कल्पना कीजिए कि दिल्ली से मुंबई की कोई लेटनाइट फ्लाइट रात 12 बजे उड़ान भरती है. 1 बजे के करीब पायलट को नींद आने लगी. फिर दूसरे पायलट को भी नींद आने लगे तो क्या होगा? भगवान न करे कि ऐसा कभी हो! लेकिन 25 जनवरी 2024 को ऐसा ही हुआ था, बाटिक एयर की एक फ्लाइट के साथ. करीब आधे घंटे तक दोनों पायलट सो गए थे और 36,000 फीट की ऊंचाई पर विमान जैसे-तैसे भटकता रहा. गनीमत रही कि मुख्य पायलट की नींद खुली और अंतत: सुरक्षित लैंडिंग हुई.
आप सोच रहे होंगे कि हम आज उस घटना की चर्चा क्यों कर रहे हैं. दरअसल भारतीय पायलटों के संघ फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने एविएशन रेगुलेटर DGCA को एक पत्र लिखा है. पत्र में इसी 'बाटिक एयर' (Batik Air) हादसे की खौफनाक मिसाल दी गई है और पायलटों की थकान को लेकर कुछ मांगें की गई हैं.
पायलट की पूरी नींद जरूरी, इसलिए...
FIP का कहना है, 'सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि पायलट ने रोस्टर के हिसाब से कितने घंटे काम किया. असली सवाल यह है कि
- पायलट को वास्तव में कितनी नींद मिली?
- क्या वह मानसिक रूप से उड़ान के लिए फिट है?
- क्या वह शारीरिक रूप से उड़ान के लिए फिट है?
लगातार नाइट ड्यूटी, सुबह-सुबह की उड़ानें और नींद में बाधा के कारण पायलटों में Fatigue (अत्यधिक थकान) का खतरा जानलेवा स्तर तक पहुंच रहा है. ऐसे में पायलट संघ की 3 प्रमुख मांगें हैं.
- FRMS (थकान प्रबंधन) को अनिवार्य किया जाए: पायलट संगठन ने देश में Fatigue Risk Management System को मजबूत और अनिवार्य बनाने की मांग की है.
- बिना सजा के डर के थकान की रिपोर्ट करने की छूट: पायलटों को थकान की स्थिति रिपोर्ट करने की सुविधा हो और इसके लिए उन्हें सजा का डर नहीं होना चाहिए.
- कॉकपिट रिस्पॉन्स न मिलने पर क्रू के नियम: कॉकपिट की निगरानी के नियम भी ज्यादा स्पष्ट करने की मांग की गई है. जैसे अगर दोनों पायलट जवाब न दें तो केबिन क्रू को क्या करना चाहिए.
FIP चाहता है कि DGCA सभी एयरलाइंस के लिए FRMS को अनिवार्य करे, जिसमें वैज्ञानिक तरीके से पायलटों की थकान को पहचानना, उसका आकलन करना और उसे कम करना शामिल हो.
जब आसमान में अटकी 153 यात्रियों की सांस
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने पत्र में 25 जनवरी 2024 को हुए जिस 'बाटिक एयर' (Batik Air) हादसे का उदाहरण दिया है, वो बेहद खौफनाक घटना थी. उस उड़ान के दौरान प्लेन उड़ा रहे दोनों पायलट एक साथ कॉकपिट में सो गए. दोनों करीब 28 मिनट तक गहरी नींद में रहे, और इस दौरान विमान अपने तय रास्ते से करीब 80 नॉटिकल मील (लगभग 148 किमी) दूर भटक गया. गनीमत यह रही कि बड़ा हादसा होने से पहले पायलट जाग गए और प्लेन को सुरक्षित संभाल लिया गया.
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