में 3 नोबॉल फेंकी. और ये फ्रंटफुट नो-बॉल नहीं थीं, बल्कि ये बैक-फुट नो-बॉल थीं. इस दौरान रन-अप के दौरान बिश्नोई का पैर रिटर्न क्रीज को छू रहा था या इसे पार कर रहा था.  इस तरह का नजारा (बैकफुट नो-बॉल) याद नहीं आता कि कब पहले देखा गया. बॉलरों का फ्रंटफुट नो-बॉल फेंकना एक सामान्य बात है. अक्सर पैर आगे निकल जाता है, लेकिन बैकफुट नो-बॉल होना पूर्व क्रिकेटरों सहित फैंस को हैरान कर गया. और आपको खास बात बता दें कि रवि बिश्नोई से पहले बैकफुट तो छोड़िए, टेस्ट दर्जा प्राप्त देशों के किसी भी स्पिनर ने टी20 में मैच में फ्रंटफुट नोबॉल तक नहीं फेंकीं. ऐसे में आप समझ सकते हैं कि बिश्नोई की यह तकनीकी फॉल्ट कितनी ज्यादा बड़ी है. और टीम इंडिया को इसकी कीमत हार के रूप में चुकानी पड़ी. 

3 नोबॉल और बेड़ा गर्क!

इंग्लैंड टीम ने जब जीत हासिल की, तो पूरा एक ओवर बाकी बचा हुआ था. और आखिरी में बिश्नोई की फेंकी 3 नोबॉल ने बड़ा अंतर पैदा किया. इन तीनों ही नो-बॉल पर जो फ्री हिट इंग्लैंड को मिली, तीनों को ही  इंग्लिश बल्लेबाजों ने छक्के में तब्दील कर दिया. और इस ओवर के बीच में ही बिश्नोई का आत्मविश्वास बुरी तरह से हिल गया. बिश्नोई ने कोटे के 4 ओवरों में 60 रन दिए. और इस प्रदर्शन के बाद रवि बिश्नोई के प्रदर्शन से ज्यादा सवाल स्पिन कोच सिराज बहुतुले और भारतीय कोचिंग स्टॉफ के लिए खड़ा हो गया. 

क्या बिश्नोई की नोबॉल संयोग थीं?

सवाल यह है कि क्या रवि बिश्नोई की 3 बैकफुट नोबॉल संयोग मतलब दिन विशेष पर हुई घटना थी? ऐसा बिल्कल भी संभव नहीं लगता. जिस तरह से बिश्नोई ने 3 बैकफुट नोबॉल फेंकी, उसके आधार पर यह सवाल उठता ही है क्या वह नेट प्रैक्टिस के दौरान यह बड़ी गलती नहीं कर रहे होंगे? जब दो या पिछले कुछ नेट सेशन के दौरान बिश्नोई कर रहे थे, तब स्पिन कोच सिराज बहुतले क्या कर रहे थे? सिराज बहुतले की निगाह से यह बड़ी त्रुटी कैसे बच निकल गई? आम तौर पर होता यह है कि जब भी बॉलर नेट पर गेंदबाजी करता है, तो कोच स्टंप के पास खड़ा होकर उस पर नजर रखता है? सिर्फ सिराज ही नहीं, बाकी स्टॉफ की नजरें नेट पर (अगर बिश्नोई कर रहे थे) यह गलती क्यों नहीं पकड़ सके? 

बैकफुट नो बॉल्स की फॉल्ट की वजह और सुधार के संभावित तरीके

एक स्पिनर के लिए बैकफुट नो-बॉल (पैर का रिटर्न क्रीज को छूना या उसके बाहर निकल जाना) होना एक बहुत ही गंभीर तकनीकी समस्या है. यह आमतौर पर तब होता है जब गेंदबाज की क्रीज अलाइनमेंट खराब होती है या उसकी बॉडी पोजीशन (Body Position) तिरछी हो जाती है. क्रिकेट कोचिंग मैनुअल (जैसे ICC या NCA गाइडलाइंस) के अनुसार, इस तकनीकी कमी को सुधारने के लिए निम्नलिखित 4 चरणों पर काम किया जाता है:

