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7.15 करोड़ वर्गफुट एरिया में केवल कंपनियों के दफ्तर, महंगे किराये के बावजूद इन 5 शहरों में हाई डिमांड

बेंगलुरु ने 2025 में भी अपना शीर्ष स्थान बनाए रखा है, जहां ऑफिस स्‍पेस का पट्टा 22.1 मिलियन वर्ग फुट दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक है.

7.15 करोड़ वर्गफुट एरिया में केवल कंपनियों के दफ्तर, महंगे किराये के बावजूद इन 5 शहरों में हाई डिमांड

देश के टॉप 7 शहरों में देसी और मल्‍टीनेशनल कंपनियों के बढ़ते दायरे से लीज पर दिए जाने वाले ऑफिस स्‍पेस की मांग 6 फीसदी बढ़ गई है. महंगे किराये के बावजूद दिल्‍ली समेत कई बड़े शहरों में ऑफिस स्‍पेस की मांग बहुत ज्‍यादा है. ज्‍यादातर कंपनियां अपना दफ्तर बनाने से ज्‍यादा किराये पर लेकर काम चलाती हैं. ऐसे में इसकी मांग भी हर साल बढ़ती जाती है. कोलियर्स इंडिया की हालिया रिपोर्ट बताती है कि देश में 7.15 करोड़ वर्ग फुट एरिया में कंपनियों के ए ग्रेड के दफ्तर हैं. पिछले साल यानी 2024 में ये आंकड़ा 6.72 करोड़ वर्ग फुट था. 

इन 5 शहरों में हाई डिमांड 

ऑफिस स्‍पेस की सबसे अधिक मांग वाले टॉप-5 शहरों में बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, चेन्नई, पुणे और हैदराबाद शामिल रहे. कोलियर्स की रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु ने 2025 में भी अपना शीर्ष स्थान बनाए रखा है, जहां ऑफिस स्‍पेस का पट्टा 22.1 मिलियन वर्ग फुट दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक है. ये आईटी-आईटीईएस और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की मजबूत मौजूदगी दर्शाता है. 

दिल्ली-एनसीआर में मांग स्थिर बनी रही और पट्टा 11.3 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गया, जिससे यह दूसरा सबसे बड़ा ऑफिस मार्केट बना रहा. चेन्नई ने इस वर्ष सबसे तेज ग्रोथ दिखाई और 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ पट्टा 9.6 मिलियन वर्ग फुट पर पहुंच गया, जो मैन्युफैक्चरिंग-सपोर्ट और टेक सर्विसेज सेक्टर की बढ़ती जरूरतों को दिखाता है. 

पुणे में भी मांग लगातार मजबूत रही और ऑफिस स्‍पेस का पट्टा 7.8 मिलियन वर्ग फुट रहा, जहां आईटी, स्टार्ट-अप और ऑटो-इंजीनियरिंग कंपनियों का दबदबा बना हुआ है. वहीं, हैदराबाद में भले ही सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई हो, लेकिन 10.1 मिलियन वर्ग फुट के साथ यह अब भी देश के सबसे ज्यादा डिमांड वाले ऑफिस मार्केट्स में शामिल रहा, जिससे साफ है कि कुल मांग के लिहाज से शहर की अहमियत बरकरार है.

ग्‍लोबल कैपिसिटी सेंटर्स अहम फैक्‍टर 

कोलियर्स इंडिया के MD अर्पित मेहरोत्रा के मुताबिक, 'देश का ऑफिस मार्केट लगातार बढ़ रहा है और हर गुजरते साल नए रिकॉर्ड बना रहा है.' कोलियर्स का कहना है कि 'ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर' (जीसीसी) कार्यालयों की मांग के प्रमुख चालकों में से एक के रूप में उभरे हैं. प्रतिभाशाली मानव संसाधन की उपलब्धता और बेहद किफायती किराए पर 'प्रीमियम' कार्यालय स्थान उपलब्ध होने के कारण विदेशी कंपनियां भारत में जीसीसी स्थापित कर रहे हैं.

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