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खुल गया 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज', अब जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ, जानें कब से सस्ता हो सकता है पेट्रोल-डीजल?

Strait of Hormuz Reopening: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से वैश्विक तेल वायदा बाजार में कीमतें तुरंत गिरनी शुरू हो गई हैं. उम्मीद है कि आने वाले दिनों में दुनियाभर के देशों में महंगाई से राहत मिल सकती है.

खुल गया 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज', अब जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ, जानें कब से सस्ता हो सकता है पेट्रोल-डीजल?

Strait of Hormuz Reopening: जिस खबर का इंतजार कई देश कर रहे थे, आखिर वो खुशखबरी मिल गई है. मिडिल ईस्ट में टेंशन और युद्ध के बीच दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा अपडेट आया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) फिर से पूरी तरह खोल दिया गया है. ईरान ने शुक्रवार को ऐलान किया कि अमेरिका के साथ चल रहे सीजफायर के बाकी समय होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला रहेगा. इस समुद्री रास्ते का फिर से खुलना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है.

क्यों बंद था होर्मुज और अब क्या बदला?

करीब 5 हफ्तों से मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ती टेंशन की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को ईरान ने बंद कर दिया था. कच्चे तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंची थी. दुनियाभर के बाजारों में महंगाई बढ़ रही थी. पर सीजफायर समझौते ने इस कूटनीतिक हवा बदल दी है. रिजल्ट ये है कि वो समुद्री रास्ता जहां से दुनिया का 20% से ज्यादा कच्चा तेल गुजरता है, अब वो सभी देशों के लिए खुल चुका है.

Strait of Hormuz Reopening

Strait of Hormuz Reopening

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आम नागरिक को क्या मिलेगी राहत?

  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने का सीधा संबंध आपकी रसोई और गाड़ी की टंकी से है. इस रास्ते के खुलने से सप्लाई चेन की सभी रुकावट दूर हो जाएंगी. इस खबर के आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 11 फीसदी टूट गईं हैं, जिससे तेल कंपनियों पर बोझ कम होगा. जानकारों का मानना है कि अगर स्थिति सामान्य रही तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 से 5 रुपये तक की कमी हो सकती है.
  • जब तेल सस्ता होता है, तो माल बनाने की कॉस्ट गिरती है. इसका सीधा असर सब्जियों, अनाज और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर पड़ता है. इसके अलावा शेयर मार्केट में भी निवेशक झूमते हुए दिखाई देंगे. पिछले 5 हफ्तों से बाजार कभी नीचे, कभी ऊपर का रास्ता तय कर रहा था. पर अब एक स्थिरता देखने को मिल सकती है.

कब तक मिलेगा इसका फायदा?

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों का असर दिखने में 7 से 15 दिनों का समय लगता है. हालांकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से वैश्विक तेल वायदा बाजार में कीमतें तुरंत गिरनी शुरू हो गई हैं. 11 फीसदी से कीमतें कम होकर 88 डॉलर प्रति बैरल आ पहुंचा है. उम्मीद है कि अगले दो से तीन हफ्तों के अंदर आम जनता को पेट्रोल पंपों पर और खुदरा बाजार में सस्ते दामों का फायदा मिलने लगेगा.

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