बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले की हिमायत की है (फाइल फोटो).
- नीतीश कुमार ने मधुबनी जिले में ‘चेतना सभा’ को संबोधित किया
- कहा, प्रतिबंध से दो नंबर का कारोबार और जाली नोट अपने आप समाप्त होगा
- लोगों को हो रही कठिनाई का कारगर उपाए निकाला जाना चाहिए
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मधुबनी:
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 500 और 1000 रूपये के नोट पर प्रतिबंध लगाए जाने की हिमायत करते हुए बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार को बेनामी संपत्ति पर भी हमला अतिशीघ्र करना चाहिए.
अपने निश्चय यात्रा के क्रम में मधुबनी जिला में एक ‘चेतना सभा’ को संबोधित करते हुए नीतीश ने केंद्र सरकार द्वारा कालाधन पर अंकुश लगाने के लिए 500 और 1000 रूपये के नोट पर प्रतिबंध लगाए के बारे में कहा कि वे तो इसके हिमायती हैं.
उन्होंने कहा कि इस प्रतिबंध से दो नंबर और जाली नोट वह अपने आप समाप्त होगा और दो नंबरी कारोबार कर कालाधन पैदा करने वालों का कालाधन बर्बाद होगा. नीतीश ने कहा कि वे चाहते हैं कि इससे भी आगे काम होना चाहिए. हम तो चाहते हैं लोगों की जो बेनामी संपत्ति है इस पर भी जरा नजर रखिए. ये दो नंबर की कमाई के जरिए जो लोग बेनामी संपत्ति अर्जित करते हैं, उस बेनामी संपत्ति पर भी हमला केंद्र सरकार को अतिशीघ्र करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि किसान, व्यापारी, मजदूर और शिक्षक सहित सभी अपनी मेहनत की बदौलत दो पैसा कमाते हैं पर दो नंबरी कारोबारी बिना मेहनत किए आनंद का जीवन जीता है. नीतीश ने 500 और 1000 रूपये के नोट पर प्रतिबंध लगाए जाने से लोगों को हो रही कठिनाई की ओर इशारा करते हुए कहा कि इसका ठीक ढंग से कारगर उपाए निकाला जाना चाहिए.
उन्होंने राजग नीत केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोट पर प्रतिबंध लगाए जाने से बैंकों, डाकघरों और एटीएम के बाहर लंबी कतारों की ओर इशारा करते हुए कहा कि हम जो भी काम करते हैं उसकी सभी बारीकियों को समझने के बाद उसे अमली जामा पहनाते हैं.
नीतीश ने अपनी सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम के तहत स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, रोजगार के लिए युवाओं को दिए जाने वाले स्वयं सहायता भत्ता और कौशल विकास के लिए कंप्यूटर, अंग्रेजी-हिंदी भाषा में दक्षता के आवेदन करने वालों के लिए जिला स्तर पर बनाए गए निबंधन सह परामर्श केंद्र का उदाहरण देते हुए कहा कि इसके लिए सुविधा संपन्न भवनों का निर्माण किया गया है ताकि यहां आने वाले आवेदनकर्ताओं को लाइन में नहीं लगना पड़े और किसी प्रकार का कष्ट नहीं उठाना पड़े. उन्होंने भाजपा पर सीधे प्रहार करते हुए कहा कि चुनाव में बहुत वादे कर देते हैं. किसानों को उनकी लागत पर 50 प्रतिशत अधिक मुनाफा जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य का जो वादा किया गया. उसके बारे में अब जब लोग पूछते हैं तो उसका जवाब नहीं दिया जाता. बाद में कह दिया जाता है कि यह तो ‘जुमला’ था.
बिहार की महागठबंधन सरकार द्वारा सत्ता में आने से पूर्व सात निश्चय को लागू करने के वादे जिस पर इस सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के पूर्व की काम शुरू कर दिया गया है, जिसके बारे में नीतीश हमलोग ‘जुमला’ वाले नहीं हैं या तो कहेंगे (वादा नहीं करेंगे) नहीं और अगर कहेंगे तो उसको करेंगे. कदम पीछे नहीं हटाने वाले चाहे जो हो. जनता के बीच जाकर वही कहना चाहिए जो आप करने में सक्षम हो. जो काम आप करने में सक्षम नहीं हों वैसा वादा मत किया करिए.
