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अनंत सिंह समर्थक लहरा रहा था AK पैटर्न का प्रतिबंधित हथियार, पुलिस ने दर्ज की संगीन धाराओं में FIR

अनंत सिंह पर पहले जो केस हुआ था, वह भी बिल्कुल इसी तरह के प्रतिबंधित हथियार को रखने के लिए ही हुआ था. उस केस में सजा सुनाए जाने के बाद उनकी विधायकी भी रद्द हो गई थी. अब दोबारा उनकी मौजूदगी में ऐसी ही राइफल का दिखना उनके लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकता है.

अनंत सिंह समर्थक लहरा रहा था AK पैटर्न का प्रतिबंधित हथियार, पुलिस ने दर्ज की संगीन धाराओं में FIR
अनंत सिंह पर दर्ज हुई एक और एफआईआर. (फाइल फोटो)
IANS

Bihar News: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें दो वायरल वीडियो ने बढ़ा दी हैं. पहले वीडियो में बार-बालाओं का अश्लील डांस हो रहा है, जिसमें अनंत सिंह कुर्सी पर बैठे ताली बजाते नजर आ रहे हैं. जबकि दूसरे वीडियो में भोजपुरी गानों पर दर्जन भर लोग हाथों में हथियार लेकर डांस करते दिख रहे हैं, जिनके बीच से अनंत सिंह भी गुजर रहे हैं. इन वीडियो के आधार पर पुलिस ने पहले ही FIR दर्ज कर ली है, लेकिन अब 'AK पैटर्न वाले हथियार' का एंगल सामने आते ही कार्रवाई की चर्चाएं और तेज हो गई हैं.

गोपालगंज के कार्यक्रम का वीडियो

ये वीडियो बीते 2 और 3 मई को गोपालगंज के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में गुड्डू राय के घर पर आयोजित उपनयन संस्कार कार्यक्रम के बताए जा रहे हैं. इस कार्यक्रम में अनंत सिंह अपने लाव-लश्कर के साथ पहुंचे थे. गोपालगंज एसपी विनय तिवारी ने इन वीडियो की साइबर सेल से जांच कराई तो पता चला कि अनंत सिंह के समर्थकों के हाथों में एक 'AK पैटर्न' की प्रतिबंधित राइफल नजर आ रही है. इसके साथ ही कुछ लोग लाइसेंसी हथियार भी हवा में लहरा रहे हैं, जो शस्त्र अधिनियम का उल्लंघन है.

किन धाराओं में दर्ज हुई FIR

इन्हीं वीडियो के आधार पर मीरगंज थाने के पुलिस अवर निरीक्षक नवीन कुमार की शिकायत पर अनंत सिंह, गुड्डू राय, गुंजन सिंह, उत्सव राय, प्रियांशु राय, विशाल राय और सुनील यादव समेत 9 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की ली गई है. इनके खिलाफ आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई संगीन धाराओं में केस दर्ज हुआ है. फिलहाल, पुलिस उस शख्स की पहचान करने में जुटी है जिसके हाथ में यह खतरनाक एके पैटर्न की राइफल थी. वीडियो को फॉरेंसिक (FSL) जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है.

कैसी होती है AK पैटर्न की राइफल?

AK का पूरा नाम 'Avtomat Kalashnikova' है. इस पैटर्न की बंदूकों का मतलब उन सभी राइफलों से है जो AK-47 के डिजाइन और तकनीक पर आधारित होती हैं. यह एक फुली-ऑटोमैटिक असॉल्ट राइफल होती है, जिसका मतलब है कि एक बार ट्रिगर दबाए रखने पर इसमें से अंधाधुंध गोलियों की बौछार होने लगती है. इसकी मारक क्षमता बेहद खतरनाक होती है और यह कीचड़ या पानी में भी जल्दी खराब नहीं होती. भारत में आर्म्स एक्ट (शस्त्र अधिनियम), 1959 के तहत इसे प्रतिबंधित बोर (Prohibited Bore) की श्रेणी में रखा गया है. देश का कोई भी आम नागरिक इसे रखने का लाइसेंस नहीं ले सकता. इसका इस्तेमाल सिर्फ सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के स्पेशल कमांडो ही कर सकते हैं.

जब 'AK-47' ने ही छीन ली थी अनंत सिंह की विधायकी

बताते चलें कि अनंत सिंह पर पहले जो केस हुआ था, वह भी बिल्कुल इसी तरह के प्रतिबंधित हथियार को रखने के लिए ही हुआ था. अगस्त 2019 में पटना पुलिस ने बाढ़ इलाके में स्थित अनंत सिंह के पैतृक गांव 'लदमा' वाले घर पर छापेमारी की थी. इस छापेमारी में उनके घर से एक AK-47 राइफल, दो हैंड ग्रेनेड (बम) और 26 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे. इसी प्रतिबंधित हथियार को अवैध रूप से छिपाकर रखने के जुर्म में कोर्ट ने उन्हें आर्म्स एक्ट और विस्फोटक अधिनियम के तहत दोषी पाया था और 10 साल की सजा सुनाई थी. इसी सजा के चलते उनकी विधायकी भी रद्द हो गई थी. अब दोबारा उनकी मौजूदगी में ऐसी ही राइफल का दिखना उनके लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकता है.

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