Bihar News: सफर के दौरान किसी अनजान व्यक्ति का जरूरत से ज्यादा मददगार बन जाना कभी-कभी भारी पड़ सकता है. बिहार के आरा रेलवे स्टेशन पर एक ऐसा ही शातिर गिरोह सक्रिय था जो फिल्मी अंदाज में यात्रियों को अपना शिकार बना रहा था. यह गिरोह पहले यात्रियों से दोस्ती गाठता था और फिर रुमाल में बंधे नकली नोटों का लालच देकर उनकी गाढ़ी कमाई उड़ा लेता था. इस बार जीआरपी और आरपीएफ की मुस्तैदी ने इस गैंग की चालाकी को नाकाम कर दिया. संयुक्त छापेमारी में पुलिस ने गिरोह के दो शातिर सदस्यों को रंगे हाथ दबोच लिया है.
ऐसे हुआ इस बड़ी साजिश का पर्दाफाश
इस पूरे गिरोह का खुलासा बुधवार को हुआ जब दो अलग-अलग पीड़ितों ने आरा रेलवे पुलिस से शिकायत दर्ज कराई. पहले पीड़ित रोहतास के जमसोना गांव के जितेंद्र राम थे जो दिल्ली से जनसाधारण एक्सप्रेस द्वारा आरा पहुंचे थे और ठगों ने उनके बैग से 9,600 रुपये उड़ा दिए थे. दूसरे पीड़ित भोजपुर के कटाईबोझ गांव के मन्नू कुमार थे जिनसे गिरोह ने मोबाइल और सोने का लॉकेट ठग लिया था. दोनों घटनाओं के तार एक ही गैंग से जुड़े होने के कारण पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई.
रुमाल और नोटों की गड्डी का जाल
पुलिस पूछताछ में इस गिरोह के काम करने का जो तरीका सामने आया वह बेहद चौंकाने वाला है. गिरोह का पहला सदस्य स्टेशन पर अकेले या सीधे-साधे दिखने वाले यात्रियों को चिन्हित कर उनसे बातचीत शुरू करता था. जब यात्री उस पर पूरा भरोसा कर लेता था तभी गिरोह का दूसरा सदस्य वहां से एक रुमाल गिराकर गुजरता था. इसके तुरंत बाद तीसरा सदस्य रोते-बिलखते हुए आता था और चिल्लाता था कि उसका हजारों रुपये से भरा रुमाल कहीं गिर गया है.
लालच देकर सामान पार करने की कला
इसके बाद पीड़ित के पास बैठा नकली दोस्त उसे पट्टी पढ़ाता था कि तुम जाकर उस रुमाल उठाने वाले से पैसे मांगो और आधा-आधा बांट लो. जैसे ही लालच में आकर यात्री अपने बैग और सामान को छोड़कर रुमाल वाले व्यक्ति की तरफ जाता था, पीछे से उसका असली कीमती सामान लेकर यह पूरा गिरोह नौ दो ग्यारह हो जाता था. जितेंद्र और मन्नू को भी इसी जाल में फंसाया गया था.
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और बरामदगी
शिकायत मिलने के तुरंत बाद जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने पीड़ितों को साथ लेकर पूरे स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म और प्रतीक्षालय में सघन चेकिंग अभियान चलाया. इसी दौरान पीड़ितों ने दो संदिग्धों को पहचान लिया जिन्हें पुलिस ने घेराबंदी करके दबोच लिया. पकड़े गए आरोपियों की पहचान भोजपुर के मौली निवासी सुनील डोम और विशाल राम के रूप में हुई है. इनके पास से ठगी के 9,800 रुपये नकद, दो मोबाइल और सोने का लॉकेट बरामद हुआ है.
गिरोह का एक सदस्य अब भी फरार
गिरफ्तार ठगों ने कबूल किया है कि वे लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे. इस घटना में उनका एक तीसरा साथी भी शामिल था जो पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा. रेलवे पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में होने वाली कई अन्य चोरियों और ठगी के मामलों का भी खुलासा होगा. फिलहाल फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है.
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