Market Weekly Report: बीता हफ्ता भारतीय शेयर बाजार के लिए रोलर-कोस्टर से कम नहीं रहा.एक तरफ दुनिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की महंगी कीमतों ने निवेशकों को परेशान किया. 22 महीनों के बाद बाजार में बड़ी गिरावट आई. एक ही दिन में निवेशकों के 12 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. लेकिन दूसरी तरफ कुछ अच्छे शेयरों में खरीदारी हुई, जिससे बाजार थोड़ा संभल गया. हफ्ते के आखिर में सेंसेक्स 74,500 के ऊपर बंद हुआ, जिसे एक बड़ा लेवल मान सकते हैं. वहीं निफ्टी 50 बिना ज्यादा बदले फ्लैट बंद हुआ. यानी कह सकते हैं कि विश्व में मुश्किल माहौल होने के बाद भी मार्केट आखिर में थोड़ा संभलकर बंद हुआ.

Market Weekly Reort
इस हफ्ते बाजार की चाल
मार्केट की चाल की बात करें तो निफ्टी 50 थोड़ा नीचे बंद हुआ. इसमें करीब 0.2% की गिरावट आई और ये 23,114.50 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, दूसरी तरफ सेंसेक्स थोड़ा ऊपर रहा. इसमें 0.44% की बढ़त आई और ये 74,532.96 पर बंद हुआ. हफ्ते के बीच में बाजार में बड़ी गिरावट आई थी. इस गिरावट में निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये साफ हो गए थे. पर शुक्रवार को बाजार में आई अच्छी रिकवरी से निवेशकों को थोड़ी राहत मिली.
मार्केट में आई गिरावट की वजह
- बाजार में जो इतनी उतार-चढ़ाव दिखी, उसकी सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है. इस तनाव की वजह से दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमत बढ़कर लगभग 119 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है, जो इसके रिकॉर्ड स्तर के काफी करीब है. भारत ज्यादातर कच्चा तेल बाहर से खरीदता है, इसलिए तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है.
- इसके साथ ही विदेशी निवेशकों ने भी भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली की. सिर्फ शुक्रवार को ही विदेशी निवेशकों ने करीब 5,339.62 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए. इस वजह से बाजार पर और दबाव बढ़ गया.
सेक्टर्स का प्रदर्शन
- निफ्टी ऑटो हफ्ते का सबसे बड़ा गेनर रहा, जिसमें 2.2% की तेजी देखी गई.
- निफ्टी मेटल और पीएसयू बैंक में 1.1% और 0.8% की बढ़त दर्ज की गई.
- निफ्टी ऑयल एंड गैस सेक्टर कच्चे तेल की कीमतों के दबाव में 2.2% टूट गया.
- निफ्टी एफएमसीजी और रियल्टी इन दोनों सेक्टरों में 1.9% की गिरावट आई.
- निफ्टी फार्मा भी 1.3% की कमजोरी के साथ बंद हुआ.

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टॉप गेनर्स और लूजर्स
बीते हफ्ते टॉप गेनर्स शेयरों की बात करें तो उसमें सबसे आगे इटर्नल रहा, जिसमें 7.7% की ग्रोथ आई. इसके बाद महिंद्रा एंड महिंद्रा (4.6%), जेएसडब्ल्यू स्टील (4.5%) और टेक महिंद्रा (3.9%) का नाम शामिल है. निवेशको का भरोसा इन शेयर पर कायम रहा.
दूसरी तरफ लूजर्स शेयर्स की बात करें तो बिकवाली के चलते श्रीराम फाइनेंस के शेयर 6.5% तक गिर गए. एचडीएफसी बैंक को भी बड़ा झटका लगा और ये 4.5% नीचे बंद हुआ. सिप्ला (-4.4%), हिंडाल्को (-3.9%) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (-3.6%) जैसे बड़े शेयर भी टॉप लूजर्स की लिस्ट में रहे.
खबरों में कायम रहे ये शेयर
बीते हफ्ते कई ऐसे शेयर भी रहे, जिनकी खबरों ने उनकी चाल पर असर डाला. एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे की खबर की वजह से शेयरों में भारी गिरावट आई. इंट्राडे के दौरान शेयर 9% तक टूट गया था. वहीं, रिलायंस जियो के ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 51.75 करोड़ पहुंचने की खबर से शेयर में 4% की तेजी आई. इसके अलावा गुजरात सरकार के साथ मुंद्रा प्लांट के लिए बिजली सप्लाई समझौते को मंजूरी मिलने के बाद टाटा पावर के शेयरों में 5% का उछाल आया.
अब कैसी रह सकती है बाजार की दिशा?
आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा काफी हद तक जियो पॉलिटिकल टेंशन, कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर इंडेक्स पर निर्भर करेगी. अगर कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ जाता है तो बिकवाली की जगह लिवाली का दौर एक बार फिर से लौट सकता है.
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