
इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड के पांच वनडे मैचों की सीरीज़ एक तरह से कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुई। इस टूर्नामेंट में एक ओर जहां बल्लेबाज़ों ने रनों की बरसात कर दी, वहीं गेंदबाज़ों ने भी मुक़ाबले को रोमांचक बनाए रखा। आखिरी वनडे जीतकर इंग्लैंड ने ये सीरीज 3-2 से जीत ली। इस सीरीज के दौरान बने 10 ख़ास रिकॉर्डों पर एक नज़र-
1. इस सीरीज के पांच मैचों में कुल 3151 रन बने। ये पांच मैचों की वनडे सीरीज़ में सबसे ज्यादा रन हैं। इससे पहले भारत और पाकिस्तान के बीच 2003-04 में पांच मैचों की सीरीज में 2963 रन बने थे।
2. इस सीरीज के दौरान प्रति ओवर 7.15 रन के हिसाब से रन बने। दो या दो से अधिक मैचों की सीरीज़ में ये पहला मौका है, जब किसी सीरीज़ में 7 से ज्यादा की औसत से रन बने।
3. इस सीरीज़ में 25 बार किसी बल्लेबाज़ ने 50 या उससे ज़्यादा रन बनाए। इनमें से 22 बार बल्लेबाज़ों की स्ट्राइक रेट 100 से ज्यादा की रही।
4. इस सीरीज़ में इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज़ों ने 266 रन बनाए। जोस बटलर ने तीन मैचों में 129, 41 और 13 रन बनाए थे, जबकि बैरिस्टो ने इकलौते मैच में नाबाद 83 रन बनाए। ये किसी सीरीज़ में इंग्लिश विकेटकीपरों का दूसरा सबसे बेहतर प्रदर्शन है। इससे पहले नेट वेस्ट ट्रायंगुलर सीरीज़ में एलक स्टीवर्ट ने 408 रन बनाए थे।
5. केन विलियम्सन ने आखिरी वनडे मैच में 50 रन बनाए। अब तक 2015 में उन्होंने 1037 रन पूरे कर लिए। वे इस साल वनडे क्रिकेट में 1,000 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज़ हैं।
6. इस सीरीज़ के आखिरी मैच में न्यूज़ीलैंड के 5 बल्लेबाज़ों ने 35 से ज्यादा रन बनाए। मार्टिन गप्टिल ने 67, केन विलियम्सन ने 50, रॉस टेलर ने 37 और ग्रांट इलिएट ने 35 और बेन व्हीलर ने नाबाद 39 रन बनाए थे। ये दूसरा मौका है जब न्यूज़ीलैंड के 5 बल्लेबाज़ों ने टॉप 8 में शामिल टीम के खिलाफ 35 रन बनाए हैं। कीवी बल्लेबाज़ों ने दोनों बार ये कारनामा इंग्लैंड के खिलाफ किया है।
7. इंग्लैंड ने इस सीरीज़ में लगातार चार बार 300 से ज़्यादा रन बनाए हैं। इससे पहले कभी इंग्लैंड की टीम लगातार दो बार इस तरह का कारनामा नहीं दिखा पाई थी।
8. इंग्लैंड ने इस सीरीज़ के चौथे मैच में 350 रनों का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए जीत हासिल की। इंग्लैंड ने पहली बार 350 रन बनाकर जीत हासिल की। ये इंग्लैंड में भी चौथी बार में जीत के लिए बनाया गया सर्वाधिक रन है। इससे पहले लॉर्ड्स में 2002 में भारत ने इंग्लैंड को हराने के लिए 326 रन बनाए थे।
9. इस सीरीज़ में सात बार एक पारी में 300 से ज्यादा रन बने। ये किसी द्विपक्षीय सीरीज में दूसरा सबसे बेहतर प्रदर्शन है। 2013 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे सीरीज़ में नौ पारियों में टीमों ने 300 से ज्यादा रन बनाए थे।
