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This Article is From Oct 23, 2018

मोदी के बाद योगी, बढ़ता जा रहा प्रभाव

Akhilesh Sharma
  • ब्लॉग,
  • Updated:
    अक्टूबर 23, 2018 21:25 pm IST
    • Published On अक्टूबर 23, 2018 21:25 pm IST
    • Last Updated On अक्टूबर 23, 2018 21:25 pm IST
बीजेपी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तेजी के साथ दूसरे सबसे बड़े चुनाव प्रचारक के रूप में उभर रहे हैं. गुजरात, त्रिपुरा और कर्नाटक में योगी आदित्यनाथ से चुनाव प्रचार कराने के बाद अब बीजेपी ने तीन हिंदी भाषी राज्यों के चुनावों में भी योगी आदित्यनाथ को आगे कर दिया है. बीजेपी के मुताबिक योगी आदित्यनाथ पीएम मोदी के चुनाव मैदान में कूदने से पहले जमीन तैयार करेंगे.

योगी आदित्यनाथ ने आज छत्तीसगढ़ में चुनावों का शंखनाद कर दिया. वे आज खासतौर से छत्तीसगढ़ पहुंचे. वे मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के नामांकन पत्र दाखिले के वक्त मौजूद रहे. राजनादगांव जिले के सभी छह बीजेपी उम्मीदवारों के नामांकन योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में भरे गए. वैसे तो रमन सिंह बीजेपी जनसंघ के इतिहास में सबसे अनुभवी मुख्यमंत्री हैं. वे सात दिसंबर 2003 से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री हैं. यानी उनके पंद्रह साल पूरे होने में कुछ ही दिन बचे हैं. लेकिन योगी आदित्यनाथ का जलवा कुछ अलग किस्म का है. वे वैसे तो बीजेपी के सभी मुख्यमंत्री में सबसे कम अनुभवी मुख्यमंत्रियों में से हैं. लेकिन उनका महंत होना उन्हें बाकी मुख्यमंत्रियों से अलग करता है.

यही वजह है कि सबसे अनुभवी होने के बावजूद रमन सिंह ने एक नहीं बल्कि दो बार योगी आदित्यनाथ के पैर छुए. पहली बार उनका स्वागत करते हुए, दूसरी बार अपना पर्चा दाखिल करते हुए.

रमन सिंह के अलावा उनकी पत्नी वीणा सिंह भी योगी आदित्यनाथ के पैर छूकर आवभगत करती नजर आईं. यही नहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ के प्रभारी डॉ अनिल जैन भी योगी आदित्यनाथ के पैर छूते दिखाई दिए. बीजेपी नेताओं का कहना है कि रमन सिंह हर बार योगी आदित्यनाथ के पैर छूते हैं. जब वे मुख्यमंत्री नहीं थे तब भी. इसके पीछे वजह यही है कि वे गौरक्षनाथ मठ के महंत हैं. दोनों ही बीजेपी के ताकतवर और कद्दावर राजपूत नेता हैं.

रमन सिंह के मुकाबले में कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भांजी करुणा शुक्ला को मैदान में उतारा है. वे बीजेपी नेताओं पर अटलजी की विरासत का अपमान करने का आरोप लगा चुकी हैं. ऐसे में कांग्रेस की कोशिश मुकाबले को कड़ा करने की है. उधर, बीजेपी ने योगी आदित्यनाथ को स्टार प्रचारकों की सूची में भी शामिल किया है. छत्तीसगढ़ में वे बीजेपी के लिए जमकर प्रचार करेंगे. राजनादगांव से ही सटे कवर्धा में नाथ संप्रदाय के अनुयायी बड़ी संख्या में हैं. बीजेपी योगी आदित्यनाथ को आगे कर वहां वोट जुटाने की कोशिश करेगी.
छत्तीसगढ़ में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर होती आई है. पिछले चुनाव में पंद्रह सीटें ऐसी थीं जहां बीजेपी विधायकों की जीत का अंतर नोटा को मिले वोटों से कम था. यही वजह है कि बीजेपी ने 14 मौजूदा विधायकों टिकट काट दिए हैं. अभी 12 नामों की घोषणा बाकी है. उनमें भी दो-तीन मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जाएंगे.

बीजेपी की उम्मीद अजित जोगी और बीएसपी पर भी टिकी है. उसे लगता है कि यह गठबंधन बीजेपी विरोधी वोटों का बंटवारा कर सकता है. दूसरी तरफ कांग्रेस पूरी कोशिश कर रही है कि बीजेपी के खिलाफ माहौल को अपने पक्ष में किया जाए. हार-जीत में मामूली अंतर कांग्रेस के हौसले बुलंद कर रहा है.


(अखिलेश शर्मा NDTV इंडिया के राजनीतिक संपादक हैं)

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति एनडीटीवी उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार एनडीटीवी के नहीं हैं, तथा एनडीटीवी उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.

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