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भुवनेश्वर, हेजलवुड पीछे छूटे, CSK का यह पेसर बन रहा नया 'डेथ ओवर मास्टर', अगरकर फिर देंगे मौका?

चेन्नई सुपर किंग्स के अगर किसी गेंदबाज की काफी चर्चा है तो वो हैं अंशुल कंबोज. अंशुल पांच बार की चैंपियन के गेंदबाजी अगुआ है और उन्होंने यह अपना काम बखूबी किया है.

भुवनेश्वर, हेजलवुड पीछे छूटे, CSK का यह पेसर बन रहा नया 'डेथ ओवर मास्टर', अगरकर फिर देंगे मौका?
CSK vs MI IPL 2026, Anshul Kamboj death overs 10 Wickets

Anshul Kamboj death overs 10 Wickets: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के अगर किसी गेंदबाज की काफी चर्चा है तो वो हैं अंशुल कंबोज. अंशुल पांच बार की चैंपियन के गेंदबाजी अगुआ है और उन्होंने यह अपना काम बखूबी किया है. चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच आईपीएल 2026 का 44वां मैच खेला गया और इसके बाद कंबोज और भुवनेश्वर संयुक्त रूप से पर्पल कैप होल्डर हैं. दोनों के 17-17 विकेट हैं. भुवनेश्वर कुमार, जोश हेज़लवुड, बुमराह, अर्शदीप, जोफ्रा आर्चर जैसे दिग्गज गेंदबाज़ों की मौजूदगी के बीच काम्बोज ने डेथ ओवर्स (16–20) में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को सोचने पर मजबूर कर दिया है.

टी20 क्रिकेट में अंतिम पांच ओवर किसी भी गेंदबाज़ के लिए सबसे मुश्किल माने जाते हैं. सेट बल्लेबाज़, छोटे मैदान और गलती की बेहद कम गुंजाइश, इन हालात में विकेट निकालना और रन गति पर लगाम कसना आसान नहीं होता. लेकिन इस सीज़न काम्बोज ने यही काम बार-बार कर दिखाया है. आंकड़ों पर नज़र डालें तो डेथ ओवर्स में काम्बोज ने अब तक 10 से ज्यादा विकेट चटकाए हैं, जो टूर्नामेंट में किसी भी भारतीय पेसर से अधिक हैं. उनकी औसत इकोनॉमी लगभग 8.6 रही है.

ओवर द विकेट गेंदबाज़ी करते हुए उन्होंने 20 गेंदों में 28 रन देकर 2 विकेट लिए, वहीं राउंड द विकेट से 56 गेंदों में 81 रन देकर 8 विकेट हासिल किए. साफ है कि बल्लेबाज़ों के खिलाफ एंगल बदलना और सही समय पर बदलाव करना उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है.

चेन्नई में मुंबई के खिलाफ मुकाबले में काम्बोज की अहमियत सबसे ज़्यादा दिखी. एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए इस हाई-प्रेशर मैच में मुंबई ने तेज शुरुआत की थी, लेकिन डेथ ओवर्स में काम्बोज की गेंदों ने रन-फ्लो पर ब्रेक लगा दिया. उन्होंने चार ओवर में तीन विकेट झटके, जिसमें हार्दिक पांड्या का विकेट निर्णायक साबित हुआ. 

चेन्नई ने धमाकेदार शुरुआत की थी. पहले पावरप्ले में टीम ने 57 रन बटोरे थे, जबकि मिडिल ओवर में टीम 63 रन बनाने में सफल हुई, लेकिन आखिरी के चार ओवरों में चेन्नई सिर्फ 39 रन बटोरे पाई और उसने 3 विकेट भी गंवाए. चेन्नई शुरुआत 10 ओवरों में 2 विकेट के नुकसान पर 90 रन बनाने में सफल हुई थी, जबकि अगले 10 ओवरों में उसने 5 विकेट गंवाए और 69 रन बटोरे. अंशुल कंबोज ने डेथ ओवरों में दो और पावरप्ले में दो ओवर फेंके थे. उन्होंने अपने 4 ओवर के स्पैल में 32 रन दिए और 3 विकेट निकाले. 

बात अगर मौदूजा सीजन में अंशुल कंबोज के प्रदर्शन की करें तो इस गेंदबाज ने 9 मैचों में 15.82 की गेंदबाजी औसत और 8.49 की इकॉनमी से 17 शिकार किए हैं. उनका बेस्ट फिगर 22 रन देकर 3 विकेट हैं.  अंशुल के इसी प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.

चयन समिति के अध्यक्ष अजित अगरकर पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि टीम इंडिया को टी20 फॉर्मेट में एक भरोसेमंद डेथ ओवर स्पेशलिस्ट की तलाश है. ऐसे में आईपीएल में लगातार दबाव झेलकर सफल हो रहा यह युवा पेसर चयन के दरवाज़े पर दस्तक देता दिख रहा है. देखना यह है कि क्या यह प्रदर्शन अंशुल काम्बोज को अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में लंबा मौका दिला पाएगा.

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