बिहार में डॉक्टरों समेत सभी मेडिकल कर्मचारियों की छुट्टियां मई के आखिर तक रद्द कर दी गई हैं. हालांकि मातृत्व अवकाश को इसमें शामिल नहीं किया गया है. बिहार सरकार ने 362 ऐसे डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है जो बिना किसी पूर्व सूचना के अपने काम से अनुस्थित हैं. उनसे इस वैश्विक महामारी के समय अपनी अनुपस्थिति की वाजिब वजह बताने को कहा गया है.
उधर, बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि प्रदेश के 38 में से किसी भी जिले को ग्रीन जोन में नहीं रखा गया है और लोगों से घरों में ही रहने की अपील की है. इसके साथ ही पुलिस प्रमुख ने यह भी कहा कि आवश्यक एवं सरकारी सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों को देख कर यह अंदाजा नहीं लगायें कि लॉकडाउन में किसी प्रकार की छूट दी गई है.
पांडेय ने कहा, 'प्रदेश के सभी 38 जिले या तो रेड जोन में हैं या फिर ऑरेंज जोन में हैं. रेड जोन में सख्ती से प्रतिबंध जारी हैं जबकि ऑरेंज जोन में स्थानीय प्रशासन कुछ गतिविधि की अनुमति दे सकता है.' पुलिस महानिदेशक ने कहा कि आने वाले कुछ दिन बहुत अधिक महत्वपूर्ण होने जा रहे हैं क्योंकि बड़ी संख्या में लोग बाहर से अपने घरों को लौट रहे हैं और उनमें से बहुत से ऐसे भी हो सकते हैं जो अनजाने में कोरोना वायरस लेकर आ रहे हों. पुलिस अधिकारी ने कहा, 'अगर हम अपने को बचाते हैं तो हम बिहार को बचायेंगे.'
(इनपुट: भाषा से भी)
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