बिहार की राजधानी पटना के दीघा घाट से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे पुलिस महकमे और आम जनता का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है. जहां अक्सर लोग भीड़ का हिस्सा बनकर मूकदर्शक बने रहते हैं, वहीं महिला यातायात सिपाही तारा कुमारी ने अपनी जान की बाजी लगाकर वीरता की एक नई इबारत लिख दी है. खबर के मुताबिक, दीघा घाट पर गंगा नदी में दो युवकों के डूबने से हड़कंप मच गया. घाट पर हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन लहरों से टकराने का साहस कोई नहीं जुटा पा रहा था. तभी वहां ड्यूटी पर तैनात महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मी तारा कुमारी की नजर डूबते युवकों पर पड़ी.
डूबे हुए युवक को खोजने के लिए महिला सिपाही ने लगा दी छलांग!
— NDTV India (@ndtvindia) February 1, 2026
पटना के दीघा घाट पर गंगा नदी में दो युवकों के डूबने की जानकारी मिलते ही यातायात सिपाही तारा कुमारी ने बिना किसी सुरक्षा उपकरण और बिना देर किए वर्दी में ही नदी में कूदकर उनकी तलाश में जान जोखिम में डालते हुए अद्भुत साहस… pic.twitter.com/iylTW8kNmW
बिना सुरक्षा उपकरण के उफनती गंगा में कूदीं
तारा कुमारी ने पल भर की भी देरी नहीं की. उन्होंने न तो सीनियर के आदेश का इंतजार किया और न ही किसी लाइफ जैकेट या सुरक्षा उपकरण की मांग की. अपनी ड्यूटी और वर्दी की गरिमा को सर्वोपरि रखते हुए, वे अपनी पुलिस वर्दी में ही उफनती गंगा नदी के बीच कूद गईं. मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "जब मानवता पुकारती है, तो वर्दी का कर्तव्य और भी बड़ा हो जाता है."
कर्तव्य से ऊपर उठकर निभाया धर्म
नदी की तेज धार और गहरे पानी के जोखिम के बावजूद तारा कुमारी ने काफी देर तक युवकों को खोजने और बचाने का संघर्ष किया. एक महिला सिपाही द्वारा दिखाया गया यह असाधारण साहस आज सोशल मीडिया और पटना की गलियों में चर्चा का विषय बना हुआ है.
वीरता पदक और सम्मान की मांग
घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बीच तारा कुमारी के लिए सम्मान की लहर है. लोगों का कहना है कि तारा कुमारी का यह कार्य साधारण नहीं, बल्कि असाधारण है. ऐसे साहसी पुलिसकर्मियों को विभागीय सम्मान और वीरता पदक से नवाजा जाना चाहिए. यह घटना अन्य पुलिसकर्मियों और नागरिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है.
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