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Oil Price: UAE न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमले से कच्चे तेल में फिर लगी आग, ब्रेंट क्रूड $110 के पार

Crude Oil Price Today: पश्चिम एशिया से आ रही एक बेहद परेशान करने वाली खबर ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट में हड़कंप मचा दिया है.UAE के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए ड्रोन हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतें दो हफ्ते के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं.

Oil Price: UAE न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमले से कच्चे तेल में फिर लगी आग, ब्रेंट क्रूड $110 के पार
UAE Nuclear Plant Attack: UAE के बराकाह न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन अटैक के बाद ब्रेंट क्रूड $110.70 के पार पहुंचा.

: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने ग्लोबल ऑयल मार्केट को हिला दिया है. UAE के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन हमला (UAE Drone Strike) होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें (Crude Oil Price Today) दो हफ्ते के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं.निवेशकों को डर है कि अगर संघर्ष और बढ़ा तो तेल सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो सकती है.

कच्चा तेल 110 डॉलर के पार

सोमवार को ब्रेंट क्रूड (Brent Crude oil price) करीब 1.3% चढ़कर $110.70 प्रति बैरल तक पहुंच गया. वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड(WTI Crude price) भी 1.7% की तेजी के साथ $107.26 प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा. पिछले हफ्ते भी दोनों बेंचमार्क में 7% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई थी.

UAE और सऊदी अरब में बढ़ी सुरक्षा चिंता

यूएई अधिकारियों ने बराकाह न्यूक्लियर प्लांट पर हुए ड्रोन हमले की जांच शुरू कर दी है. यूएई ने इसे “आतंकी हमला” बताते हुए जवाबी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखा है.दूसरी तरफ सऊदी अरब ने भी इराकी एयरस्पेस से आए तीन ड्रोन को मार गिराया और कहा कि देश की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा.

ईरान युद्ध से तेल सप्लाई बाधित होने का डर

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर अमेरिका या इजरायल ने ईरान पर नई सैन्य कार्रवाई की तो गल्फ क्षेत्र में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और तेल सप्लाई पर और हमले हो सकते हैं. खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर चिंता बढ़ रही है, जहां से दुनिया की बड़ी तेल सप्लाई गुजरती है.

ट्रंप की बैठक पर बाजार की नजर

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) मंगलवार को अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ ईरान पर संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा कर सकते हैं. इस बैठक के नतीजों पर अब ग्लोबल कमोडिटी और शेयर बाजार की नजर बनी हुई है.

भारत पर क्या होगा असर?

अगर कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी रहती हैं तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है. साथ ही एविएशन, पेंट, केमिकल और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

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