टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर मझधार में फंसे हैं. सितंबर में उनका आधिकारिक तौर पर कार्यकाल खत्म हो गया है, लेकिन उनका अनुबंध आगे बढ़ेगा या नहीं, इस पर बड़ा सवाल लग गया है. हाल ही में हुई घटनाओं के बाद हालात कुछ ऐसे बन पड़े हैं कि आगे क्या होगा, कुछ भी कहना मुश्किल है. एक तरह अगरकर का आत्मसम्मान और रवैया है, तो दूसरी तरफ बीसीसीआई की जिद. सही कौन है, इसका जवाब तो भविष्य में पता चलेगा, लेकिन टीम इंडिया पर संभावित नुकसान जरूर दिख रहा है क्योंकि अगले साल तीन देशों में आयोजित होने वाली फिफ्टी-फिफ्टी विश्व कप की प्लानिंग की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. बहरहाल, बीसीसीआई आज अगरकर के साथ उनके कॉन्ट्रै्क्ट को लेकर विस्तार से चर्चा करेगा. और अगे 48 घंटे में साफ हो जाएगा कि अजीत अगरकर चीफ सेलेक्टर पद पर बने रहेंगे या नहीं. रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई अगरकर के कार्यकाल के विस्तार की ओर देख रहा है, लेकिन अगरकर के दिल में क्या है, यह वही जानते हैं, लेकिन संकेत अच्छे नहीं हैं.
इसलिए अगरकर जरूरी हैं!
अगले साल विश्व की प्लानिंग रूपी कदम अब जब तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, तो टीम इंडिया के लिए यह अनिवार्य है कि अगरकर का साथ बना रहे. अगर कोई नया चीफ सेलेक्टर आता है, तो उसके साथ तमाम पक्षकारों (कप्तान, टीम, हेड कोच, साथी, बीसीसीआई आदि) के साथ न केवल तालमेल बैठाना बहुत ही ज्यादा मुश्किल होगा, बल्कि खुद उसके लिए जल्द से व्यवस्था में फिट होने में खासी कठिनाई आएगी. खासकर विश्व कप की प्लानिंग पर काम करने के लिहाज से. कुल मिलाकर नया चीफ सेलेक्टर आएगा, तो यह कई पहलुओं से टीम इंडिया की तैयारियों को प्रभावित करेगा.
इस वजह से है बीसीसीआई से 'शीत-युद्ध'
इस पूरे मामले का केंद्रबिंदु पूर्व कप्तान रोहित शर्मा हैं. और मुद्दा यह है कि चयन समिति सहित चीफ सेलेक्टर और हेड कोच गौतम गंभीर की विश्व कप की प्लानिंग में फिट नहीं बैठ रहे. ये दोनों ही चाहते हैं कि रोहित की जगह उस ओपनर को यहां से बचे वनडे मैचों में दूसरे ओपनर को खिलाया जाए, जिससे वह समय रहते पर्याप्त अनुभव और फॉर्म हासिल कर सके. यही वजह रही कि जब पिछले दिनों रोहित से उनका प्लान पूछा गया और उन तक यह सूचना पहुंचाई गई कि वह विश्व कप प्लानिंग का हिस्सा नहीं हैं, तो बवाल मच गया. इसके बाद रोहित ने बीसीसीआई अधिकारियों तक बात पहुंचाई, तो बोर्ड सचिव ने खुल कर रोहित का समर्थन करते हुए कहा, "रोहित अच्छा खेल रहे हैं और उन्हें लेकर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है. जब तक वह अच्छा खेल रहे हैं, वह खेलेंगे"
अगरकर ने दिए जाने के संकेत
बीसीसीआई का रोहित को लेकर नजरिया अगरकर तक पहले ही पहुंच गया था. और यही वजह रही कि पूर्व पेसर ने पिछले दिनों आयोजित टीम की रिव्यू और विश्व कप प्लानिंग मीटिंग में हिस्सा नहीं लिया. यहां तक कि अगरकर ऑन लाइन भी मीटिंग से नहीं जुड़े. और इसी के बाद मीडिया, पूर्व क्रिकेटर और फैंस के बीच इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया कि अगरकर अब चीफ सेलेक्टर रहेंगे या नहीं क्योंकि रोहित को लेकर अगरकर सहित चयन समिति एक तरफ है, तो दूसरी तरफ बीसीसीआई है. अब यहां से अगरकर क्या फैसला लेंगे, यह अगले करीब घंटे में साफ हो जाएगा.
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