8th CPC Meetings Important Dates: आठवें वेतन आयोग के तहत सैलरी, पेंशन, भत्ते, छुट्टियों, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य मुद्दों पर केंद्र सरकार को क्या सिफारिशें की जानी है, इसको लेकर तैयारियां तेज हैं. देशभर के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए मई और जून महीने की 9 तारीखें अहम साबित होने वाली हैं. अगर आप भी कर्मचारी या पेंशनर्स वर्ग में शामिल हैं तो आपको ये तारीखें नोट कर लेनी चाहिए. 4-5 मई, 18-19 मई, 31 मई, 1-4 जून और 8 जून.... ये वो तारीखें हैं, जो देशभर के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए अच्छी खबर लेकर आ सकती हैं. इनमें ज्यादातर तारीखें देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाली 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की महत्वपूर्ण मीटिंग्स से जुड़ी हैं, जबकि एक दिन तो डेडलाइन जैसा है. आगे हम इस बारे में विस्तार से बताने वाले हैं. बस आप इस महत्वपूर्ण खबर के साथ बने रहिए.
शुरू होने वाला है चर्चाओं का दूसरा दौर
दरअसल 8वें आयोग ने दिल्ली से देहरादून तक कर्मचारी और पेंशनर्स संघों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं और उनके सुझावों को कलेक्ट किया है. AINPSEF के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मंजीत सिंह पटेल ने NDTV को बताया कि दिल्ली में 28 अप्रैल से शुरू हुई मीटिंग्स 30 अप्रैल तक चलीं, जिनमें जस्टिस रंजना प्रकाश द्विवेदी की अध्यक्षता वाले आयोग ने कर्मचारी और पेंशनर्स प्रतिनिधियों की मांगों पर विचार किया. 8वें वेतन आयोग के तहत चर्चाओं का पहला दौर संपन्न होने के बाद अब बैठकों का दूसरा दौर शुरू होने वाला है.

अगला पड़ाव: पुणे, हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख
दिल्ली की बैठकें समाप्त होने के बाद, आयोग अब आउटरीच के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है. 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का अगला ठहराव पुणे से शुरू होगा और अलग-अलग शहरों तक पहुंचेगा. 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की इन मीटिंग्स में आयोग कर्मचारी और पेंशनर्स संघों की मांगों पर विचार करेगा. कर्मचारी, पेंशनर्स संघों, प्रतिनिधिमंडल और अन्य हितधारकों (Stakeholders) से आयोग ने आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना मेमोरेंडम जमा करने और बैठक के लिए अनुरोध करने को कहा है
- पुणे में 4 और 5 मई को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की मीटिंग्स होने वाली हैं.
- आयोग 18-19 मई को हैदराबाद में मीटिंग्स लेगा.
- 1 से 4 जून तक श्रीनगर में 8वें वेतन आयोग की मीटिंग्स होगी.
- केंद्रीय वेतन आयोग 8 जून 2026 को लद्दाख का दौरा करेगा.

क्यों महत्वपूर्ण हैं आयोग की ये बैठकें?
आयोग की ये बैठकें केंद्र सरकार के कर्मचारियों के भविष्य के वेतन और पेंशन को निर्धारित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. चर्चा के दौरान, विभिन्न कर्मचारी समूहों के प्रतिनिधि अपनी मांगें और सुझाव सामने रखते हैं. इनमें बेहतर वेतन संरचना (Pay Structure), पेंशन सिस्टम में बदलाव और सेवा शर्तों में सुधार जैसी मांगें शामिल की जाती हैं. जैसे कि दिल्ली में 3 दिन तक चली मीटिंग में कर्मचारियों ने बेहतर वेतन और सुधारों पर जोर दिया.
- आयोग इन बैठकों का उपयोग फीडबैक लेने और अपनी सिफारिशों का मसौदा तैयार करने से पहले कर्मचारियों की अपेक्षाओं को समझने के लिए करता है. अधिकारियों के अनुसार, यह परामर्श चरण अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अंतिम रिपोर्ट की दिशा तय करता है.
- वर्तमान में यह प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन कई कर्मचारियों के लिए यह उन बदलावों को सामने रखने का सही समय है जो वे भविष्य में देखना चाहते हैं.
- परामर्श के इस चरण को कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए अपनी आवाज उठाने के एक प्रमुख अवसर के रूप में देखा जा रहा है.
- इन बैठकों के दौरान उठाए गए सुझाव और चिंताएं आयोग की अंतिम सिफारिशों को आकार देने में सीधी भूमिका निभाएंगी.
- उम्मीद है कि ये सिफारिशें देश भर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन ढांचे, पेंशन लाभ और समग्र सेवा शर्तों को प्रभावित करेंगी.

मेमोरेंडम जमा करने की डेडलाइन 31 मई
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 31 मई की तारीख महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये 8वें वेतन आयोग में सैलरी, पेंशन, भत्ते और अन्य मांगों के साथ अपना ज्ञापन सौंपने की डेडलाइन है. 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने मेमोरेंडम जमा करने की समय सीमा को बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दिया है. यह केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है. अब उनके पास वेतनमान (pay scales), भत्तों और लाभों के बारे में अपने सुझाव और विचार देने के लिए अतिरिक्त समय है.
8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने यह निर्णय नेशनल काउंसिल के स्टाफ पक्ष (Staff Side) के अनुरोध पर लिया है. कुछ संगठनों और यूनियनों को वेबसाइट के साथ समस्या हो रही थी और वे समय पर अपने विचार प्रस्तुत नहीं कर पा रहे थे. 8वां केंद्रीय वेतन आयोग ये सुनिश्चित करना चाहता है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी प्रतिक्रिया देने का मौका मिले.
कौन जमा कर सकता है मेमोरेंडम?
- केंद्रीय सरकारी कर्मचारी, जिनमें औद्योगिक और गैर-औद्योगिक दोनों क्षेत्रों में काम करने वाले शामिल हैं.
- रक्षा बलों (Defence Forces) और अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) में कार्यरत कर्मी.
- सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के अधिकारी.
- भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा विभाग (Indian Audit and Accounts Department) के कर्मचारी.
- केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) में काम करने वाले लोग.
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को छोड़कर अन्य निकायों के सदस्य.
- पेंशनभोगी संघ (Pensioner Associations).
- सर्विस एसोसिएशन, यूनियन और मंत्रालयों व विभागों के प्रतिनिधि.

मेमोरेंडम जमा करने के क्या हैं नियम?
- मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 है.
- आपको वेबसाइट पर दिए गए प्रारूप (format) का ही उपयोग करना होगा.
- आप केवल दिए गए लिंक के माध्यम से ऑनलाइन ही इसे जमा कर सकते हैं.
- प्रतियां (hard copies), PDF, ईमेल या पत्र न भेजें.
- इन नियमों का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है.
डॉ पटेल ने कहा कि समय सीमा में यह विस्तार कर्मचारियों के लिए यह सुनिश्चित करने का एक मौका है कि उनकी आवाज सुनी जाए. अपना मेमोरेंडम जमा करने के लिए आखिरी मिनट तक इंतजार न करें. संघों के पदाधिकारियों का कहना है कि तकनीकी समस्याएं कभी भी आ सकती हैं. 8वां केंद्रीय वेतन आयोग आपको अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय दे रहा है, इसलिए इसका उपयोग करना सुनिश्चित करें. डॉ पटेल ने कर्मचारी संघों से अपील की है कि 8वां केंद्रीय वेतन आयोग आपके सुझाव सुनना चाहता है, इसलिए इस अवसर को न चूकें.
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