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क्‍या WhatsApp आपकी प्राइवेट बातचीत पढ़ रहा है? कोर्ट में मुकदमा हुआ तो Meta ने क्‍या जवाब दिया

WhatsApp Privacy Lawsuit Meta: मेटा पर वॉट्सऐप की 'एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन' सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं. अमेरिकी अदालत में दायर मुकदमे के अनुसार, कंपनी यूजर्स के निजी चैट्स तक पहुंच सकती है और उन्हें स्टोर करती है. 

क्‍या WhatsApp आपकी प्राइवेट बातचीत पढ़ रहा है? कोर्ट में मुकदमा हुआ तो Meta ने क्‍या जवाब दिया
WhatsApp पर प्राइवेट चैट पढ़ने के आरोप

WhatsApp Privacy Lawsuit Meta: क्‍या व्‍हॉटसऐप पर आपकी प्राइवेट चैट यानी निजी बातचीत सच में प्राइवेट है, या फिर कंपनी का यूजर्स की प्राइवेसी वाला दावा झूठा है? ये सवाल इसलिए मौजूं है कि अमेरिका में सैन फ्रांसिस्‍को की एक अदालम में मेटा कंपनी के खिलाफ एक मुकदमा दायर किया गया है. इसमें आरोप लगाए गए हैं कि व्हाट्सऐप की प्राइवेसी से जुड़े दावे सही नहीं हैं. मुकदमे में कहा गया है कि मेटा और व्हाट्सऐप यूजर्स की निजी चैट को स्टोर करते हैं, उनका एनालिसिस करते हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें देख भी सकते हैं. हालांकि, मेटा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि यह मुकदमा बिल्कुल बेबुनियाद और मनगढ़ंत है. 

मुकदमा करने वाले वादियों (plaintiffs) के एक अंतरराष्ट्रीय समूह ने आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने अपनी वॉट्सऐप चैट सेवा की गोपनीयता और सुरक्षा के बारे में झूठे दावे किए हैं. मेटा ने तथाकथित 'एंड-टू-एंड' एन्क्रिप्शन को व्‍हॉटसऐप की विशेषताओं का एक मुख्य हिस्सा बनाया है. इस तरह के एन्क्रिप्शन का मतलब है कि मैसेज भेजने वाले और पाने वाले ही मैसेज देख सकते हैं, कंपनी नहीं. लेकिन वादियों का आरोप है ये दावा झूठा है. 

अरबों यूजर्स को धोखा देने के आरोप 

सैन फ्रांसिस्को में अमेरिकी जिला न्यायालय में दायर मुकदमे में, वादी समूह ने आरोप लगाया है कि मेटा के गोपनीयता दावे झूठे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मेटा और व्‍हॉटसऐप 'यूजर्स के लगभग सारे 'निजी मैसेज' को स्टोर करते हैं और उनका विश्लेषण करते हैं. साथ ही कंपनियों और उनके नेतृत्व पर दुनिया भर के अरबों व्‍हॉटसऐप यूजर्स को धोखा देने का आरोप लगाया है.

शिकायत करने वालों में इस समूह में ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, भारत, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के वादी शामिल हैं. इनका आरोप है कि मेटा उपयोगकर्ताओं के संचार की सामग्री को स्टोर करता है और कर्मचारी उन तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं. इस जानकारी को सामने लाने में मदद करने के लिए 'व्हिसलब्लोअर्स' का हवाला दिया गया है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वे कौन हैं.

आरोपों पर मेटा ने क्‍या कहा? 

इन आरोपों पर जवाब देते हुए मेटा ने कहा कि यह मुकदमा पूरी तरह निराधार है और कंपनी इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी करेगी. मेटा के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह कहना कि व्हाट्सऐप के मैसेज सुरक्षित नहीं हैं, पूरी तरह गलत और बेतुका है. उन्होंने बताया कि व्हाट्सऐप में पिछले दस वर्षों से 'एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन' मौजूद है, जो सिग्नल प्रोटोकॉल पर आधारित है. इसका मतलब है कि भेजने वाले और पाने वाले के अलावा कोई भी मैसेज नहीं पढ़ सकता.   

2009 में हुई थी शुरुआत, मेटा ने 2014 में खरीदा 

व्हाट्सऐप की शुरुआत 2009 में अमेरिका में रहने वाले जान कूम और ब्रायन एक्टन ने की थी. बाद में 2014 में फेसबुक (अब मेटा) ने व्हाट्सऐप को 19 अरब डॉलर में खरीद लिया था. साल 2014 में स्पेन के बार्सिलोना में मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस के दौरान फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा था कि व्हाट्सऐप को खरीदना कंपनी के इंटरनेट.ऑर्ग विजन से जुड़ा हुआ फैसला था.

व्हाट्सऐप को उसकी एंड-टू-एंड सुरक्षा के लिए जाना जाता है. यह ऐप नवंबर 2009 में सबसे पहले आईओएस के लिए लॉन्च हुआ था और 2010 में एंड्रॉयड यूजर्स के लिए भी उपलब्ध कराया गया. करीब 4 साल में ही व्हाट्सऐप ने 20 करोड़ मासिक यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया था. आज व्हाट्सऐप के दुनिया भर में 3 अरब से ज्यादा मासिक सक्रिय यूजर्स हैं, जिनमें से 10 करोड़ से ज्यादा यूजर्स अमेरिका में हैं.

इनपुट: IANS और NDTV Profit

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