दिग्गज जापानी कंपनी सोनी इस समय लंदन में एक बड़ी कानूनी मुसीबत में फंस गई है. कंपनी पर आरोप है कि उसने लाखों यूके गेम यूजर्स से डिजिटल गेम्स और इन-गेम खरीदारी के लिए जरूरत से ज्यादा पैसे वसूले हैं. इसके लिए जापान की बड़ी मनोरंजन कंपनी सोनी पर मंगलवार से लंदन में 2 अरब पाउंड (लगभग 2.7 अरब डॉलर) का क्लास एक्शन मुकदमा शुरू होने वाला है.
क्या है पूरा मामला?
उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ता एलेक्स नील ने एफपी से बात करते हुए दावा किया कि सोनी ने पिछले 10 सालों में यूके ग्राहकों का फायदा उठाया है, क्योंकि वो उनसे प्ले स्टेशन के डिजिटल गेम्स और इन-गेम कंटेंट के लिए ज़्यादा पैसे लेता रहा. बता दें एलेक्स नील ने लगभग 1.22 करोड़ यूजर्स की तरफ से यह केस किया है.
एलेक्स नील ने बताया कि इस केस का मकसद इस गलत चीज को रोकना और इससे प्रभावित लोगों को मुआवज़ा दिलाना है. प्लेस्टेशन स्टोर सोनी का ऑफिशियली डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां गेमर ग्रैन टूरिज्मो, गॉड ऑफ वॉर जैसे सोनी के गेम और कॉल ऑफ ड्यूटी, जीटीए, असैसिन्स क्रीड जैसे बड़े गेम खरीद सकते हैं
क्या है सोनी पर आरोप?
- आरोप है कि सोनी अपने स्टोर पर बिकने वाले हर गेम और इन-गेम कंटेंट पर डेवलपर्स से 30% कमीशन वसूलता है. इसकी तुलना में PC प्लेटफॉर्म्स पर यह चार्ज सिर्फ 12% से 20% है.
- क्योंकि प्लेस्टेशन पर गेम खरीदने के लिए सोनी का डिजिटल स्टोर ही सिर्फ जरिया है, इसलिए कंपनी अपनी मर्जी से कीमतें तय करती है.
- गेम्स को इस तरह डिजाइन किया है कि प्लेयर्स खासकर बच्चे ज्यादा से ज्यादा पैसा खर्च करें. इन्हें आगे बढ़ने, नई चीजें अनलॉक करने या अपने कैरेक्टर और हथियार को कस्टमाइज़ करने के लिए पैसे देने पड़ते हैं.
- सोनी जिन सर्विस को देने में जितना खर्च करता है, उसके मुकाबले उनके दाम बहुत ज्यादा हैं.
किसे मिलेगा मुआवजा?
यह मुकदमा 2022 में दायर किया गया था, जिसमें करीब 2 अरब पाउंड के मुआवजे की मांग की गई है. यह मुआवजा उन सभी लोगों में बांटा जाएगा जिन्होंने फरवरी 2026 से पहले के 10 सालों में प्लेस्टेशन स्टोर से डिजिटल गेम या इन-गेम कंटेंट खरीदा हो. यह ट्रायल लंदन के कंपटीशन अपील ट्रिब्यूनल में होगा और लगभग 10 हफ्ते चलने की उम्मीद है.
कंपनी ने दी सफाई
मामले पर जब सोनी से जवाब मांगा गया तो कंपनी ने तुरंत कोई जवाब नहीं दिया, लेकिन अपने बचाव में कंपनी ने कहा कि उसका डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल सही है.
एप्पल को भी लगा था झटका
हालांकि, सोनी की राह आसान नहीं होगी. पिछले साल एप्पल को लंदन में एक केस हारना पड़ा था, जहां उस पर आरोप था कि उसने अपने ऐप स्टोर पर बहुत ज्यादा कमीशन लेकर अपनी पावर का गलत इस्तेमाल किया. अमेरिकी टेक कंपनी एप्पल ने कहा है कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी, लेकिन फिर भी अगर यह फैसला बरकरार रहता है, तो उसे लाखों यूज़र्स को पैसे वापस करने पड़ सकते हैं.
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