नीतीश ने अपनी सरकार द्वारा बिहार में लागू की गई पूर्णशराबबंदी की चर्चा के क्रम में भ्रष्ट लोगों पर प्रहार करते हुए कहा कि ऐसे-ऐसे लोग हैं कि नि:संतान होने के बावजूद पैसे की उनकी भूख नहीं मिटती. ऐसे लोग पैसे का क्या करेंगे. कफन में पैकेट भी नहीं होता. क्या ऊपर लेकर जाएंगे. पैसा तो ऊपर साथ जाएगा नहीं. यहीं रह जाएगा. लोग सात पीढ़ी का उद्धार करने के लिए माल बनाता है और कोई है ही नहीं. ऐसी ऐसी मानसिकता के लोग हैं और तरह-तरह की उनमें बीमारी है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अपने निश्चय यात्रा के क्रम में मधुबनी जिला में एक ‘चेतना सभा’ को संबोधित करते हुए नीतीश ने केंद्र सरकार द्वारा कालाधन पर अंकुश लगाने के लिए 500 और 1000 रूपये के नोट पर प्रतिबंध लगाए के बारे में कहा कि वे तो इसके हिमायती हैं.
उन्होंने कहा कि इस प्रतिबंध से दो नंबर और जाली नोट वह अपने आप समाप्त होगा और दो नंबरी कारोबार कर कालाधन पैदा करने वालों का कालाधन बर्बाद होगा. नीतीश ने कहा कि वे चाहते हैं कि इससे भी आगे काम होना चाहिए. हम तो चाहते हैं लोगों की जो बेनामी संपत्ति है इस पर भी जरा नजर रखिए. ये दो नंबर की कमाई के जरिए जो लोग बेनामी संपत्ति अर्जित करते हैं, उस बेनामी संपत्ति पर भी हमला केंद्र सरकार को अतिशीघ्र करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि किसान, व्यापारी, मजदूर और शिक्षक सहित सभी अपनी मेहनत की बदौलत दो पैसा कमाते हैं पर दो नंबरी कारोबारी बिना मेहनत किए आनंद का जीवन जीता है. नीतीश ने 500 और 1000 रूपये के नोट पर प्रतिबंध लगाए जाने से लोगों को हो रही कठिनाई की ओर इशारा करते हुए कहा कि इसका ठीक ढंग से कारगर उपाए निकाला जाना चाहिए.
उन्होंने राजग नीत केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोट पर प्रतिबंध लगाए जाने से बैंकों, डाकघरों और एटीएम के बाहर लंबी कतारों की ओर इशारा करते हुए कहा कि हम जो भी काम करते हैं उसकी सभी बारीकियों को समझने के बाद उसे अमली जामा पहनाते हैं.
नीतीश ने अपनी सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम के तहत स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, रोजगार के लिए युवाओं को दिए जाने वाले स्वयं सहायता भत्ता और कौशल विकास के लिए कंप्यूटर, अंग्रेजी-हिंदी भाषा में दक्षता के आवेदन करने वालों के लिए जिला स्तर पर बनाए गए निबंधन सह परामर्श केंद्र का उदाहरण देते हुए कहा कि इसके लिए सुविधा संपन्न भवनों का निर्माण किया गया है ताकि यहां आने वाले आवेदनकर्ताओं को लाइन में नहीं लगना पड़े और किसी प्रकार का कष्ट नहीं उठाना पड़े. उन्होंने भाजपा पर सीधे प्रहार करते हुए कहा कि चुनाव में बहुत वादे कर देते हैं. किसानों को उनकी लागत पर 50 प्रतिशत अधिक मुनाफा जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य का जो वादा किया गया. उसके बारे में अब जब लोग पूछते हैं तो उसका जवाब नहीं दिया जाता. बाद में कह दिया जाता है कि यह तो ‘जुमला’ था.
बिहार की महागठबंधन सरकार द्वारा सत्ता में आने से पूर्व सात निश्चय को लागू करने के वादे जिस पर इस सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के पूर्व की काम शुरू कर दिया गया है, जिसके बारे में नीतीश हमलोग ‘जुमला’ वाले नहीं हैं या तो कहेंगे (वादा नहीं करेंगे) नहीं और अगर कहेंगे तो उसको करेंगे. कदम पीछे नहीं हटाने वाले चाहे जो हो. जनता के बीच जाकर वही कहना चाहिए जो आप करने में सक्षम हो. जो काम आप करने में सक्षम नहीं हों वैसा वादा मत किया करिए.
नीतीश ने अपनी सरकार द्वारा बिहार में लागू की गई पूर्णशराबबंदी की चर्चा के क्रम में भ्रष्ट लोगों पर प्रहार करते हुए कहा कि ऐसे-ऐसे लोग हैं कि नि:संतान होने के बावजूद पैसे की उनकी भूख नहीं मिटती. ऐसे लोग पैसे का क्या करेंगे. कफन में पैकेट भी नहीं होता. क्या ऊपर लेकर जाएंगे. पैसा तो ऊपर साथ जाएगा नहीं. यहीं रह जाएगा. लोग सात पीढ़ी का उद्धार करने के लिए माल बनाता है और कोई है ही नहीं. ऐसी ऐसी मानसिकता के लोग हैं और तरह-तरह की उनमें बीमारी है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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