नीतीश ने विपक्ष की 21 जनवरी के मानव श्रृंखला कार्यक्रम को रद करने की मांग खारिज कर दी.
पटना:
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को माना कि आयोजन में कमियों के कारण नाव दुर्घटना हुई. हर सोमवार को लोक संवाद के बाद संवाददाता सम्मलेन में नीतीश ने साफ़ माना कि किसी भी आयोजन में अगर तीन गलतियां होंगी तो दुर्घटना को कोई टाल नहीं सकता .
हालांकि नीतीश ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच दल अब इस पूरे दुर्घटना और आयोजन से जुड़े हर बिंदु पर जांच कर जल्द रिपोर्ट देगा. लेकिन नीतीश ने माना कि इस नाव दुर्घटना के कारण प्रकाश उत्सव और कालचक्र पूजा के आयोजन के बाद राज्य सरकार की हर जगह हो रही तारीफ पर आंच आई है. लेकिन नीतीश ने रविवार को दो घंटे के पूरे आयोजन की समीक्षा की थी और सूत्रों की मानें तो आयोजन से संबंधित कई खामियों को खुद उजागर किया. इसमें एक बात प्रमुखता से आई कि छपरा के जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने आयोजन के पहले या मकर संक्रांति के दिन पतंग उत्सव के स्थल पर एक बार जाने की जरूरत भी नहीं समझी.
हालांकि नाव दुर्घटना के बाद नीतीश ने घोषणा करते हुए कहा कि कोई भी बड़ा आयोजन चाहे किसी भी विभाग का हो, राज्य के मुख्य सचिव की अनुमति के बिना नहीं हो सकता. नाव दुर्घटना के बाद विपक्षी दलों की आलोचना पर नीतीश कुमार ने कहा कि घटना के दो घंटे के बाद उन्हें जानकारी मिली लेकिन उसके बाद पूरे घटना की मॉनीटरिंग उन्होंने खुद की. पूर्व में ऐसी घटनाओं के जांच के बाद आरोपी अधिकारियों को क्लीन चिट दिए जाने की परंपरा पर नीतीश ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है लेकिन जांच में न किसी को फंसाया जाता है और न बचाया जाता है.
बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी की 21 जनवरी को मानव श्रृंखला को स्थगित करने की मांग को नीतीश ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि नाव दुर्घटना के बाद जहां उन्होंने अपनी पार्टी के और सारे सरकारी कार्यक्रम स्थगित किए वहीं बीजेपी के नेता भूल जाते हैं कि उत्तर प्रदेश में रेल दुर्घटना होने के बावजूद जहां मैंने अपने रिपोर्ट कार्ड जारी करने के कार्यक्रम को रद किया वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी की सभा को उसी दिन उस राज्य में संबोधित किया.
लेकिन मानव श्रृंखला जिसमें दो करोड़ से अधिक लोगों के भाग लेने की संभावना है, उसमें भाग लेने के लिए सभी से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि जो दल इसमें इसमें शामिल होंगे, वह उनका धन्यवाद करेंगे और जो नहीं आएंगे उस पर वह कोई टीका टिप्पणी नहीं करेंगे.
हालांकि नीतीश ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच दल अब इस पूरे दुर्घटना और आयोजन से जुड़े हर बिंदु पर जांच कर जल्द रिपोर्ट देगा. लेकिन नीतीश ने माना कि इस नाव दुर्घटना के कारण प्रकाश उत्सव और कालचक्र पूजा के आयोजन के बाद राज्य सरकार की हर जगह हो रही तारीफ पर आंच आई है. लेकिन नीतीश ने रविवार को दो घंटे के पूरे आयोजन की समीक्षा की थी और सूत्रों की मानें तो आयोजन से संबंधित कई खामियों को खुद उजागर किया. इसमें एक बात प्रमुखता से आई कि छपरा के जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने आयोजन के पहले या मकर संक्रांति के दिन पतंग उत्सव के स्थल पर एक बार जाने की जरूरत भी नहीं समझी.
हालांकि नाव दुर्घटना के बाद नीतीश ने घोषणा करते हुए कहा कि कोई भी बड़ा आयोजन चाहे किसी भी विभाग का हो, राज्य के मुख्य सचिव की अनुमति के बिना नहीं हो सकता. नाव दुर्घटना के बाद विपक्षी दलों की आलोचना पर नीतीश कुमार ने कहा कि घटना के दो घंटे के बाद उन्हें जानकारी मिली लेकिन उसके बाद पूरे घटना की मॉनीटरिंग उन्होंने खुद की. पूर्व में ऐसी घटनाओं के जांच के बाद आरोपी अधिकारियों को क्लीन चिट दिए जाने की परंपरा पर नीतीश ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है लेकिन जांच में न किसी को फंसाया जाता है और न बचाया जाता है.
बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी की 21 जनवरी को मानव श्रृंखला को स्थगित करने की मांग को नीतीश ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि नाव दुर्घटना के बाद जहां उन्होंने अपनी पार्टी के और सारे सरकारी कार्यक्रम स्थगित किए वहीं बीजेपी के नेता भूल जाते हैं कि उत्तर प्रदेश में रेल दुर्घटना होने के बावजूद जहां मैंने अपने रिपोर्ट कार्ड जारी करने के कार्यक्रम को रद किया वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी की सभा को उसी दिन उस राज्य में संबोधित किया.
लेकिन मानव श्रृंखला जिसमें दो करोड़ से अधिक लोगों के भाग लेने की संभावना है, उसमें भाग लेने के लिए सभी से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि जो दल इसमें इसमें शामिल होंगे, वह उनका धन्यवाद करेंगे और जो नहीं आएंगे उस पर वह कोई टीका टिप्पणी नहीं करेंगे.
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