राजगीर से पटना की दूरी अब समय के पैमाने पर घटने वाली है. निर्माणाधीन सालेपुर-राजगीर फोरलेन का निरीक्षण करने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा कि काम में देरी और गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं होगी. परियोजना पूरी होने के बाद राजगीर से पटना का सफर महज डेढ़ घंटे में पूरा हो सकेगा. इसके साथ ही राजगीर के पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई उड़ान मिलने की उम्मीद है.” नालंदा की पर्यटन नगरी राजगीर को राजधानी पटना से और करीब लाने की तैयारी अब तेजी पकड़ती दिख रही है.
मंगलवार (23 जून) को पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी विशेष दौरे पर राजगीर पहुंचे, जहां उन्होंने निर्माणाधीन सालेपुर-राजगीर फोरलेन परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया.
परियोजना की गुणवत्ता और समयसीमा से समझौता स्वीकार नहीं
राजगृह अतिथि गृह पहुंचने पर दोनों नेताओं का पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वागत किया. स्वागत के बाद नीतीश कुमार सीधे फोरलेन परियोजना स्थल पहुंचे और निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि परियोजना की गुणवत्ता और समयसीमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने कार्य में तेजी लाने और तय समय के भीतर सड़क निर्माण पूरा करने का निर्देश दिया.
राजगीर-पटना की दूरी केवल 90 मिनट
यह फोरलेन सड़क परियोजना पूरी होने के बाद राजगीर से पटना की दूरी समय के लिहाज से काफी कम हो जाएगी. वर्तमान में जहां यात्रियों को लंबा समय लग जाता है, वहीं नई सड़क बनने के बाद यह सफर महज डेढ़ घंटे यानी 90 मिनट के आसपास सिमट सकता है. इससे न केवल आवागमन आसान होगा बल्कि पर्यटन, व्यापार और निवेश को भी नई गति मिलेगी.
विकास परियोजनाओं का भी दौरा
फोरलेन परियोजना के निरीक्षण के बाद नीतीश कुमार और विजय कुमार चौधरी ने राजगीर के विभिन्न पर्यटन एवं विकास परियोजनाओं का भी दौरा किया. सोन भंडार, वन विश्रामालय, राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (RICC) और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई. करीब एक घंटे तक चले मैराथन निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी निर्माण कार्य अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शीघ्र पूरे किए जाएं, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें.
वीआईपी दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा. सभी कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. इस दौरान जदयू के राष्ट्रीय महासचिव इंजीनियर सुनील कुमार, विधायक कौशल किशोर समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे.
निरीक्षण और समीक्षा बैठक के बाद दोनों नेताओं का काफिला पटना के लिए रवाना हो गया. अब लोगों की नजर इस महत्वाकांक्षी फोरलेन परियोजना के समय पर पूरा होने पर टिकी है, जो राजगीर के विकास की तस्वीर बदल सकती है.
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