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किरण मजूमदार-शॉ के बाद अब भतीजी क्लेयर मजूमदार संभालेंगी बायोकॉन की कमान, जानें क्या है कंपनी का फ्यूचर प्लान

Biocon की कमान पिछले 48 सालों से किरण मजूमदार शॉ के हाथों में रही है. अब किरण मजूमदार शॉ ने रिटायर होने का फैसला किया है और कंपनी की कमान युवा पीढ़ी को सौंपने की तैयारी कर ली है.

किरण मजूमदार-शॉ के बाद अब भतीजी क्लेयर मजूमदार संभालेंगी बायोकॉन की कमान, जानें क्या है कंपनी का फ्यूचर प्लान
Biocon Succession: एक इंटरव्यू में किरण मजूमदार-शॉ ने कहा कि वह बायोकॉन को आगे ले जाने के लिए क्लेयर को एक सही उत्तराधिकारी के तौर पर देखती है.

बायोकॉन की फाउंडर किरण मजूमदार-शॉ ने करीब 60 हजार करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस कंपनी की कमान युवा पीढ़ी को सौंपने की तैयारी कर ली है. उन्होंने अपनी भतीजी क्लेयर मजूमदार को आधिकारिक तौर पर अपना उत्तराधिकारी नामित कर दिया है. यह पहला मौका है जब  मजूमदार-शॉ ने सार्वजनिक रूप से किसी व्यक्ति को कंपनी की कमान सौंपने के लिए नामित किया है. जिसके बाद ये साफ हो गया कि बायोकॉन जैसी देश की दिग्गज बायोफार्मा कंपनी कंपनी की कमान एक बार फिर एक महिला के हाथों में ही रहेगी. 

फॉर्च्यून फॉर्च्यून इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में  73 वर्षीय मजूमदार-शॉ ने स्पष्ट किया कि वह बायोकॉन को आगे ले जाने के लिए क्लेयर को एक सही उत्तराधिकारी के तौर पर देखती है. वह कंपनी  सुरक्षित और सक्षम हाथों में सौंपना चाहती हैं. उन्होंने क्लेयर मजूमदार की लीडरशिप कैपेसिटी पर भरोसा जताते हुए कहा कि क्लेयर ने खुद को एक कुशल लीडर के रूप में साबित किया है. बता दें कि किरण मजूमदार-शॉ की कोई संतान नहीं है.

इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “बायोकॉन का स्वामित्व केवल मेरे पास है और मुझे यह सुनिश्चित करना होगा कि मैं इसे अच्छे हाथों में सौंपूं. मैंने अपनी भतीजी क्लेयर को अपना उत्तराधिकारी माना है क्योंकि मुझे लगता है कि उसने मुझे यह साबित कर दिया है कि वह एक कंपनी चला सकती है.”

कौन हैं क्लेयर मजूमदार?

क्लेयर मजूमदार फिलहाल नैस्डैक-लिस्टेड कंपनी 'बिकारा थेरेप्यूटिक्स' की की और सीईओ हैं. इस कंपनी को बायोकॉन द्वारा सपोर्ट किया गया है. इसके अलावा, क्लेयर मजूमदार के पास मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बायोलॉजिकल इंजीनियरिंग में डिग्री, स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए और स्टैनफोर्ड स्कूल ऑफ मेडिसिन से कैंसर बायोलॉजी में पीएचडी है.

इसके अलावा, कंपनी के फ्यूचर डेवलपमेंट के लिए एक स्ट्रक्चर तैयार किया गया है. इसमें इसमें क्लेयर के भाई एरिक मजूमदार शामिल हैं, जो कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में प्रोफेसर और एआई एक्सपर्ट हैं, साथ ही उनके पति थॉमस रॉबर्ट्स भी हैं, जो मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल में ऑन्कोलॉजिस्ट हैं.

बायोकॉन का बायोसिमिलर्स पर फोकस

ऑर्गेनाइजेशन रीकंस्ट्रक्चरिंग के तहत, बायोकॉन ने अपने जेनेरिक और बायोलॉजिक्स बिजनेस का मर्जर कर दिया है, जिससे कंपनी ने अपनी स्ट्रक्चर को आसान बनाया है और कर्ज कम किया है. मजूमदार-शॉ ने बताया कि कंपनी बायोसिमिलर्स पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है, जो रवेन्यू में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. कंपनी के कई प्रोडक्ट पहले से ही बाजार में हैं और कई अन्य प्रोडक्ट्स पाइपलाइन में हैं.

कंपनी के लीडरशिप में होंगे बड़े बदलाव

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि समूह की सभी कंपनियों में नेतृत्व परिवर्तन हो रहे हैं. श्रीहास तांबे ने बायोकॉन बायोलॉजिक्स के सीईओ और प्रबंध निदेशक का पदभार संभाला है, जबकि सिद्धार्थ मित्तल 1 जुलाई से सिंजीन इंटरनेशनल का नेतृत्व करेंगे.

उत्तराधिकार की इस खबर का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला. मंगलवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर बायोकॉन के शेयर 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 365.55 रुपये पर कारोबार कर रहे थे.

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