1. समस्या की मुख्य वजह समझना 

कोचिंग मैनुअल के अनुसार, बैकफुट नो-बॉल होने के पीछे दो मुख्य कारण होते हैं. पहली है गलत एप्रोच एंगल और इस वजह से गेंदबाज अंपायर के बहुत करीब से दौड़ना शुरू करता है, जिससे क्रीज पर आते-आते वह साइड-ऑन होने के चक्कर में बाहर की तरफ भागता है, लेकिन बिश्नोई के साथ यह मामला बिल्कुल भी नहीं दिखाई पड़ रहा है. बिश्नोई अंपायर के नजदीक से नहीं आ रहे, बल्कि वह अंपायर से काफी दूर गेंद डिलीवर कर रहे हैं.  लेकिन सवाल यह भी अपने आप में बड़ा है कि उनका डिलीवरी प्वाइंट अंपायर के नजदीक से क्यों नहीं है या पूर्व की तुलना में वह इन दिनों उनका डिलीवरी प्वाइंट और बॉडी अंपायर से खासी दूर क्यों है? 

वैसे ऐसा दिखा पड़ रहा है कि बिश्नोई क्रीज के बहुत बाहरी कोने से (Wide of the crease) आकर एक बेहद ही कोणीय और तिरछा रन-अप लेते हैं. वे बल्लेबाज के लिए एक कठिन और अजीब एंगल बनाने की कोशिश में अंपायर से काफी दूर से भागते हैं. इसके कारण क्रीज पर लैंड करते समय उनका शरीर साइड-लाइन (Return Crease) की तरफ भागता है. और यही वजह है कि उनका पिछला पैर रिटर्न क्रीज को छू जाता है या उसके पार चला जाता है.

 2. गिरा हुआ कंधा या हेड पोजीशन

रिलीज के समय यदि स्पिनर का सिर या नॉन-बॉलिंग आर्म (बायां हाथ, यदि दाएं हाथ का गेंदबाज है) बहुत ज्यादा लेग-साइड की तरफ गिरता है, तो शरीर का संतुलन बनाए रखने के लिए पिछला पैर नैसर्गिक रूप से बाहर (ऑफ-साइड/रिटर्न क्रीज की तरफ) भागता है. और इस पहलू का  कितना रिश्ता रवि बिश्नोई के साथ फिलहाल बनता दिखाई पड़ रहा है, यह कोच साइराज बहुतुले को देखना होगा.

वैसे  रवि बिश्नोई का एक्शन बहुत हद तक 'फ्रंट-ऑन' है और वे गेंद फेंकते समय बहुत अधिक गति (Pace through the air) का इस्तेमाल करते हैं. इस अतिरिक्त गति और कोण से बनी ताकत को जनरेट करने के लिए उनका सिर और बायां कंधा (नॉन-बॉलिंग आर्म) रिलीज के समय लेग-साइड की तरफ बहुत तेजी से नीचे गिरता है. जैसे ही सिर बाईं तरफ गिरता है, उसका विपरीत प्रभाव पिछले पैर पर पड़ता है और पिछला पैर संतुलन बनाने के लिए दाईं तरफ (यानी रिटर्न क्रीज के बाहर) खिंच जाता है.

Latest and Breaking News on NDTV

3. तकनीकी सुधार के संभावित उपाय 

1. अलाइनमेंट और स्टार्टिंग मार्क में बदलाव 

यदि गेंदबाज अंपायर के बिल्कुल पीछे या पास से दौड़ता है, तो कोच उसे सलाह देते हैं कि वह अपने शुरुआती मार्क को 6 से 12 इंच बाहर (स्टंप से दूर)  शिफ्ट करे. 

2. सीधा रन-अप!

