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This Article is From Feb 28, 2018

मनोज बैठा के सरेंडर के पीछे की असल कहानी है यह....

मनोज बैठा को कुछ भाजपा नेताओं के आश्वासन और पुलिस द्वारा इलाज में कोई ढील ना बरतने के वादे के बाद वह सरेंडर करने के किए राजी हुआ.

मनोज बैठा के सरेंडर के पीछे की असल कहानी है यह....
मनोज बैठा के सरेंडर की असल कहानी : 9 बच्चों की मौत का आरोपी है बैठा...
बिहार में आख़िरकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पुलिस नौ बच्चों की मौत के आरोपी मनोज बैठा को पकड़ नहीं पायी. मनोज बैठा ने सरेंडर किया और फ़िलहाल उनका इलाज पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में चल रहा है. मनोज बैठा को कुछ भाजपा नेताओं के आश्वासन और पुलिस द्वारा इलाज में कोई ढील ना बरतने के वादे के बाद वह सरेंडर करने के किए राजी हुआ.

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हालांकि मनोज बैठा ने कहा कि वो गाड़ी नहीं चला रहा था. जहां तक उन्हें पटना लाने का सवाल है, उस पर राज्य पुलिस का कहना है कि मुज़फ़्फ़रपुर में रखना आसान नहीं था क्योंकि वहां कई घायल भर्ती हैं और उनके परिवार वाले बैठा को देखकर कुछ भी कर सकते थे लेकिन बैठा के सरेंडर से फ़िलहाल राज्य सरकार की मशकिल ख़त्म होती नहीं दिखती.

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बिहार में बोलेरो से कुचलकर हुई 9 बच्चों की मौत के मामले में भाजपा नेता मनोज बैठा ने बुधवार को पुलिस स्‍टेशन जाकर सरेंडर किया. बताया जा रहा है कि मनोज बैठा ने मुजफ्फरपुर के एसपी के समक्ष सरेंडर किया है और इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है. पुलिस इस मामले में मनोज बैठा को अस्‍पताल लेकर जाएगी, जहां ये जांच की जाएगी की सड़क दुर्घटना के दौरान उसके शरीर पर चोट आई थी. इसके बाद से अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा.

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