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IND vs WI: कोच गंभीर और कप्तान सूर्या की एक रणनीति जिसने पलट दी पूरी बाजी, वेस्टइंडीज को रौंदकर सेमीफाइनल में पहुंचा भारत

Sanju Samson vs WI T20 World Cup 2026: संजू सैमसन के लिए यह वर्ल्ड कप किसी रोलर-कोस्टर राइड जैसा रहा. टूर्नामेंट की शुरुआत में अभिषेक शर्मा की गैरमौजूदगी में उन्हें पहली बार नामीबिया के खिलाफ मौका मिला था.

IND vs WI: कोच गंभीर और कप्तान सूर्या की एक रणनीति जिसने पलट दी पूरी बाजी, वेस्टइंडीज को रौंदकर सेमीफाइनल में पहुंचा भारत
Sanju Samson vs WI T20 World Cup 2026

Sanju Samson vs WI T20 World Cup 2026: 1 मार्च 2026 की रात ईडन गार्डन्स गवाह बना उस चमत्कार का जिसकी उम्मीद बहुत कम लोगों को थी. वेस्टइंडीज के खिलाफ 'विर्चुअल क्वार्टरफाइनल' में जब टीम इंडिया रन चेज करने उतरी, तो संजू सैमसन ने 97 रनों की नाबाद पारी खेलकर न केवल मैच जिताया, बल्कि उन आलोचकों के मुंह भी बंद कर दिए जो उनके चयन पर सवाल उठा रहे थे.

नामीबिया से ड्रॉप होने का वो 'कड़वा' सफर

संजू सैमसन के लिए यह वर्ल्ड कप किसी रोलर-कोस्टर राइड जैसा रहा. टूर्नामेंट की शुरुआत में अभिषेक शर्मा की गैरमौजूदगी में उन्हें नामीबिया के खिलाफ मौका मिला, जहां उन्होंने महज 8 गेंदों में 22 रन ठोककर अपनी मंशा साफ कर दी थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अगले मैचों से ड्रॉप कर दिया गया. उधर, अभिषेक शर्मा के खराब फॉर्म ने टीम इंडिया की टेंशन बढ़ा दी और सुपर-8 में साउथ अफ्रीका से मिली हार के बाद भारत के सेमीफाइनल पर तलवार लटक गई.

जिम्बाब्वे के खिलाफ 'फ्लॉप शो' के बाद भी मिला साथ

जब सेमीफाइनल की रेस मुश्किल हुई, तो कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्या ने बड़ा फैसला लिया. जिम्बाब्वे के खिलाफ 'करो या मरो' वाले मैच में संजू को फिर से ओपनिंग की जिम्मेदारी दी गई. हालांकि, संजू यहां मौके को भुनाने में नाकाम रहे और 15 गेंदों में 24 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. दूसरी तरफ अभिषेक शर्मा ने अर्धशतक जड़कर अपना फॉर्म वापस पा लिया था. ऐसे में लगा कि शायद वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू को फिर से बेंच पर बैठना होगा.

गंभीर की 'रणनीति' और सूर्या का 'अटूट भरोसा'

वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे निर्णायक मुकाबले में हर कोई हैरान रह गया जब कोच गंभीर और कप्तान सूर्या ने अपनी रणनीति को बरकरार रखा. उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ फिर से संजू सैमसन को ही ओपनिंग पर भेजा. यह फैसला जोखिम भरा हो सकता था क्योंकि हार का मतलब था वर्ल्ड कप से बाहर होना, लेकिन कोच गंभीर और सूर्या का अटूट भरोसे ने सब कुछ आसान कर दिया और संजू जीत पक्की करने के साथ ही नाबाद वापस लौटे.

97 रन भरोसे का वो ऐतिहासिक पल

संजू ने इस बार अपने गुरुओं को निराश नहीं किया. वेस्टइंडीज के खतरनाक 'प्लान फिंगर' (स्पिन तिकड़ी) के खिलाफ संजू ने जवाबी हमला बोला और रन चेज के दौरान 97 रनों की अविश्वसनीय नाबाद पारी खेल डाली. जब संजू विजयी रन बनाकर लौटे, तो कप्तान सूर्या ने अपनी कैप उतारकर उनका सम्मान किया और गंभीर ने उन्हें गले लगा लिया.

यह जीत सिर्फ संजू सैमसन की नहीं, बल्कि गौतम गंभीर और सूर्यकुमार यादव की उस 'लीडरशिप' की है, जिसने एक खिलाड़ी के टैलेंट को आंकड़ों से ऊपर रखा. संजू को लगातार मौके देना और दबाव वाले मैच में ओपनिंग की जिम्मेदारी सौंपना कोच-कप्तान का वो मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ, जिसने टीम इंडिया का सेमीफाइनल का टिकट पक्का करा दिया.

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