प्रतीकात्मक फोटो
- सोशल मीडिया के बेजा इस्तेमाल से परेशान सरकारें
- लोगों से की बिहार सरकार ने अपील
- सावधानी बरतने की दी सलाह
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पटना:
बिहार सरकार ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग से तंग आकर रविवार को आम लोगों से एक अपील जारी की है. इसमें लोगों से भ्रामक सूचनाओं और अफ़वाहों के प्रचार प्रसार का माध्यम बनने से बचने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं. राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी इस अपील के तहत सोशल मीडिया पर वाइरल हो रही किसी अफ़वाह को शेयर, रीट्वीट या पोस्ट ना करने की अपील की गई है. इसके अलावा किसी वीडियो या पेज को सब्सक्राइब या फ़ॉलो करने में भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई हैं. इसके अलावा तनाव पैदा करने वाले वीडियो या फ़ोटो अपलोड डाउनलोड ना करने की सलाह दी गई है.
इसके बाद सरकार ने इस विज्ञापन के ज़रिये लोगों को झूठे प्रचार, अफ़वाह या तनाव में शामिल होने पर तीन साल की सज़ा और जुर्माना के अलावा आईटी ऐक्ट के तहत एक अपराध को दोहराने पर पांच साल की सज़ा और 10 लाख के जुर्माना का प्रावधान का याद दिलाया है.
दरअसल बिहार में नीतीश कुमार सरकार सोशल मीडिया के माध्यम से सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने के प्रयास से परेशान है. इसलिए अब सार्वजनिक रूप से वो लोगों को इस विषय पर जागरूक करने का काम कर रही है. राज्य में हाल में उप-चुनाव के बाद अररिया में एक वाइरल वीडीओ के आरोप में तीन लोगों की गिरफ़्तारी हुई. बाद में एक दूसरा वीडियो आया जिससे पहले वाला वीडिओ नक़ली साबित हुआ. लेकिन राज्य सरकार ने बिना किसी जांच के इन लोगों को गिरफ़्तार किया जिससे राज्य सरकार की जमकर आलोचना हुई.
इसके बाद सरकार ने इस विज्ञापन के ज़रिये लोगों को झूठे प्रचार, अफ़वाह या तनाव में शामिल होने पर तीन साल की सज़ा और जुर्माना के अलावा आईटी ऐक्ट के तहत एक अपराध को दोहराने पर पांच साल की सज़ा और 10 लाख के जुर्माना का प्रावधान का याद दिलाया है.
दरअसल बिहार में नीतीश कुमार सरकार सोशल मीडिया के माध्यम से सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने के प्रयास से परेशान है. इसलिए अब सार्वजनिक रूप से वो लोगों को इस विषय पर जागरूक करने का काम कर रही है. राज्य में हाल में उप-चुनाव के बाद अररिया में एक वाइरल वीडीओ के आरोप में तीन लोगों की गिरफ़्तारी हुई. बाद में एक दूसरा वीडियो आया जिससे पहले वाला वीडिओ नक़ली साबित हुआ. लेकिन राज्य सरकार ने बिना किसी जांच के इन लोगों को गिरफ़्तार किया जिससे राज्य सरकार की जमकर आलोचना हुई.
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