बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
पटना:
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी कानून को लेकर सर्वदलीय बैठक के दौरान प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा और उसके अन्य दलों सहित विभिन्न पार्टियों की राय जानी. नीतीश ने कहा कि इस बैठक और लोकसंवाद में मिले सुझावों पर कानूनविदों की राय लेंगे और जो प्रस्ताव होगा वो सदन में लेकर आएंगे.
बिहार विधानसभा पुस्तकालय में शराबबंदी कानून पर सर्वदलीय बैठक में भाजपा नीत राजग सहित अन्य दलों के सदस्यों की राय जानने के बाद नीतीश ने कहा कि कई तरह के सुझाव आए हैं, लोक संवाद में भी सुझाव मिले हैं. इस बैठक और लोक संवाद में मिले सुझावों पर कानूनविदों की राय लेंगे जो प्रस्ताव होगा, वो सदन में लेकर आएंगे. हमलोग एकजुटता प्रदर्शित करेंगे, तो गरीबों का उद्धार होगा. हमलोगों की एकजुटता होगी तो क्रियान्वयन सहज एवं आसान हो जाएगा.
शराबबंदी कानून पर इस सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में नीतीश ने कहा कि बिहार विधानसभा एवं बिहार विधान परिषद में 2015 के उत्पाद अधिनियम में संशोधन का विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुआ था. गत 1 अप्रैल तथा 5 अप्रैल को दो अधिसूचना निर्गत हुई तथा बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हो गई. शराबबंदी को व्यापक जन समर्थन मिला और कतिपय मामलों में कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई हुई.
उन्होंने कहा कि जब शराबबंदी लागू हो गई तो कई अड़चनें आई और बाद में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा और पुराने एक्ट के स्थान पर नया कानून लाया गया. बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद विधेयक 2016 को बिहार विधानमंडल द्वारा गत 4 अगस्त को पारित किया गया तथा राज्यपाल द्वारा 7 सितंबर को इसे स्वीकृति प्रदान की गई.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बिहार विधानसभा पुस्तकालय में शराबबंदी कानून पर सर्वदलीय बैठक में भाजपा नीत राजग सहित अन्य दलों के सदस्यों की राय जानने के बाद नीतीश ने कहा कि कई तरह के सुझाव आए हैं, लोक संवाद में भी सुझाव मिले हैं. इस बैठक और लोक संवाद में मिले सुझावों पर कानूनविदों की राय लेंगे जो प्रस्ताव होगा, वो सदन में लेकर आएंगे. हमलोग एकजुटता प्रदर्शित करेंगे, तो गरीबों का उद्धार होगा. हमलोगों की एकजुटता होगी तो क्रियान्वयन सहज एवं आसान हो जाएगा.
शराबबंदी कानून पर इस सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में नीतीश ने कहा कि बिहार विधानसभा एवं बिहार विधान परिषद में 2015 के उत्पाद अधिनियम में संशोधन का विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुआ था. गत 1 अप्रैल तथा 5 अप्रैल को दो अधिसूचना निर्गत हुई तथा बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हो गई. शराबबंदी को व्यापक जन समर्थन मिला और कतिपय मामलों में कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई हुई.
उन्होंने कहा कि जब शराबबंदी लागू हो गई तो कई अड़चनें आई और बाद में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा और पुराने एक्ट के स्थान पर नया कानून लाया गया. बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद विधेयक 2016 को बिहार विधानमंडल द्वारा गत 4 अगस्त को पारित किया गया तथा राज्यपाल द्वारा 7 सितंबर को इसे स्वीकृति प्रदान की गई.
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