महज 12.5 एकड़ का प्लॉट और शुरुआती कीमत तय की गई- 835 करोड़ रुपये. बोली शुरू हुई तो बड़े-बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स इसें शामिल हुए. दिग्गज रियल एस्टेट फर्म DLF भी कहां पीछे रहने वाला था. वो भी पहुंचा, लेकिन दोगुनी से भी ज्यादा ऊंची बोली पहुंचने के बीच कहीं न कहीं वो पिछड़ गया और ये जमीन आ गई, रियल एस्टेट डेवलपर M3M की झोली में.
M3M के प्रवक्ता ने इस पर तुरंत कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जबकि नोएडा अथॉरिटी ने अभी तक नीलामी की जानकारी की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. इस जमीन के लिए DLF लिमिटेड, M3M ग्रुप और गोदरेज प्रॉपर्टीज को बोली लगाने के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था. हालांकि, मंगलवार की बोली में इनमें से सिर्फ दो ग्रुप ही शामिल हुए. DLF और M3M के बीच हो रही इस टक्कर में बाजी M3M ने मार ली.
कहां है जमीन और इतनी वैल्यू क्यों?
12.5 एकड़ जमीन का ये टुकड़ा नोएडा सेक्टर 108 में है. PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि नोएडा अथॉरिटी की ओर से नीलाम किए गए मिक्स्ड-यूज वाले प्लॉट यानी जमीन के टुकड़े के लिए M3M ने सबसे ज्यादा बोली लगाई. 1,850 करोड़ रुपये में ये जमीन रियल एस्टेट डेवलपर M3M की हो गई.
इस प्लॉट की लोकेशन शानदार बताई जा रही है. सूत्रों के अनुसार, यह जमीन मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट के लिए तय की गई है. यानी कि यहां रिहायशी आवास भी बनाए जा सकते हैं और कमर्शियल प्रोजेक्ट यानी मॉल वगैरह दोनों तरह के निर्माण शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि सेक्टर 108 वाले प्लॉट के लिए मिली भारी-भरकम कीमत ये दिखाती है कि नोएडा में अच्छी लोकेशन वाली मिक्स्ड-यूज लैंड में डेवलपर्स की कितनी दिलचस्पी है.
दिल्ली-NCR में पिछले कुछ वर्षों में जिस तेजी से इंफ्रा, खासकर रेलवे, मेट्रो, हाईवे का विकास हुआ है और आने वाले वर्षों के लिए नमो भारत कॉरिडॉर, फ्लाईओवर और सड़कों का जाल बिछने वाला है, अलग-अलग इलाकों में डिमांड काफी बढ़ गई है. जमीन की कीमतें आसमान छूने लगी हैं.
बताया गया कि गोदरेज प्रॉपर्टीज ने हाल ही में नोएडा के सेक्टर 151 में 4.95 एकड़ के रिहायशी ज़मीन के टुकड़े के लिए 331.75 करोड़ रुपये की सबसे ज्यादा बोली लगाई थी. नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक, प्रस्तावित रिहायशी प्रोजेक्ट से 2,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है.
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