 गेंदबाज को क्रीज के समानांतर दौड़ने के बजाय थोड़ा सा डायगनल (तिरछा अंदर की ओर) आने का अभ्यास कराया जाता है ताकि बैकफुट लैंडिंग के समय पैर स्टंप्स के पास रहे, न कि रिटर्न क्रीज पर. इस पहलू में भी बिश्नोई के साथ जोखिम भरा है, तो यह भी सवाल है कि अगर उन्हें सीधा दौड़ाया जाता है, तो इससे उनकी बॉलिंग पर असर तो नहीं पड़ेगा क्योंकि रवि बिश्नोई  करियर की शुरुआत से ही साइड से टेढ़ा दौड़कर आते हैं. सीधा रन-अप वाली बात समझ में नहीं आती. देखना होगा बहुतुले इस पर कैसे काम करते हैं? कहा जा सकता है कि सीधा रन-अप अपने आप में समाधान का कोई विकल्प ही नहीं है. 

3. हेड और बॉडी पोजीशन का संतुलन

 सिर को सीधा रखना: यह एक अहम बात है रिलीज के समय सिर का सीधा रहना अनिवार्य है. अगर सिर सीधा रहेगा, तो शरीर का गुरुत्वाकर्षण केंद्र नहीं बिगड़ेगा और पिछला पैर अपनी सही जगह पर लैंड करेगा. फिलहाल देखने में आ रहा है कि उनका सिर भी लेग साइड की ओर काफी गिरता दिखा रहा है. और सिर और शरीर का एलाइनटमेंट नहीं बनता, तो संतुलन बनाने के लिए पैर बाहर अक्सर चला जाता है. बहुतुले के लिए यह पहलू भी चेक करने वाली बात है. 

4. नॉन-बॉलिंग आर्म का कंट्रोल: सामने वाले हाथ को सीधे टारगेट (बल्लेबाज) की तरफ ले जाएं, उसे बहुत जल्दी नीचे या साइड में न गिराएं

3. कोचिंग मैनुअल की प्रमुख ड्रिल्स 

इस आदत को बदलने के लिए 'मसल मेमोरी' को दोबारा ट्रेन करना पड़ता है. इसके लिए निम्नलिखित ड्रिल्स सबसे प्रभावी हैं:

1. द चॉक/टेप ड्रिल 

रिटर्न क्रीज से 6 इंच अंदर की तरफ जमीन पर चॉक से एक समानांतर रेखा खींच दी जाती है या ब्राइट टेप लगा दिया जाता है. गेंदबाज को अभ्यास के दौरान अपना पिछला पैर उस टेप के अंदर ही लैंड कराने का लक्ष्य दिया जाता है.

2. द कोन बैरियर ड्रिल 

रिटर्न क्रीज के ठीक ऊपर या उसके बिल्कुल बाहर छोटे कोन्स रख दिए जाते हैं. यदि गेंदबाज का पैर बाहर जाएगा, तो वह कोन से टकराएगा. यह खिलाड़ी को तुरंत 'विजुअल और फिजिकल फीडबैक' देता है.

3. शॉर्ट रन-अप और वॉक-थ्रू

शुरुआत में पूरे रन-अप के बजाय सिर्फ 2-3 कदम या वॉक-थ्रू (चलते हुए) से गेंदबाजी का अभ्यास कराया जाता है, जिससे पूरा ध्यान सिर्फ बैकफुट के प्लेसमेंट पर केंद्रित रहे.  कुल मिलाकर अगले मैच से पहले साईराज बहुतुले और गंभीर एंड कंपनी के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि वह रवि बिश्नोई का खोया कॉन्फिेंस कितनी जल्द से जल्द वापस दिलाते हैं. वह एक युवा खिलाड़ी हैं और  उन्हें बाहर बैठाने की बात करना या कह देना बहुत ही आसान बात है. देखते हैं कि बिश्ननोई कितनी जल्द इस समस्या को दूर कर फिर से अपनी पुरानी लय प्राप्त करते हैं. 
 


यह भी पढ़ें:  रवि बिश्नोई नहीं, दूसरे टी-20 में भारत की हार का विलेन कौन ? कप्तान श्रेयस अय्यर ने किसपर फोड़ा हार का ठीकरा !

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Ravi Bishnoi, Sairaj Bahutule, India, England, England Vs India 07/04/2026 Enin07042026264912, Cricket
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com