गोताखोरों ने नाव पर सवार कई लोगों को सुरक्षित निकाल लिया
- पतंग उत्सव में शामिल होने आए थे लोग
- SDRF ने कई लोगों को बचाया
- मुख्यमंत्री नीतीश ने दिए हादसे की जांच के आदेश
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पटना:
पटना के सबलपुर दियारा में शनिवार को गंगा नदी में 40 लोगों को ले जा रही एक नाव के डूब जाने से अब तक 24 लोगों की मौत की खबर है. 10 लोगों को बचा लिया गया है जिनमें से छह को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. गोताखोर लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं. यह हादसा शाम करीब 6:30 बजे हुआ. लोग पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित पतंग उत्सव में शामिल होने पहुंचे थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना नौका हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए दो लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है.
इस मामले में सरन जिले के सोनेपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हो गई है. एक शिकायत मनोरंजन पार्क के मालिक के खिलाफ हुई है जो बिना किसी अनुमति के इस पार्क का संचालन कर रहा था और इसी के पास यह दुर्घटना हुई है. साथ ही नाव मालिक के खिलाफ भी शिकायत हुई है जिसने जरूरत से ज्यादा लोग बोट में बैठा लिए थे. हादसे की औपचारिक जांच शुरू हो चुकी है और पर्यटन विभाग के अधिकारी जिन्होंने पतंग महोत्सव का आयोजन किया था, वह इस दुर्घटना के लिए मनोरंजन पार्क के मालिक को दोषी ठहरा रहे है.
जिस जगह दुर्घटना हुई है, उसे गंगा दियारा कहते हैं और यहीं पर तीन-दिवसीय पतंग उत्सव आयोजित हुआ था. यह दुर्घटना संभवत: नौका पर अधिक लोगों के सवार होने के कारण हुई.
पढ़ें - रात भर रुका रहा अभियान
लोगों को गांधी घाट से एक क्रूज पर वहां लाया गया था और यह सेवा मुफ्त थी. हादसे की जगह पर बचावकर्मियों की मदद के लिए दूसरे नावों से स्थानीय लोग भी पहुंचे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं. आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत के नेतृत्व में पटना जोन के डीआईजी शालीन और जिलाधिकारी संजय अग्रवाल हादसे के कारणों की जांच करेंगे. मुख्यमंत्री ने पटना जिला प्रशासन को मृतकों के परिवार वालों को मुआवजे देने का निर्देश भी दिया है.
(इनपुट भाषा से भी)
इस मामले में सरन जिले के सोनेपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हो गई है. एक शिकायत मनोरंजन पार्क के मालिक के खिलाफ हुई है जो बिना किसी अनुमति के इस पार्क का संचालन कर रहा था और इसी के पास यह दुर्घटना हुई है. साथ ही नाव मालिक के खिलाफ भी शिकायत हुई है जिसने जरूरत से ज्यादा लोग बोट में बैठा लिए थे. हादसे की औपचारिक जांच शुरू हो चुकी है और पर्यटन विभाग के अधिकारी जिन्होंने पतंग महोत्सव का आयोजन किया था, वह इस दुर्घटना के लिए मनोरंजन पार्क के मालिक को दोषी ठहरा रहे है.
जिस जगह दुर्घटना हुई है, उसे गंगा दियारा कहते हैं और यहीं पर तीन-दिवसीय पतंग उत्सव आयोजित हुआ था. यह दुर्घटना संभवत: नौका पर अधिक लोगों के सवार होने के कारण हुई.
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लोगों को गांधी घाट से एक क्रूज पर वहां लाया गया था और यह सेवा मुफ्त थी. हादसे की जगह पर बचावकर्मियों की मदद के लिए दूसरे नावों से स्थानीय लोग भी पहुंचे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं. आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत के नेतृत्व में पटना जोन के डीआईजी शालीन और जिलाधिकारी संजय अग्रवाल हादसे के कारणों की जांच करेंगे. मुख्यमंत्री ने पटना जिला प्रशासन को मृतकों के परिवार वालों को मुआवजे देने का निर्देश भी दिया है.
(इनपुट भाषा से भी)
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