- बिहार के नालंदा के शीतला माता मंदिर में भगदड़ के कारण आठ महिलाओं की मौत और कई घायल हुए हैं
- बिहार सरकार ने मृतकों के परिवारों को छह लाख रुपये मुआवजे का तत्काल ऐलान किया है
- हादसे के बाद एंबुलेंस देर से पहुंची, जिससे बचाव कार्य में बाधा आई और सवाल उठे हैं
बिहार के नालंदा के शीतला माता मंदिर में आज हुए दर्दनाक हादसे ने 8 महिलाओं की जान ले ली. इस घटना में कई लोगों के घायल होने की भी खबर है. बिहार सरकार ने तत्काल हादसे की गंभीरता को समझते हुए 6-6 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है. इस बीच वहां मौजूद चश्मदीदों ने हादसे की कहानी सुनाई है. एक महिला ने रोते हुए बताया कि भगदड़ मचते ही लोग एक-दूसरे के पैरों के नीचे कुचले जा रहे थे. वहां भारी भीड़ भी थी. एक शख्स ने लोगों के बीपी शुगर बढ़ने को इस हादसे का कारण बताया है.
कैमरे पर नहीं थम रहे थे आंसू
मीडिया से बात करते वक्त शीतला माता मंदिर में हादसे के वक्त मौजूद महिला ने रोते-रोते सारी आपबीती सुनाई. महिला ने बताया कि मंदिर के अंदर काफी भीड़ थी. हम चार लोग पटना से आए थे, लेकिन भीड़ में हम एक-दूसरे से अलग हो गए.लोग एक-दूसरे के पैरों के नीचे कुचले जा रहे थे. भगदड़ की घटना को याद करते हुए एक महिला श्रद्धालु के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे.
#WATCH | Nalanda, Bihar: A devotee breaks down as she recounts the stampede at Maa Sheetla Mandir.
— ANI (@ANI) March 31, 2026
"There was a massive crowd. Four of us had come from Patna. We got separated from each other. People were trampled on..." pic.twitter.com/F1WlgcOEW2
एंबुलेंस तुरंत क्यों नहीं उपलब्ध कराई?
हादसे के एक और चश्मदीद गुड्डू सिंह ने बताया कि मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी थी.लोगों के पास मंदिर के अंदर जाने तक की जगह नहीं थी. तेज धूप थी और चूंकि ज्यादातर लोग सुबह-सुबह खाली पेट थे, इसलिए कुछ लोगों का बीपी लो हो गया और कुछ अन्य बेहोश हो गए, इसके अलावा और कुछ नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि एंबुलेंस बहुत देर से पहुंची. उसने पूछा कि आखिर तुरंत एंबुलेंस क्यों उपलब्ध नहीं कराई गई?
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क्यों थी इतनी भीड़?
नालंदा के शीतला माता मंदिर हादसे पर सीएम नीतीश कुमार ने दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के लिए 6-6 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. घायलों को इलाज के लिए मॉडल अस्पताल भेजा गया है. चैत्र महीने का आज आखिरी मंगलवार है. इसको लेकर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर में जुटी थी. ये मंदिर बिहारशरीफ (नालंदा) से लगभग 5 किलोमीटर दूर मघड़ा गांव में स्थित है. चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी (शीतला अष्टमी) को मुख्य पूजा होती है. परंपरा है कि शीतला अष्टमी के दिन घरों में चूल्हा नहीं जलता है. भक्त माता को एक दिन पहले बना ठंडा भोजन (बासी) भोग लगाते हैं. अष्टमी के दिन यहां भारी भीड़ होती है, लोग लंबी कतारों में लगकर माता के दर्शन करते हैं.
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