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भारत को झुकाने के लिए हुआ था गौतम अदाणी पर केस, मगर ना भारत डिगा, न अदाणी ग्रुप: यतीश रजावत

सीआईपीपी के सीईओ यतीश रजावत ने कहा कि जिस समय अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी पर यह मुकदमा दर्ज किया गया था, उस समय अमेरीका और भारत एक बड़ी डील पर बात कर रहे थे, उसमें भारत को झुकाने के लिए यह केस दर्ज किया गया था. लेकिन इससे न भारत विचलित हुआ और न ही अदाणी ग्रुप.

भारत को झुकाने के लिए हुआ था गौतम अदाणी पर केस, मगर ना भारत डिगा, न अदाणी ग्रुप: यतीश रजावत
नई दिल्ली:

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के खिलाफ अमेरिका में लगे धोखाधड़ी के आरोप जल्द ही खत्म हो सकते हैं. ब्लूमबर्ग ने इस मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि अमेरिकी अधिकारियों ने ये मामला सुलझाने और आपराधिक मामले को वापस लेने की दिशा में कदम बढ़ाएं हैं. इसी के साथ पिछले एक साल से चल रहे कानूनी विवाद का अंत हो सकता है. सीआईपीपी के सीईओ यतीश रजावत ने अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के खिलाफ दायर किए गए इस मुकदमे को भारत को झुकाने की कोशिश बताया है. एनडीटीवी से उन्होंने कहा कि इस मुकदमा को दर्ज करने का समय काफी महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि जिस समय यह मामला दर्ज हुआ उस समय भारत और अमेरिका एक बड़ी डील पर बात कर रहे थे, भारत इस डील में झुकने को तैयार नहीं था. अमेरिका में भारत को झुकाने के लिए यह मुकदमा दर्ज हुआ. लेकिन इससे न तो भारत पर कोई असर पड़ा और न ही अदाणी ग्रुप पर. यह देखने के बाद अमेरिका ने यह मुकदमा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की है. 

भारत ने नहीं टेके घुटने

रजावत ने एनडीटीवी से कहा, ''देखिए डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने जिस तरह से केस फ्रेम किए थे और जो इसका समय था वह काफी महत्वपूर्ण है. उस समय भारत-अमेरिका में एक बड़ी डील को लेकर बातचीत कर रहे थे. एपस्टीन पर बात हो रही थी. अमेरिका ने हम पर भारी-भरकम टैरिफ लगा रखा था. एक दबाब तो टैरिफ का था और दूसरा यह कि हम भारत को कैसे रोक सकते हैं. कैसे भारत पर दबाव डाल सकते हैं.'' 

रजावत ने कहा कि यह दबाव इसलिए डाला जा रहा था, क्योंकि भारत उस समझौते में घुटने नहीं टेक रहा था.उन्होंने कहा कि जब इस किस्म का दबाव होता है तो हर चीज इस्तेमाल की जाती है. उसी में से यह एक टूल था, जिसे कोर्ट के जरिए इस्तेमाल किया गया, जिससे अदाणी समूह पर दबाव बने, जो कि एक तेजी से आगे बढ़ता हुआ समूह है. उन्होंने कहा कि इसे इस तरह से भी देख सकते हैं कि भारत को घुटने टेकने पर मजबूर करने के लिए इस टूल का इस्तेमाल किया गया. और मुकदमा दर्ज किया गया.

उन्होंने कहा कि आज फंड रेजिंग कोई समस्या नहीं है, क्योंकि फंड रेजिंग आप केवल अमेरिका में ही नहीं बल्कि यूरोप और जापान में भी कर सकते हैं. हर कोई फंड देने को तैयार है, क्योंकि हम यूएई और दूसरे अन्य देशों से जुड़ गए हैं.ऐसे में अमेरिका को भी इस बात का एहसास हुआ कि एसईसी का जो दावा डाला गया था, उससे न तो भारत पर कोई प्रभाव पड़ा और न ही अदाणी ग्रुप पर, फंड रेजिंग चलती रही और काम चलता रहा. जब दबाव फेल हो गए तो अमेरिका के पास मामले को वापस लेने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था. अब जब मामले वासप लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, ऐसे में सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमिशन (एसईसी) और डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस जल्द ही मामले को वापस ले लेंगे.

अमेरिका में वापस होगा अदाणी ग्रुप पर दर्ज मामला

न्यूज एजेंसी 'ब्लूमबर्ग' का दावा है कि अमेरिका का न्याय विभाग इसी हफ्ते अदाणी के खिलाफ आरोपों को वापस लेने की घोषणा कर सकता है. एसईसी भी अदाणी और अन्य के खिलाफ नवंबर 2024 में शुरू किए गए समानांतर सिविल फ्रॉड के मामले को निपटाने की तैयारी कर रहा है. ब्लूमबर्ग ने इस मामले से परिचित लोगों के हवाले से कहा है कि अमेरिकी न्याय विभाग देश के बाहर हुए घटनाक्रम से संबंधित मामले में आरोपों को हटाने के लिए कदम उठा सकता है, लेकिन एसईसी के प्रस्ताव में मामले को निपटाने के लिए जुर्माने का प्रावधान शामिल हो सकता है.

अदाणी ग्रुप शुरू से ही इन आरोपों से इनकार करता रहा है. इन मामलों के खत्म होने से अदाणी ग्रुप के लिए अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों के दरवाजे फिर से खुल जाएंगे. इससे ग्रुप को अपनी विस्तार योजनाओं में आक्रामक रणनीति के साथ आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.

ये भी पढ़ें: गौतम अदाणी के खिलाफ अमेरिका में खत्म होंगे केस - रिपोर्ट

(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)

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