विधानसभा चुनावों में नीतीश ने लालू और कांग्रेस के साथ मिलकर महागठबंधन बनाया था (फाइल फोटो)
- गायघाट से पांच बार विधायक रहे हैं महेश्वर प्रसाद यादव
- पार्टी व्हिप के अनुसार करेंगे वोट, लेकिन दिल नीतीश के साथ
- नीतीश ने शराबबंदी कर बिहार के लिए कई अच्छे काम किए हैं
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पटना:
आखिरकार लालू के पुत्र मोह में बिहार की सरकार बलि चढ़ गई और महागठबंधन टूट गया. ऐसा खुद आरजेडी के नेताओं का मानना है. तेजस्वी के इस्तीफा नहीं देने से जहां महागठबंधन में दरार आई वहीं, अब महागठबंधन समाप्त होने पर खुद आरजेडी में बगावती सुर फूटने लगे हैं. यहां तक कि एक नेता ने तो लालू यादव की आलोचना तक कर डाली. और महागठबंन के टूटने के लिए लालू परिवार को ही जिम्मेदार ठहराया है.
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता महेश्वार यादव ने मीडिया के बीच आकर कहा कि वे नहीं चाहते थे कि महागठबंधन टूटे, मगर तेजस्वी यादव ने इस्तीफा नहीं दिया और दुर्भाग्य से गठबंधन टूट गया. उन्होंने कहा कि तेजस्वी को इस्तीफा दे देना चाहिए था.
बता दें कि तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर बिहार की राजनीति में चल रही अटकलों को विराम देते हुए नीतीश कुमार ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर महागठबंधन के टूटने का ऐलान कर दिया. यह महागठबंधन 2015 में विधानसभा चुनावों के लिए उन्होंने लालू यादव और कांग्रेस के साथ मिलकर तैयार किया था.
यह भी पढ़ें:
बिहार में सत्ता से बाहर होने पर RJD तिलमिलाई
नीतीश का इस्तीफा और मोदी की बधाई
दरअसल, भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के मुद्दे पर नीतीश चाहते थे कि तेजस्वी खुद ही अपने पद से इस्तीफा दें, लेकिन लालू यादव ने तेजस्वी के इस्तीफे को लेकर साफ इंकार कर दिया था. जबकि नीतीश बार-बार यह कहकर संकेत दे रहे थे कि वे सरकार पर किसी तरह का दाग नहीं लगने देंगे. शुक्रवार को विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो वाला था. बुधवार को विधायक दल की बैठक में लालू ने अपने विधायकों से कहा कि उन्हें तेजस्वी का बचाव करना चाहिए. क्योंकि उन्हें बर्खास्त किया जा सकता है.
इस पर गायघाट से पांच बार विधायक रहे महेश्वर प्रसाद यादव ने कहा, 'हम तेजस्वी का इस्तीफा चाहते थे, लेकिन उन्होंने नहीं दिया, इससे नीतीश का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा था. उसका नतीजा यह हुआ कि अब हमारी सरकार नहीं है और विरोधी दल बीजेपी सत्ता में है.'
महेश्वर ने कहा, 'हम बहुत गुस्से में हैं. कई विधायक गुस्से में हैं. ज्यादातर लोग गठबंधन के टूटने के पक्ष में नहीं थे.'
महेश्वर यादव ने कहा, ‘जिस दिन सीबीआई का छापा पड़ा था अगर उस दिन तेजस्वी इस्तीफा दे दिए होते तो वे आज बहुत बड़े नेता होते और गठबंधन भी नहीं टूटता.’
नीतीश कुमार द्वारा सदन में विश्वास मत हासिल करने के दौरान वे कैसे वोट करेंगे, के सवाल पर महेश्वर ने कहा, 'हम पार्टी के व्हिप के अनुसार वोट करेंगे. लेकिन मेरा दिल नीतीश के साथ है. उन्होंने बिहार में शराबबंदी जैसे कई अच्छे काम किए हैं.'
VIDEO: लालू ने नीतीश को बताया भस्मासुर लालू द्वारा नीतीश को धोखेबाज कहने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरजेडी नेता ने कहा, "हम सभी ने जनादेश को धोखा दिया है. नीतीश तेजसवी का इस्तीफा चाहते थे. अगर तेजेशवी ने इस्तीफा दे दिया होता, तो हमारी सरकार बच जाती."
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता महेश्वार यादव ने मीडिया के बीच आकर कहा कि वे नहीं चाहते थे कि महागठबंधन टूटे, मगर तेजस्वी यादव ने इस्तीफा नहीं दिया और दुर्भाग्य से गठबंधन टूट गया. उन्होंने कहा कि तेजस्वी को इस्तीफा दे देना चाहिए था.
बता दें कि तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर बिहार की राजनीति में चल रही अटकलों को विराम देते हुए नीतीश कुमार ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर महागठबंधन के टूटने का ऐलान कर दिया. यह महागठबंधन 2015 में विधानसभा चुनावों के लिए उन्होंने लालू यादव और कांग्रेस के साथ मिलकर तैयार किया था.
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इस पर गायघाट से पांच बार विधायक रहे महेश्वर प्रसाद यादव ने कहा, 'हम तेजस्वी का इस्तीफा चाहते थे, लेकिन उन्होंने नहीं दिया, इससे नीतीश का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा था. उसका नतीजा यह हुआ कि अब हमारी सरकार नहीं है और विरोधी दल बीजेपी सत्ता में है.'
महेश्वर ने कहा, 'हम बहुत गुस्से में हैं. कई विधायक गुस्से में हैं. ज्यादातर लोग गठबंधन के टूटने के पक्ष में नहीं थे.'
महेश्वर यादव ने कहा, ‘जिस दिन सीबीआई का छापा पड़ा था अगर उस दिन तेजस्वी इस्तीफा दे दिए होते तो वे आज बहुत बड़े नेता होते और गठबंधन भी नहीं टूटता.’
नीतीश कुमार द्वारा सदन में विश्वास मत हासिल करने के दौरान वे कैसे वोट करेंगे, के सवाल पर महेश्वर ने कहा, 'हम पार्टी के व्हिप के अनुसार वोट करेंगे. लेकिन मेरा दिल नीतीश के साथ है. उन्होंने बिहार में शराबबंदी जैसे कई अच्छे काम किए हैं.'
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