- कैमूर जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय पईया में शिक्षक शराब के नशे में स्कूल आते हैं और पार्टी करते हैं
- प्रधानाध्यापक अशोक कुमार रोजाना नशे में विद्यालय पहुंचते हैं जिससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है
- बच्चों से मिड डे मील के तहत भोजन बनाने का काम कराया जाता है, जो शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ है
नशे में धुत होकर स्कूल पहुंचतें हैं टीचर
इस मामले में आरोप है कि स्कूल के प्रधानाध्यापक अशोक कुमार रोजाना शराब के नशे में धुत होकर विद्यालय पहुंचते हैं, जिससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है. नशे की हालत में शिक्षकों और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. इतना ही नहीं, मिड डे मील के तहत भोजन बनाने के काम में भी स्कूली बच्चों से काम कराया जाता है. वहीं, दूसरे शिक्षक धर्मेंद्र शर्मा पर आरोप है कि वह रात के समय बारबालाओं के साथ अश्लील हरकतें करते हुए देखे जाते हैं.
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स्कूल बन गया अय्याशी का अड्डा
इसके वीडियो और तस्वीरें भी सामने आने की बात कही जा रही है. आरोप यह भी है कि कभी स्कूल में मछली पार्टी तो कभी शराब पार्टी आयोजित की जाती है, जिससे विद्यालय की गरिमा तार‑तार हो रही है. शिक्षकों की इस कथित कार्यशैली से बच्चे और अभिभावक बेहद परेशान हैं. उनका कहना है कि जब शिक्षा के मंदिर में इस तरह की गतिविधियां होंगी तो बच्चों पर इसका गलत असर पड़ेगा और उनका भविष्य खतरे में पड़ जाएगा. मामले को लेकर काइमूर जिला शिक्षा पदाधिकारी रंजन कुमार ने कहा है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी.
आरोप सही पाए जाने पर दोनों शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अब बड़ा सवाल यह है कि अगर शिक्षा के मंदिर में शराब, मछली पार्टी और अश्लील हरकतें होती रहेंगी तो बिहार के बच्चे क्या सीखेंगे? जब शिक्षक ही मर्यादा तोड़ते नजर आएंगे तो समाज का निर्माण कैसे होगा. फिलहाल मामला शिक्षा विभाग तक पहुंच चुका है, अब देखना होगा कि दोषी शिक्षकों पर क्या कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाता है.
(एनडीटीवी के लिए प्रमोद कुमार की रिपोर्ट)
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