भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का फैसला शनिवार को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा. सीरीज फिलहाल 2-2 की बराबरी पर है, लेकिन निर्णायक मुकाबले से पहले चर्चा सिर्फ ट्रॉफी की नहीं, बल्कि भुवनेश्वर कुमार की वापसी की भी हो रही है. लगभग चार साल बाद भारतीय टी20 टीम में लौटे अनुभवी तेज गेंदबाज को अंतिम मैच के लिए टीम में शामिल किया गया है.
भुवनेश्वर की वापसी इसलिए भी खास है क्योंकि उनका भारतीय क्रिकेट से एक यादगार कनेक्शन चिन्नास्वामी स्टेडियम से जुड़ा हुआ है. भारत के लिए उन्होंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच 2012 में इसी मैदान पर खेला था. अब संयोग देखिए कि चार साल बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी का मौका भी उन्हें इसी मैदान पर मिला है. ऐसे में सभी की नजर इस बात पर होगी कि क्या भुवी अपनी दूसरी पारी की शुरुआत भी यादगार अंदाज में कर पाएंगे.
दरअसल, भुवनेश्वर को टीम में शामिल करने का फैसला अर्शदीप सिंह की चोट के बाद लिया गया. हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले के दौरान अर्शदीप के गेंदबाजी वाले कंधे में चोट लग गई थी. 248 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी ओवर में शमार जोसेफ की बाउंसर उनके हाथ पर लगी. चोट लगने के बावजूद उन्होंने अगली गेंद का सामना किया, लेकिन बाद में रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा.
इसके बाद बीसीसीआई ने भुवनेश्वर कुमार को टीम से जोड़ने का फैसला किया. बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि पुरुष चयन समिति ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें टी20 मैच के लिए भुवनेश्वर कुमार को भारतीय टीम में शामिल किया है. हालांकि अर्शदीप को अभी पूरी तरह बाहर नहीं किया गया है और उनके खेलने पर अंतिम फैसला मैच से पहले लिया जाएगा.
36 वर्षीय भुवनेश्वर ने आखिरी बार नवंबर 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व किया था. इसके बाद वह राष्ट्रीय टीम से बाहर रहे, लेकिन आईपीएल के पिछले दो सत्रों में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान फिर अपनी ओर खींचा. उन्हें पहले ही न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में चुना जा चुका है और अब वेस्टइंडीज के खिलाफ यह मुकाबला उनकी वापसी का मंच बन सकता है.
अगर भुवनेश्वर को अंतिम 11 में मौका मिलता है तो चिन्नास्वामी की पिच पर उनका अनुभव भारत के काफी काम आ सकता है. बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाने वाली इस पिच पर नई गेंद से स्विंग हासिल करना आसान नहीं होता, लेकिन भुवनेश्वर उन चुनिंदा गेंदबाजों में हैं जो परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, अपनी लाइन-लेंथ और मूवमेंट से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं.
ऐसे में सीरीज के निर्णायक मुकाबले में सिर्फ भारत और वेस्टइंडीज की टक्कर ही नहीं, बल्कि चार साल बाद भारतीय रंग में लौट रहे भुवनेश्वर कुमार की नई शुरुआत पर भी क्रिकेट प्रेमियों की खास नजर रहने वाली है.
चिन्नास्वामी की पिच पर क्या रहेगा हाल?
एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम को आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग माना जाता है. छोटा मैदान और तेज आउटफील्ड बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका देती है. हालांकि, यहां कम स्कोर वाले मुकाबले भी देखने को मिले हैं, जहां छह पारियों में टीमें 122 से 134 रन के बीच सिमट गई थीं.
शनिवार को ओस अहम भूमिका निभा सकती है. शाम के समय नमी का स्तर लगभग 85 प्रतिशत रहने की संभावना है, जिससे दूसरी पारी में गेंदबाजों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं. यही वजह है कि टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है.
चिन्नास्वामी में टी20 अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड
इस मैदान पर खेले गए 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में एक मैच का कोई नतीजा नहीं निकला. बाकी मैचों में स्कोर 122 से लेकर 212 रन तक पहुंचा है. पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 162 रन है. आंकड़ों के अनुसार 160 से 180 रन का स्कोर प्रतिस्पर्धी माना जाता है, लेकिन इस मैदान पर इससे बड़े लक्ष्य भी हासिल हुए हैं. 2019 में ऑस्ट्रेलिया ने 190 रन का लक्ष्य हासिल किया था, जबकि 2016 में भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ 146 रन का सफलतापूर्वक बचाव किया था.
भारत की अपडेटेड टी20 टीम
श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव, नमन धीर और भुवनेश्वर कुमार.
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