10. इस सीरीज़ के दौरान रॉस टेलर ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने 1000 रन पूरे किए. वे न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हजार रन पूरे करने वाले न्यूज़ीलैंड के पहले बल्लेबाज़ बन गए हैं।
1. इस सीरीज के पांच मैचों में कुल 3151 रन बने। ये पांच मैचों की वनडे सीरीज़ में सबसे ज्यादा रन हैं। इससे पहले भारत और पाकिस्तान के बीच 2003-04 में पांच मैचों की सीरीज में 2963 रन बने थे।
2. इस सीरीज के दौरान प्रति ओवर 7.15 रन के हिसाब से रन बने। दो या दो से अधिक मैचों की सीरीज़ में ये पहला मौका है, जब किसी सीरीज़ में 7 से ज्यादा की औसत से रन बने।
3. इस सीरीज़ में 25 बार किसी बल्लेबाज़ ने 50 या उससे ज़्यादा रन बनाए। इनमें से 22 बार बल्लेबाज़ों की स्ट्राइक रेट 100 से ज्यादा की रही।
4. इस सीरीज़ में इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज़ों ने 266 रन बनाए। जोस बटलर ने तीन मैचों में 129, 41 और 13 रन बनाए थे, जबकि बैरिस्टो ने इकलौते मैच में नाबाद 83 रन बनाए। ये किसी सीरीज़ में इंग्लिश विकेटकीपरों का दूसरा सबसे बेहतर प्रदर्शन है। इससे पहले नेट वेस्ट ट्रायंगुलर सीरीज़ में एलक स्टीवर्ट ने 408 रन बनाए थे।
5. केन विलियम्सन ने आखिरी वनडे मैच में 50 रन बनाए। अब तक 2015 में उन्होंने 1037 रन पूरे कर लिए। वे इस साल वनडे क्रिकेट में 1,000 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज़ हैं।
6. इस सीरीज़ के आखिरी मैच में न्यूज़ीलैंड के 5 बल्लेबाज़ों ने 35 से ज्यादा रन बनाए। मार्टिन गप्टिल ने 67, केन विलियम्सन ने 50, रॉस टेलर ने 37 और ग्रांट इलिएट ने 35 और बेन व्हीलर ने नाबाद 39 रन बनाए थे। ये दूसरा मौका है जब न्यूज़ीलैंड के 5 बल्लेबाज़ों ने टॉप 8 में शामिल टीम के खिलाफ 35 रन बनाए हैं। कीवी बल्लेबाज़ों ने दोनों बार ये कारनामा इंग्लैंड के खिलाफ किया है।
7. इंग्लैंड ने इस सीरीज़ में लगातार चार बार 300 से ज़्यादा रन बनाए हैं। इससे पहले कभी इंग्लैंड की टीम लगातार दो बार इस तरह का कारनामा नहीं दिखा पाई थी।
8. इंग्लैंड ने इस सीरीज़ के चौथे मैच में 350 रनों का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए जीत हासिल की। इंग्लैंड ने पहली बार 350 रन बनाकर जीत हासिल की। ये इंग्लैंड में भी चौथी बार में जीत के लिए बनाया गया सर्वाधिक रन है। इससे पहले लॉर्ड्स में 2002 में भारत ने इंग्लैंड को हराने के लिए 326 रन बनाए थे।
9. इस सीरीज़ में सात बार एक पारी में 300 से ज्यादा रन बने। ये किसी द्विपक्षीय सीरीज में दूसरा सबसे बेहतर प्रदर्शन है। 2013 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे सीरीज़ में नौ पारियों में टीमों ने 300 से ज्यादा रन बनाए थे।
10. इस सीरीज़ के दौरान रॉस टेलर ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने 1000 रन पूरे किए. वे न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हजार रन पूरे करने वाले न्यूज़ीलैंड के पहले बल्लेबाज़ बन गए हैं।
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