देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियेां को जिसका इंतजार था, उसका ऐलान सरकार ने कर दिया है. केंद्र सरकार ने साल 2025-26 के लिए एड-हॉक बोनस (Diwali Bonus) को मंजूरी दे दी है. वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 15 अक्टूबर, गुरुवार की शाम को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया. इसके तहत पात्र केंद्रीय कर्मचारियों को 30 दिनों की सैलरी के बराबर बोनस मिलेगा.
बोनस के कैलकुलेशन के लिए मिनिमम सैलरी की अधिकतम सीमा 7,000 रुपये तय की गई है. इस आधार पर अधिकतम बोनस 6,908 रुपये बनता है. आइए जानते हैं किन कर्मचारियों को ये बोनस मिलेगा.
किन केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा बोनस?
- ये बोनस उन केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा, जो PLB यानी प्रोडक्टिवटी लिंक्ड बोनस स्कीम के दायरे में नहीं आते हैं.
- इसमें ग्रुप-C और ग्रुप-B के नॉन-गैजेटेड इंप्लॉईज यानी अराजपत्रित कर्मचारी शामिल हैं.
- पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, सशस्त्र बलों को भी इस बोनस का लाभ मिलेगा.
- वहीं केंद्र सरकार के नियमों के तहत आने वाले केंद्र शासित राज्यों के कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलता है.
बोनस का कैलकुलेशन कैसे किया जाएगा?
एड हॉक बोनस के कैलकुलेशन के लिए कर्मचारी के औसत मासिक वेतन को आधार बनाया जाएगा. इसकी अधिकतम सीमा 7,000 रुपये प्रति माह रखी गई है.
अगर किसी कर्मचारी की औसत मासिक बेसिक वेतन 7,000 रुपये या इससे अधिक हैं, तो भी बोनस का कैलकुलेशन इसी सीमा के आधार पर होगी.
बोनस का कैलकुलेशन
बोनस के लिए बेसिक-पे की लिमिट: 7,000 रुपये/महीने
एक दिन का वेतन: 7,000÷ 30.4 = 230.26 रुपये
बोनस की अवधि: 30 दिन
बोनस की राशि: 230.26 × 30 = 6,907.89 रुपये
अधिकतम बोनस: 6,908 रुपये
बोनस के लिए 6 महीने की लगातार सर्विस जरूरी
बोनस के लिए सामान्य पात्रता शर्तों के मुताबिक, कर्मचारी को वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कम से कम छह महीने लगातार सेवा पूरी करनी चाहिए. साथ ही, सामान्य नियम के तहत कर्मचारी का 31 मार्च 2026 को सेवा में होना जरूरी है.
छह महीने से एक साल तक की पात्र सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को आनुपातिक आधार पर भुगतान किया जाएगा. पात्र सेवा की अवधि की गणना महीनों में की जाएगी और उसे नजदीकी पूर्ण महीने तक माना जाएगा.
रिटायर या दिवंगत कर्मचारियों को भी लाभ
आदेश में कुछ विशेष मामलों का भी उल्लेख है. ऐसे कर्मचारी, जो 31 मार्च 2026 से पहले सेवानिवृत्त हो गए, चिकित्सा आधार पर सेवा से हटे या जिनकी मृत्यु हो गई, उन्हें भी बोनस मिल सकता है.
इसके लिए जरूरी है कि उन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कम से कम छह महीने की नियमित सेवा पूरी की हो. ऐसे मामलों में भुगतान आनुपातिक आधार पर होगा.
कैजुअल लेबरर्स को कितना बोनस मिलेगा?
केंद्र सरकार के कार्यालयों में काम करने वाले पात्र अनियत मजदूरों यानी कैजुअल लेबरर्स को भी तदर्थ बोनस का लाभ मिलेगा. हालांकि, इनके लिए काम के दिनों की अलग शर्त तय की गई है.
- 6 डे वर्क वीक यानी छह दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालय: पिछले तीन साल या उससे अधिक समय तक हर साल कम से कम 240 दिन काम किया हो.
- 5 डे वर्क वीक यानी पांच दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालय: पिछले तीन साल या उससे अधिक समय तक हर साल कम से कम 206 दिन काम किया हो.
इन मजदूरों के बोनस की गणना के लिए मासिक पे की अधिकतम सीमा 1,200 रुपये रखी गई है. इस हिसाब से 30 दिनों का अधिकतम बोनस 1,184 रुपये बनता है.
अगर किसी कैजुअल लेबर का मासिक पे 1,200 रुपये से कम हैं, तो बोनस की गणना उसी कम रकम के आधार पर की जाएगी.
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