पश्चिमी चम्पारण के रामनगर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. नेपाली टोला स्थित संजीवनी हेल्थ केयर नामक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मृतका की पहचान सोनी खातून के रूप में हुई है. घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और ससुराल पक्ष के लोग मौके से फरार हो गए, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है.
मौत की साजिश या लापरवाही?
महिला की मौत के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया है.परिजनों का आरोप है कि यह सिर्फ चिकित्सक की लापरवाही नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश है. उनका कहना है कि ऑपरेशन के दौरान सोनी खातून को जहरीला इंजेक्शन या गलत दवा दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई. संदेह तब और गहरा गया जब महिला की मौत के तुरंत बाद ससुराल पक्ष नवजात शिशु को लेकर गायब हो गया, वहीं अस्पताल स्टाफ भी क्लिनिक बंद कर फरार हो गया.
दहेज की भेंट चढ़ी सोनी ,20 लाख की गाड़ी की थी मांग
मृतका के मायके वालों ने बताया कि निकाह के बाद से ही सोनी को 20 लाख रुपये की लग्जरी गाड़ी के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. दहेज की मांग पूरी न होने के कारण ससुराल वालों ने डॉक्टर के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया है.
नेम प्लेट बड़े डॉक्टरों की इलाज झोलाछाप के हाथ से
अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, चिकित्सक नंदलाल यादव द्वारा संचालित इस क्लिनिक में बाहर तो नामी डॉक्टरों के बोर्ड लगे है,लेकिन अंदर झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा अवैध रूप से ऑपरेशन किए जा रहे है .यह अस्पताल पहले भी कई विवादों और मरीजों की मौत को लेकर चर्चा में रहा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की मॉनिटरिंग पर भी सवाल उठ रहे हैं.
एक्शन में पुलिस, FSL टीम जुटी जांच में
घटना की गंभीरता को देखते हुए SDPO रागिनी कुमारी के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई. घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने और सुरक्षित करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम को भी बुलाया गया है.पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, वहीं फरारअस्पताल संचालक और ससुराल पक्ष की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है.
इस मामले में बगहा एसपी रामानंद कुमार कौशल ने कहा, परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज किया जा चुका है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मौत की असली वजह सामने आने के बाद दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
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