बजट 2026 के पेश होने के साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक उत्साहजनक खबर आई है. जनवरी महीने में सकल माल एवं सेवा कर (GST) संग्रह 6.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1.93 लाख करोड़ रुपये के पार निकल गया है. रविवार को सामने आए सरकारी आंकड़ों के अनुसार, आयात से होने वाली कमाई में आई तेजी ने इस संग्रह को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है.
घरेलू मोर्चे पर कैसा रहा प्रदर्शन?
आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी में घरेलू लेन-देन से होने वाला टैक्स कलेक्शन 4.8 प्रतिशत बढ़कर 1.41 लाख करोड़ रुपये रहा. वहीं, विदेशी सामान के आयात (Import) से होने वाले राजस्व में 10.1 प्रतिशत का उछाल देखा गया, जो 52,253 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. अगर 'रिफंड' की बात करें, तो इसमें 3.1 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई है और यह 22,665 करोड़ रुपये रहा. रिफंड घटाने के बाद शुद्ध (Net) जीएसटी राजस्व 7.6 प्रतिशत बढ़कर करीब 1.71 लाख करोड़ रुपये रहा.
टैक्स दरों में कटौती का असर
गौरतलब है कि सरकार ने 22 सितंबर, 2025 को करीब 375 वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती की थी, ताकि महंगाई कम हो और सामान सस्ता हो सके. इसके अलावा, अब केवल तंबाकू उत्पादों पर ही 'क्षतिपूर्ति उपकर' (Cess) लगाया जा रहा है, जबकि पहले कारों और विलासिता की वस्तुओं पर भी यह लागू था. दरों में इस कटौती के बावजूद कलेक्शन में बढ़त देखना अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत माना जा रहा है.
तंबाकू उत्पादों से उपकर संग्रह जनवरी में 5,768 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी महीने में 13,009 करोड़ रुपये था. यह गिरावट इसलिए है क्योंकि अब कई लग्जरी उत्पादों को उपकर (Cess) के दायरे से बाहर कर दिया गया है.
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