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This Article is From Dec 13, 2019

क्या नागरिकता संशोधन बिल के बाद अब एनआरसी पर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पलटी मारेंगे?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोकसभा से लेकर राज्यसभा तक नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) पर अपनी बात पर कायम रहे. हालांकि उनके इस फैसले पर विरोध का स्वर खुद उनकी पार्टी (जदयू) के भीतर से शुरू हुआ.

क्या नागरिकता संशोधन बिल के बाद अब एनआरसी पर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पलटी मारेंगे?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन किया था. (फाइल फोटो)
  • नीतीश कुमार ने किया था नागरिकता बिल का समर्थन
  • एनआरसी पर क्या होगा बिहार के मुख्यमंत्री का स्टैंड?
  • बीजेपी नेताओं को CM के साथ आने का भरोसा
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पटना:

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोकसभा से लेकर राज्यसभा तक नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) पर अपनी बात पर कायम रहे. हालांकि उनके इस फैसले पर विरोध का स्वर खुद उनकी पार्टी (जदयू) के भीतर से शुरू हुआ. प्रशांत किशोर, पवन वर्मा और गुलाम रसूल बलियाबी ने इस बिल की मुखालफत की. दिल्ली से लेकर पटना तक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता अब दावा कर रहे हैं कि नागरिकता संशोधन बिल (CAB) के बाद अब नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स ऑफ इंडिया (NRC) पर भी उनका (जनता दल यूनाइटेड) सहयोग और समर्थन जरूर मिलेगा. बीजेपी नेताओं का कहना है कि सीएम नीतीश कुमार के समर्थन में अब इसलिए कोई अड़चन नहीं दिखती क्योंकि उनकी पार्टी के अधिकांश नेता और कार्यकर्ता बीजेपी के साथ किसी विवादास्पद मुद्दे पर अनायास विवाद नहीं चाहते हैं.

नागरिकता बिल का विरोध करने पर नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर पर निशाना साधने के लिए BJP को दिया जिम्मा? 

धारा 370 के बाद नीतीश कुमार को इस बात का अहसास हो गया था, इसलिए एक बार बिल पास होने के बाद उनकी पार्टी के सुर बदल गए.बीजेपी नेता कहते हैं कि मुख्यमंत्री को यह गलतफहमी नहीं है कि उनके विरोध करने से राज्य में मुस्लिम मतदाताओं का उनके प्रति रूख वही रहेगा, जो बीजेपी का मुस्लिम समुदाय के लिए है. इसका सबूत है कि हाल ही में राज्य में हुए विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव, जिसके दौरान धारा 370 पर विरोध के बावजूद मुस्लिम वोटर का रूख जदयू के उम्मीदवारों के प्रति विरोध का था और राजद उम्मीदवार उनकी पहली पसंद थे, इसलिए नीतीश कुमार को मालूम है कि बिहार की कुर्सी पर अगर बने रहना है तो बीजेपी के साथ अनायास विवाद करना चुनावी साल में घातक हो सकता है.

नागरिकता संशोधन बिल: प्रशांत किशोर के बाद अब पवन वर्मा भी नीतीश कुमार के फैसले से खुश नहीं

जनता दल यूनाइटेड के नेता कहते हैं कि फिलहाल एनआरसी के मुद्दे पर बोलने और फैसला लेने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन उनका कहना है कि सीएम नीतीश कुमार के बारे में 'पलटी मारने' जैसे शब्दों का इस्तेमाल गलत है. अगर बीजेपी मुफ्ती मोहम्मद और महबूबा मुफ्ती के साथ सरकार बना सकती है और शिवसेना-कांग्रेस मिलकर सरकार बना सकते हैं तो एनआरसी के मुद्दे पर जदयू के स्टैंड को इतना तूल क्यों दिया जा रहा है.

VIDEO: प्रशांत किशोर के सवाल पर नीतीश कुमार ने दिया यह जवाब

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