नीतीश कुमार (फाइल फोटो).
- बिहार लोक सेवा आयोग के परीक्षा की PT परीक्षा पास करने वालों को 50 हजार
- छात्रावास में रहने वाले दलित व आदिवासी छात्रों को हर महीने एक हज़ार भत्ता
- हर महीने पंद्रह किलो गेंहू और चावल मुफ्त दिया जाएगा
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पटना:
बिहार में नीतीश कुमार की सरकार दलितों के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. नीतीश कुमार ने अब दलित छात्रों की आर्थिक मदद के लिए अपना ख़ज़ाना खोल दिया है. बिहार सरकार यूपीएसएसी और बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले एससी और एसटी उम्मीदवारों को आगे की तैयारी के लिए क्रमश: एक लाख रूपये एवं 50 हजार रूपये देगी.
विशेष दर्जा से इनकार करके बिहार से अन्याय किया जा रहा है : JDU
मंगलवार को बिहार कैबिनेट को बैठक में नीतीश कुमार की सरकार ने फैसला लिया कि वह हर उस दलित और आदिवासी छात्र को संघ लोक सेवा आयोग की प्राथमिक परीक्षा पास करने पर सीधे उसके खाते में एक लाख रुपये देगी. लेकिन बिहार लोक सेवा आयोग के परीक्षा के pt पास करने पर पचास हजार दिया जाएगा. यह योजना मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के नाम से जानी जाएगी.
इसके अलावा अब बिहार के किसी भी छात्रावास में रहने वाले, वो दलित छात्र हों या आदिवासी, उन्हें सरकार हर महीने एक हज़ार का भत्ता देगी जिससे वो अपनी पढ़ाई सुचारू रूप से चालू रख सकें. इसके अलावा राज्य के सभी सरकारी, निजी छात्रावासों में रहने वाले दलित, आदिवासी, पिछड़ी जाति के छात्रों को मुफ़्त हर महीने पंद्रह किलो गेंहू और चावल दिया जाएगा जिससे उनके परिवार वालों पर इसका भार ना हो.
बिजली के क्षेत्र में जो कहा, वह करके दिखाया : नीतीश कुमार
माना जाता है कि नीतीश कुमार का ये निर्णय मास्टर स्ट्रोक है जो आने वाले समय में दलित समुदय और दलित छात्रों में उनकी लोकप्रियता और बढ़ाएगा.
VIDEO: न हम NDA छोड़ेंगे और न नीतीश : पासवान
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इसके अलावा अब बिहार के किसी भी छात्रावास में रहने वाले, वो दलित छात्र हों या आदिवासी, उन्हें सरकार हर महीने एक हज़ार का भत्ता देगी जिससे वो अपनी पढ़ाई सुचारू रूप से चालू रख सकें. इसके अलावा राज्य के सभी सरकारी, निजी छात्रावासों में रहने वाले दलित, आदिवासी, पिछड़ी जाति के छात्रों को मुफ़्त हर महीने पंद्रह किलो गेंहू और चावल दिया जाएगा जिससे उनके परिवार वालों पर इसका भार ना हो.
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