जीतन राम मांझी ने कहा- तेजस्वी पर भ्रष्टाचार में एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए था.
- पूछा- भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करने का मॉडल गलत नहीं?
- तेजस्वी को एफआईआर दर्ज होने के बाद इस्तीफा दे देना चाहिए था
- भाजपा को जदयू को बाहर से समर्थन देने पर विचार करना चाहिए
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नई दिल्ली:
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार के भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करने के मॉडल पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या वे तेजस्वी यादव के खिलाफ कार्रवाई नहीं करके अपना पद बचा रहे हैं.
हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा (एचएएम) नेता ने पूछा कि नीतीशजी बिहार में भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करने के मॉडल की बात करते हैं लेकिन वे कार्रवाई नहीं करते ताकि वे अपना पद और महागठबंधन बचा सकें. क्या यह मॉडल गलत नहीं है? उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि तेजस्वी को भ्रष्टाचार के आरोप और एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद इस्तीफा दे देना चाहिए था. लेकिन जब उन्होंने ऐसा नहीं किया तब मुख्यमंत्री को उन्हें पद से हटा या बर्खास्त कर देना चाहिए था. लेकिन नीतीश जी बीच का कोई रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे हैं.
वीडियो
अपनी पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन से पहले मांझी ने संवाददाताओं से कहा कि बिहार में महागठबंधन के शासन में दलितों एवं महिलाओं पर हमले के मामले बढ़ रहे हैं. बिहार में जो कुछ हो रहा है, वह दुर्भायूपूर्ण है. मैं राज्य में अराजकता नहीं चाहता लेकिन मेरे विचार से अगर महागठबंधन टूटता है तब भाजपा को जदयू को बाहर से समर्थन देने पर विचार करना चाहिए.
(इनपुट भाषा से)
हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा (एचएएम) नेता ने पूछा कि नीतीशजी बिहार में भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करने के मॉडल की बात करते हैं लेकिन वे कार्रवाई नहीं करते ताकि वे अपना पद और महागठबंधन बचा सकें. क्या यह मॉडल गलत नहीं है? उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि तेजस्वी को भ्रष्टाचार के आरोप और एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद इस्तीफा दे देना चाहिए था. लेकिन जब उन्होंने ऐसा नहीं किया तब मुख्यमंत्री को उन्हें पद से हटा या बर्खास्त कर देना चाहिए था. लेकिन नीतीश जी बीच का कोई रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे हैं.
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अपनी पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन से पहले मांझी ने संवाददाताओं से कहा कि बिहार में महागठबंधन के शासन में दलितों एवं महिलाओं पर हमले के मामले बढ़ रहे हैं. बिहार में जो कुछ हो रहा है, वह दुर्भायूपूर्ण है. मैं राज्य में अराजकता नहीं चाहता लेकिन मेरे विचार से अगर महागठबंधन टूटता है तब भाजपा को जदयू को बाहर से समर्थन देने पर विचार करना चाहिए.
(इनपुट भाषा से)
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