कोरोनावायरस लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown) के दौरान राजस्थान के कोटा (Kota) से स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों को बिहार भेजने के लिए कोटा के डीएम की ओर से जारी किए वाहन पास को लेकर राज्य के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कड़ा एतराज जताया है. उन्होंने भारत सरकार के गृह सचिव अजय भल्ला को इस संबंध में एक पत्र भी लिखा. उन्होंने 13 अप्रैल को गृह सचिव को लिखे अपने पत्र में कहा था कि कोटा में कोरोनावायरस के 40 मामले सामने आए हैं और मौजूदा स्थिति को देखते हुए कोटा से इस तरह की आवाजाही उचित नहीं है. उन्होंने गृह मंत्रालय से राजस्थान सरकार को सख्ती से लॉकडाउन का पालन करने संबंधी दिशानिर्देश और कोटा के डीएम को कड़ी चेतावनी जारी करने का आग्रह किया.
दीपक ने अपने पत्र में कहा था कि कोटा के जिलाधिकारी ने मंत्रालय के दिशा-निर्देश का उल्लंघन करते हुए वहां रह रहे छात्रों और उनके अभिभावकों को बिहार आने के लिए निजी वाहनों का पास जारी किया. उन्होंने कहा कि हम बिहार लौटे स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों की चिकित्सा जांच कर रहे हैं और उन्हें क्वारैन्टाइन में रहने का निर्देश दिया गया है. कोटा में लॉकडाउन का सख्ती से पालन करके इस स्थिति को आसानी से रोका जा सकता था.

बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कोटा के जिलाधिकारी के इस कदम की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए गृह मंत्रालय के दिशानिर्देश के उल्लंघन के लिए उन्हें कड़ी चेतावनी देने तथा राजस्थान सरकार द्वारा सख्ती से इसके कार्यान्वययन के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है.
बिहार सरकार कोरोनावायरस लॉकडाउन के उल्लंघन को लेकर पहले भी ऐतराज जता चुकी है. हाल ही में बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने राजस्थान के कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विशेष बसें भेजने के फैसले को गलत ठहराया था. उन्होंने एनडीटीवी से कहा - जैसे विशेष बसें कोटा से छात्रों को लाने के लिए चलायी जा रही हैं वो लॉकडाउन के पूरे कॉन्सेप्ट के साथ अन्याय है. बीजेपी के प्रमुख सहयोगी नीतीश कुमार योगी आदित्यनाथ के इस कदम के खिलाफ पहले भी मुखर रहे हैं और इसको लेकर उन्होंने कहा था कि ऐसे समय में जब सोशल डिस्टेंसिंग आवश्यक है और किसी भी तरह से भीड़ का इकट्ठा होना हालात को बिगाड़ सकता है.
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