भारत के आईटी सेक्टर के लिए आज की सुबह एक बुरी खबर लेकर आई है. दिग्गज क्लाउड कंप्यूटिंग कंपनी ओरेकल (Oracle) ने भारत में बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू कर दी है. खबर है कि मेरिकी टेक कंपनी ओरेकल (Oracle) ने भारत में अपने करीब 12,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. दुख की बात यह है कि संकट अभी टला नहीं है.
सूत्रों के मुताबिक कंपनी अगले एक महीने के भीतर छंटनी का दूसरा दौर भी आ सकता है. दुनिया भर में ओरेकल अब तक लगभग 30,000 लोगों की छुट्टी कर चुका है.
अगले महीने फिर हो सकती है छंटनी, कर्मचारियों में खौफ का माहौल
भारत में ओरेकल के करीब 30,000 कर्मचारी हैं, जिनमें से एक बड़ी हिस्सेदारी पर पहले ही गाज गिर चुकी है. कंपनी के ही एचआर डिपार्टमेंट और प्रभावित कर्मचारियों का कहना है कि मैनेजमेंट ऑपरेशंस को स्ट्रीमलाइन यानी व्यवस्थित करने के नाम पर अगले 30 दिनों में एक और बड़ा ले-ऑफ (Oracle Mass Layoff) करने की तैयारी में है. कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में कहा गया है कि "ऑर्गेनाइजेशनल चेंज के कारण आपका पोस्ट अब कंपनी के लिए जरूरी नहीं रह गया है."
कर्मचारियों को मिल रहा सेवरेंस पैकेज क्या है ?
नौकरी जाने के दुख के बीच कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों के लिए एक सेवरेंस पैकेज (Severance Package) का ऐलान किया है. हालांकि, यह पैकेज उन लोगों को मिलेगा जो शांति और आपसी सहमति से इस्तीफा देंगे. इसके तहत कर्मचारियों को क्या-क्या मिलने वाले हैं यो भी जान लाजिए...
- हर एक साल की सर्विस यानी काम के बदले 15 दिन की सैलरी मिलने वाली है.
- टर्मिनेशन डेट तक की अनपेड वेज और लीव एनकैशमेंट मिल रहा है.
- एक महीने के नोटिस पीरियड की पूरी सैलरी दे रही है.
- कंपनी अपनी तरफ से दो महीने की एक्स्ट्रा सैलरी ' स्पेशलटॉप-अप' के तौर पर भी दे रही है.
- एलिजिबिलिटी के अनुसार ग्रेच्युटी का पेमेंट भी किया जाएगा.
अमेरिका में निकाले गए कर्मचारियों को क्या मिल रहा है?
भारत के मुकाबले अमेरिका में प्रभावित कर्मचारियों को 4 हफ्ते की बेस सैलरी और हर एक साल की सर्विस पर एक एकस्ट्रा वीक की सैलरी दी जा रही है (अधिकतम 26 हफ्ते तक). हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मेटा (Meta) और ब्लॉक (Block) जैसी कंपनियों के मुकाबले ओरेकल का यह पैकेज काफी कम है.
आखिर Oracle में क्यों हो रही है इतनी बड़ी छंटनी?
ओरेकल अब अपना पूरा ध्यान और पैसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर लगाना चाहता है. कंपनी अपने कर्ज को कम करने और वित्तीय फोकस को एआई की तरफ मोड़ने के लिए यह कड़े कदम उठा रही है. इस साल ओरेकल के शेयरों में भी करीब 25% की गिरावट देखी गई है, जो टेक मार्केट की अन्य बड़ी कंपनियों के मुकाबले काफी खराब प्रदर्शन है.
जानकारों का मानना है कि ओरेकल अपने ऑपरेशंस को 'स्ट्रीमलाइन' करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाने के लिए यह कदम उठा रही है. ज्यादातर कर्मचारियों को सुबह-सुबह ईमेल के जरिए इस फैसले की जानकारी दी गई, जिससे टेक सेक्टर में हड़कंप मच गया है.
वर्क प्रेशर और सख्त नियम
कुछ पूर्व कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि भारत में 16-16 घंटे की शिफ्ट का विरोध करने पर भी लोगों को निशाना बनाया गया है. साथ ही, छंटनी की प्रक्रिया इतनी सख्त है कि कर्मचारियों को ईमेल मिलते ही उनके कंप्यूटर, फाइल्स और ईमेल एक्सेस तुरंत बंद कर दिए जा रहे हैं ताकि कोई डेटा कॉपी न किया जा सके.
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