Stock Market Crash Today: हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को जैसे ही बाजार खुला, निवेशकों में हड़कंप मच गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई धमकीने पूरी दुनिया के बाजारों को हिला कर रख दिया है. आलम यह है कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स खुलते ही 700 अंक से ज्यादा टूट गया.
आज सुबह 9:16 बजे के करीब BSE सेंसेक्स 702 अंक (0.95%) की भारी गिरावट के साथ 73,404 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. वहीं, निफ्टी-50 भी पीछे नहीं रहा और इसमें 206 अंकों (0.90%) की कमजोरी देखी गई, जिससे यह 22,761 के स्तर पर आ गया. बाजार खुलने के साथ ही निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा हो गए.
इन शेयरों में जोरदार गिरावट
आज के कारोबार में बैंकिंग, ऑटो, रियल एस्टेट और फार्मा सेक्टर के शेयरों में 2% तक की गिरावट दर्ज की गई. सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में IndiGo, Max Healthcare, M&M, Eicher Motors, Apollo Hospitals और Dr Reddy's शामिल रहे.. बाजार के जानकारों का कहना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में स्थिरता आना मुश्किल है
ट्रंप का ईरान को तबाह करने का अल्टीमेटम
शेयर बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह डोनाल्ड ट्रंप का वो बयान है, जिसने पूरी दुनिया को युद्ध की कगार पर खड़ा कर दिया है. ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर बुधवार रात 12 बजे (GMT) तक 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को जहाजों के लिए नहीं खोला गया, तो ईरान का नामोनिशान मिटा दिया जाएगा. ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि वे एक रात में ईरान के हर ब्रिज, हर पावर प्लांट और पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर सकते हैं.
कच्चे तेल में लगी आग, $115 के पार पहुंचा भाव
एक तरफ शेयर बाजार गिर रहा है, तो दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमतों ने आग लगा रखी है. ट्रंप की इस धमकी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उबाल आ गया है. अमेरिकी तेल (WTI) 115 डॉलर के पार पहुंच गया है, जो एक महीने का सबसे ऊंचा स्तर है. वहीं ब्रेंट क्रूड भी 111 डॉलर के आसपास बना हुआ है. ईरान ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि अगर हमला हुआ, तो वे पूरे खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर देंगे, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है.
तेल महंगा होने का मतलब है कि आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा है.
विदेशी निवेशकों (FIIs) की भारी बिकवाली
बाजार को गिराने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का भी बड़ा हाथ रहा. सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से 8,167 करोड़ रुपये निकाल लिए. हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 8,000 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन ग्लोबल के आगे यह कोशिश नाकाम साबित हुई.
महंगाई का डर और ग्लोबल मार्केट का हाल
युद्ध के इस माहौल ने महंगाई बढ़ने का डर दोबारा पैदा कर दिया है. फिलीपींस में महंगाई दर मार्च में 4.1% पर पहुंच गई है, जो अनुमान से कहीं ज्यादा है. ग्लोबल मार्केट्स की बात करें तो टोक्यो, सिंगापुर और जकार्ता के बाजार भी दबाव में दिखे. फिलहाल निवेशकों की नजरें कल रात की डेडलाइन पर टिकी हैं.
अभी क्या करें निवेशक, ये है एक्सपर्ट की राय
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल माहौल काफी अनिश्चित है. उनका कहना है कि निवेशकों को अभी जल्दबाजी में कोई नया दांव लगाने से बचना चाहिए. जब तक बाजार किसी मजबूत रेजिस्टेंस लेवल को पार नहीं करता, तब तक सतर्क रहना ही समझदारी है. ट्रेडर्स को सलाह दी गई है कि वे केवल चुनिंदा शेयरों पर ध्यान दें और बाजार के संभलने का इंतजार करें.
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