ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आनंद की गिरफ्तारी के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पटना SSP को नोटिस जारी किया है. मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर ने 10 जून को आयोग को पत्र लिखकर पटना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया था. इस पत्र के आधार पर आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की खंडपीठ ने संज्ञान लिया है. आयोग ने पटना SSP को इस मामले की जांच करके दो सप्ताह के भीतर आयोग के पास जांच रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है.
मानवाधिकार आयोग को लिखा था लेटर
ह्युमन राइट्स अम्ब्रेला फाउंडेशन- एचआरयूएफ के चेयरमैन विशाल रंजन दफ्तुआर ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजे गये पत्र में लिखा कि रोशन आनंद को फैजल खान (खान सर) की शह पर पटना पुलिस ने आपराधिक मामले में गलत तरीके से फंसाया. कदम कुंआ थाना पुलिस ने उन्हें मनमाने ढंग से गिरफ्तार किया. रोशन आनंद किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं. पुलिस की कारवाई एकपक्षीय, मनमाना और उग्रतापूर्ण है. यह पुलिस की निष्पक्षता पर एक प्रश्न चिन्ह है, इसलिए इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
रोशन आनंद ने गिरफ्तारी के पीछे साजिश बताया
रोशन आनंद ने भी अपनी गिरफ्तारी के पीछे साजिश का आरोप लगाया था. जेल से निकलने के के बाद रोशन आनंद ने कहा था कि सिपाही भर्ती में सबसे अधिक रिजल्ट ज्ञान बिंदु से हुआ है. खान ने फिजिकल ट्रेनर्स को मैनेज किया. मैनेज कर के बच्चे इकट्ठा किए. फिर भी हमारे पास ज्यादा भीड़ थी, इसलिए मुझे साजिश के तहत फंसाया गया. मेरे भाई की हत्या कराई गई.
खान सर की कोचिंग पर हुआ था हमला
पटना में खान सर की कोचिंग पर 2 जून को हमला हुआ था. खान सर ने हमला करवाने का आरोप ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आंनद और उनके भाई प्रिंस यादव पर लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था. पुलिस ने 3 जून को रोशन आनंद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया. जेल से बाहर आने के बाद रोशन आनंद ने पटना पुलिस और खान सर पर साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया था.
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